बागपत: स्वाइन फ्लू के खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क, जिला अस्पताल समेत सभी CHC में बेड आरक्षित
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्वाइन फ्लू की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) तक…
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्वाइन फ्लू की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) तक विशेष इंतजाम किए गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, विभाग ने मरीजों के समय पर इलाज के लिए पर्याप्त संख्या में बेड आरक्षित करने के साथ-साथ दवाइयों और जांच किट की उपलब्धता भी सुनिश्चित की है।
अस्पतालों में क्या हैं तैयारियां?
बागपत के सीएमसी डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने बताया कि जिला चिकित्सालय में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए विशेष तौर पर 12 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा, जिले के हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी छह-छह बेड इसी उद्देश्य के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वाइन फ्लू से जुड़ी जरूरी दवाएं और जांच किट उपलब्ध करा दी गई हैं और फिलहाल किसी भी तरह की कोई कमी नहीं है।
किन लक्षणों पर दें विशेष ध्यान?
डॉ. वार्ष्णेय के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही हो सकते हैं, जिनमें बुखार, गले में खराश और सर्दी लगना शामिल है। इसी वजह से लोग अक्सर इसे मामूली वायरल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, अगर सांस लेने में तकलीफ होने लगे या गले की समस्या बढ़ जाए तो इसे गंभीरता से लेना बेहद जरूरी हो जाता है।
कौन हैं ज्यादा जोखिम में?
स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेताया है कि वैसे तो स्वाइन फ्लू आमतौर पर जानलेवा नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह गंभीर साबित हो सकता है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) वाले लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। डॉ. अनुराग ने बताया कि जिन मरीजों को पहले से गुर्दे, हृदय या डायबिटीज जैसी बीमारियां हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि उनमें संक्रमण तेजी से गंभीर हो सकता है। ऐसे लोगों को सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण दिखने पर भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, ताकि समय पर जांच और इलाज शुरू हो सके।
इनपुट: IANS



