राजस्थान पंचायत चुनाव: कई गांवों में मतदान का बहिष्कार, परिसीमन और आरक्षण को लेकर नाराजगी
राजस्थान में मंगलवार को हुए पंचायती राज संस्थाओं के पहले चरण के चुनाव में कई जगहों पर ग्रामीणों ने स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जोधपुर, पाली और कोटा…
राजस्थान में मंगलवार को हुए पंचायती राज संस्थाओं के पहले चरण के चुनाव में कई जगहों पर ग्रामीणों ने स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जोधपुर, पाली और कोटा के कई गांवों के निवासियों ने परिसीमन और आरक्षण से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर वोट नहीं डाला। वहीं, कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में आई तकनीकी खराबी के कारण मतदान प्रक्रिया में कुछ देर के लिए रुकावट भी आई।
यह चुनाव राज्य के 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के लिए हो रहे हैं, जिसमें कुल 85,07,306 मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं। इस दौरान उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने जयपुर के मौजमाबाद पंचायत समिति के श्रीनिवासपुरा गांव में अपने परिवार के साथ मतदान किया।
ग्रामीणों के बहिष्कार की वजह क्या है?
पाली: जिले के रानी पंचायत समिति के दुथरिया गांव के लोग अपने गांव को इटंद्रा मेडतियान में मिलाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नए पंचायत तक पहुंचने के लिए 9 किलोमीटर का लंबा और घुमावदार रास्ता है, जो जंगल से होकर जाता है। इसी तरह, सोजत पंचायत समिति के नेपावास गांव के निवासी अपने वार्ड को वार्ड-1 से वार्ड-3 में बदले जाने से नाराज़ हैं।
जोधपुर: शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मंगल सिंह नगर ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए ओबीसी आरक्षण का विरोध हो रहा है। ग्रामीणों का तर्क है कि 1,052 मतदाताओं वाली इस पंचायत में एक भी वोटर ओबीसी वर्ग से नहीं है। स्थानीय विधायक बाबूसिंह राठौर समेत प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को मनाने के प्रयास में जुटे हैं।
कोटा: इटावा क्षेत्र के चक-टोडी तोडीखेड़ली गांव के लोग अपनी ग्राम पंचायत बदले जाने से नाराज़ हैं। उन्हें पहले पास की ढिपरी चंबल ग्राम पंचायत से हटाकर 11 किलोमीटर दूर सिनोटा में जोड़ दिया गया है, जिससे खासकर बुज़ुर्गों को परेशानी हो रही है।
EVM खराबी और अन्य घटनाएं
मतदान के दौरान कुछ जगहों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी की भी खबरें आईं। कोटा की सांगोद पंचायत समिति के कुराडिया खुर्द केंद्र पर करीब 15 मिनट और पाली के बागड़ी नगर पंचायत के केंद्र पर लगभग एक घंटे तक मतदान रुका रहा। दोनों जगहों पर मशीन बदलने के बाद मतदान फिर से शुरू हो सका। इसके अलावा, बीकानेर के एक बूथ पर कतार में खड़े एक मतदाता की तबीयत खराब हो गई, जबकि बाड़मेर में एक कांग्रेस उम्मीदवार की मृत्यु के बाद उनका नाम ईवीएम से हटाने की सूचना जारी की गई।
कुल 6,926 उम्मीदवार मैदान में हैं, जहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। हालांकि, कई सीटों पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी), भारतीय आदिवासी पार्टी (बीएपी) और निर्दलीय उम्मीदवार भी मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं।
इनपुट: IANS



