अनुच्छेद 370 के बाद सुरक्षा सुधरी, पर जम्मू-कश्मीर में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं: सांसद मोहम्मद हनीफा जान
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात साल बाद, लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान ने कहा है कि सुरक्षा स्थिति में सुधार तो हुआ है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने का दावा नहीं किया जा सकता…
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात साल बाद, लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान ने कहा है कि सुरक्षा स्थिति में सुधार तो हुआ है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने का दावा नहीं किया जा सकता। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ण राज्य का दर्जा छीनकर इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने से लोगों में लोकतांत्रिक अधिकार कमजोर होने की भावना आई है।
सांसद के अनुसार, 1990 के दशक की तुलना में आतंकी घटनाओं में कमी आई है और विरोध-प्रदर्शनों पर भी नियंत्रण हुआ है। उन्होंने कहा, "जम्मू, पुंछ, राजौरी और अन्य इलाकों में अब भी समय-समय पर घटनाएं सामने आती हैं। हालांकि, सुरक्षा की स्थिति में सुधार जरूर हुआ है लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति का दावा नहीं किया जा सकता।"
लद्दाख की स्थिति और विकास
हनीफा जान ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख का बजट तो बढ़ा है और विकास कार्यों में भी तेज़ी आई है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि नौकरशाही का दखल बढ़ने से स्थानीय लोगों की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी कम हो गई है। उन्होंने बताया कि लद्दाख में भी एक बड़ा वर्ग केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा नहीं चाहता था और लोकतांत्रिक भागीदारी कम होने की शिकायत आज भी बनी हुई है।
युवाओं के मुद्दे और चिंताएं
सांसद ने युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख में लगभग पांच वर्षों तक भर्तियां रुकी रहीं, जिससे युवाओं में भारी निराशा फैली। नीट पेपर लीक मामले में सोनम वांगचुक के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि वांगचुक का आंदोलन किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि देश भर के छात्रों के समर्थन में था। उन्होंने कहा, "लद्दाख को गर्व है कि वहां की एक शख्सियत युवाओं के अधिकारों के लिए अपनी जान को भी जोखिम में डालने से गुरेज नहीं करते हैं।"
इनपुट: IANS



