विपक्ष पर केंद्रीय मंत्री का पलटवार: 'झूठे नैरेटिव से फायदा उठाने की कोशिश', SIR को लेकर साधा निशाना
केंद्रीय कानून व न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष पर 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने और झूठे नैरेटिव गढ़ने का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली…
केंद्रीय कानून व न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष पर 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने और झूठे नैरेटिव गढ़ने का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने कहा कि विपक्ष लोगों के बीच कड़ी मेहनत करने के बजाय, इस तरह के झूठे विमर्श गढ़कर फायदा उठाना चाहता है।
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मेघवाल ने 2024 के चुनावों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, "यह एक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश है, झूठ बोलो और भाग जाओ। कभी-कभी, ऐसा झूठा नैरेटिव गढ़ने से उन्हें फायदा भी होता है।" उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने चुनाव के दौरान यह झूठा नैरेटिव फैलाया कि अगर भाजपा सत्ता में वापस आती है, तो वह संविधान बदल देगी और आरक्षण खत्म कर देगी, जो कि गलत था।
SIR पर विपक्ष का दोहरा रवैया
SIR की प्रक्रिया पर विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह मुद्दा बिहार से शुरू हुआ था और इस पर संसद के दोनों सदनों में विस्तार से चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा, "हमने बार-बार कहा है कि देश में एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा है। जब आप (विपक्ष) एसआईआर कराते हैं तो वह स्वीकार्य होता है लेकिन जब हम ऐसा करते हैं तो वह गलत हो जाता है। इस तरह का बर्ताव स्वीकार्य नहीं है।"
केरल का दिया उदाहरण
मेघवाल ने इस संदर्भ में केरल के कांग्रेस नेताओं के बयानों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा, "अगर 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) कोई मुद्दा होता, तो केरल में कांग्रेस नेता यह न कहते कि इसके बिना वे चुनाव नहीं जीत पाते। केरल के नेताओं ने कहा है कि वे एसआईआर की वजह से जीते हैं। राहुल गांधी को यह बात समझनी चाहिए और उनके बयानों पर ध्यान देना चाहिए।"
सहकारी संघवाद पर राष्ट्रीय सम्मेलन
यह बातचीत अर्जुन राम मेघवाल द्वारा विज्ञान भवन में विधि आयोग के एक राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के अवसर पर हुई। सम्मेलन के विषय में उन्होंने बताया कि इसमें सहकारी संघवाद की परिभाषा और व्याख्या पर विभिन्न दृष्टिकोणों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, "आज की कार्यशाला में सही दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। हम पूरे दिन इस बात पर चर्चा करेंगे कि भारत के संघीय ढांचे को लेकर संविधान निर्माताओं की क्या सोच थी।"
इनपुट: IANS



