भागलपुर: गंगा के कटाव से निपटने की बड़ी तैयारी, धारा मोड़ने के लिए ड्रेजिंग मशीन का होगा इस्तेमाल
बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के बढ़ते कटाव और बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं। सबसे बड़ी चुनौती राघोपुर में सामने आई है, जहाँ गंगा की प्रचंड धारा सीधे तटबंध…
बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के बढ़ते कटाव और बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं। सबसे बड़ी चुनौती राघोपुर में सामने आई है, जहाँ गंगा की प्रचंड धारा सीधे तटबंध पर दबाव बना रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने नदी की मुख्य धारा का रुख मोड़ने की योजना बनाई है। इसके लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) की ड्रेजिंग मशीन का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है।
अधिकारियों का मानना है कि ड्रेजिंग के जरिए नदी के बहाव को कटाव वाली जगह से दूर किया जा सकता है। ऐसा करने से तटबंध पर पानी का दबाव कम होगा और मरम्मत कार्य के लिए बेहतर माहौल बन सकेगा। फिलहाल, तेज धारा के कारण क्षतिग्रस्त हिस्से तक पहुँचना और बाढ़ निरोधक कार्य करना बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
युद्धस्तर पर चल रहा है बचाव कार्य
जिले के कई अन्य संवेदनशील इलाकों में भी कटाव रोकने का काम युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन ने इन जगहों पर अतिरिक्त बल, भारी मशीनरी, तकनीकी विशेषज्ञ और मजदूरों को तैनात किया है। जल संसाधन विभाग की विशेषज्ञ टीमें लगातार इन स्थलों का निरीक्षण कर रही हैं और उनके सुझावों के आधार पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। रेलवे बांध के संरक्षण के साथ-साथ महादेवपुर घाट, ब्रह्मस्थान और ‘ई-नोज’ जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी सुरक्षात्मक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
शीट पाइलिंग को बताया ठोस समाधान
बाढ़ प्रमंडल के मुख्य अभियंता जय प्रकाश ने IANS को बताया कि कटाव से प्रभावित आबादी और जगहों को बचाने के लिए शीट पाइलिंग एक ठोस माध्यम है। उन्होंने कहा, "जो बांध ध्वस्त हुआ है, वह जमींदारी बांध है। जहाँ खड़े हैं, वह रेलवे लाइन का पुराना बांध है, जो ठीक गंगा नदी किनारे है। इसी जगह लंबाई में सीट पाइलिंग कर बांध को बचाया जा सकता है।" प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी जरूरी काम समय पर पूरे कर लिए जाएँ ताकि बाढ़ और कटाव के नुकसान को कम किया जा सके।
इनपुट: IANS



