बुधवार, 1 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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अस्पताल जाने से पहले आपको मालूम होने चाहिए ये सारे अधिकार

जब आप अपना इलाज करने अस्पताल जाते है तो क्या आप को मालूम है, एक उपभोक्ता के नाते क्या सब है आप का अधिकार | आज हम आप को बताते है क्या सब है आप का अधिकार | ऐसे…

अस्पताल जाने से पहले आपको मालूम होने चाहिए ये सारे अधिकार
जब आप अपना इलाज करने अस्पताल जाते है तो क्या आप को मालूम है, एक उपभोक्ता के नाते क्या सब है आप का अधिकार | आज हम आप को बताते है क्या सब है आप का अधिकार | ऐसे तो ईश्वर न करे की किसी को भी कभी अस्‍पताल में भर्ती होने की नौबत आए, जाने-मने डॉक्टर अरुण गदरे और डॉक्टर अभय शुक्ल अपनी किताब 'डिसेंटिंग डायग्नोसिस' में लिखते हैं कि स्वास्थ्य सेवाएं देना किसी सामान बेचने जैसा नहीं है। डॉक्टर और मरीज का रिश्ता ख़ास होता है, जहां डॉक्टर मरीज की ओर से कई फैसले लेता है। डॉक्टर गदरे और अभय शुक्ल अपनी इस किताब में मरीज़ों के अधिकारों और ज़िम्मेदारियों की बात की है | Before you go to the hospital you must know all these rights 4 1. इमरजेंसी मेडिकल मदद का अधिकार :- अगर कोई व्यक्ति नाजुक स्थिति में अस्पताल पहुंचता है तो सरकारी और गैर-सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की जिम्मेदारी है कि उस व्यक्ति को तुरंत जरूरी इलाज दी जाए। इसका मतलब है सांस लेने में आ रही किसी दिक्कत को हटाना, खून के नुकसान की जांच करना, नसों के माध्यम से मरीज को तरल पदार्थ देना आदि। जान बचने के के लिए की गई पूरी प्रतिक्रिया के बाद ही अस्पताल मरीज से पैसे मांग सकते हैं या फिर पुलिस को जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। Before you go to the hospital you must know all these rights 1 2. बिना भेद-भाव पूरी देखभाल का अधिकार :- किसी भी सरकारी और गैर-सरकारी अस्‍पताल में किसी मरीज के साथ उसकी जाति, वर्ण, पद, धर्म या उम्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता। इलाज के लिए अस्‍पताल जाने वाले हर व्‍यक्ति इन पैमानों पर एक जैसा है। अगर इस तरह का कोई भेदभाव होता है तो आप उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। Before you go to the hospital you must know all these rights 9 3. मेडिकल रिपोर्ट्स, रिकॉर्ड्स पर अधिकार :- कोई भी अस्पताल मरीज को उसके मेडिकल रिकॉर्ड या रिपोर्ट देने से मना नहीं कर सकता. किसी भी मरीज या फिर उसके साथ वाले व्यक्ति को अधिकार है कि अस्पताल से अपने मरीज से जुड़े सभी मेडिकल रिपोर्ट्स और रिकॉर्ड्स की फ़ोटोकॉपी ले सकता है । ये फोटोकॉपी अस्पताल को भर्ती करने के 24 घंटे के बाद और डिस्चार्ज होने के 72 घंटे के भीतर दी जानी चाहिए।  Before you go to the hospital you must know all these rights 7 4. खर्च की जानकारी का अधिकार :- सभी मरीजों और उसके साथ वाले व्यक्ति को अस्पताल के द्वारा जानकारी दी जानी चाहिए कि उनको क्या बीमारी है और इलाज का क्या नतीजा निकलेगा। साथ ही मरीज को इलाज पर कितना खर्च आएगा, उसके फ़ायदे और नुकसान और इलाज के विकल्पों के बारे में बताया जाना चाहिए। Before you go to the hospital you must know all these rights 3 5. दूसरे डॉक्टर से सलाह लेने का अधिकार :- अगर आप किसी डॉक्टर के तरीके तथा इलाज से ख़ुश नहीं हैं तो आप किसी दूसरे डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। ऐसे में ये अस्पताल को सभी मेडिकल और डायग्नोस्टिक रिपोर्ट मरीज को उपलब्ध करवानी चाहिए। किसी दूसरे डॉक्टर की सलाह उस वक्त महत्वपूर्ण हो जाती है जब बीमारी से जान को खतरा हो, या फिर डॉक्टर जिस लाइन पर इलाज सोच रहा है उस पर सवाल हो। Before you go to the hospital you must know all these rights 5 6. इलाज की गोपनीयता का अधिकार :- इलाज के दौरान डॉक्टर्स को कुछ ऐसी बातें पता होती हैं जिसका ताल्लुक मरीज़ की निजी ज़िंदगी से होता है. डॉक्टर का फर्ज़ है कि वो इन जानकारियों को गोपनीय रखे. Before you go to the hospital you must know all these rights 8 7. मंज़ूरी लेने से पहले पूरी जानकारी का अधिकार :- किसी भी बड़े सर्जरी या ऑपरेशन से पहले, डॉक्टर को मरीज या उसके साथ वाले व्यक्ति से ये पूछना जरूरी है की वो ये सर्जरी या ऑपरेशन करना चाहते है या नहीं | उसके बाद डॉक्टर का फर्ज है कि वो मरीज या फिर उसका ध्यान रखने वाले व्यक्ति को सर्जरी के दौरान होने वाले मुख्य खतरों के बारे में बताए और जानकारी देने के बाद सहमति पत्र पर दस्तखत करवाए। Before you go to the hospital you must know all these rights 2 8. मेडिकल स्टोर या डायग्नोस्टिक सेंटर चुनने का अधिकार :- आज के सभी मरीजों की ये आम शिकयत है की डॉक्टर उन्हें दवा की पर्ची देने के साथ साथ कहते है कि वो अस्पताल की ही दुकान से दवा खरीदें या फिर अस्पताल में ही डायग्नॉस्टिक टेस्ट करवाएं. अस्पताल के द्वारा ऐसा करना गलत है क्योंकि ये मरीजों के अधिकारों का हनन है | मरीजो को आज़ादी है कि वो टेस्ट जहां से चाहे, वहीं से करवाए. मेडिकल काउंसिल ऑफ़ इंडिया की नीति के मुताबिक़, जहां तक संभव हो, अस्पताल में डॉक्टर के द्वारा दवाई का वैज्ञानिक (जेनेरिक) नाम ही लिखा जाना चाहिए, न कि किसी कंपनी के ब्रैंड का नाम. Before you go to the hospital you must know all these rights 6 2 9. अस्पताल से डिस्चार्ज का अधिकार :- कई बार देखा गया है कि अस्पताल बिल पूरा नहीं दे पाने की सूरत में लाश तक नहीं ले जाने देते। कभी-कभी अगर अस्पताल का पूरा बिल न अदा किया गया हो तो मरीज को अस्पताल छोड़ने नहीं दिया जाता है।
RB

Rohit Bhadola

रोहित भदोला News4Social के संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम को कवर करते हैं, और पाठकों को संतुलित व तथ्यपरक जानकारी देने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। सभी लेख देखें →

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