गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

अखिलेश यादव का भाजपा पर निशाना: 'नेशन फर्स्ट नहीं, डोनेशन फर्स्ट' नीति, चंदे के लिए आस्था से खिलवाड़ का आरोप

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने 53वें जन्मदिन के मौके पर केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के लिए राष्ट्रहित से बढ़कर चुन

अखिलेश यादव का भाजपा पर निशाना: 'नेशन फर्स्ट नहीं, डोनेशन फर्स्ट' नीति, चंदे के लिए आस्था से खिलवाड़ का आरोप
(फोटो: IANS)

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने 53वें जन्मदिन के मौके पर केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के लिए राष्ट्रहित से बढ़कर चुनावी चंदा प्राथमिकता बन गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यादव ने अयोध्या राम मंदिर विवाद से लेकर पेपर लीक तक कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।

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इस अवसर पर उन्होंने पार्टी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'पीडीए स्वाभिमान सहयोग' नाम से एक अभियान शुरू करने की भी घोषणा की। इस पहल के तहत, पार्टी समर्थक क्यूआर कोड के माध्यम से न्यूनतम 20 रुपए का योगदान दे सकेंगे, जिसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना है।

सरकार की प्राथमिकता पर सवाल

अखिलेश यादव ने भाजपा पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा, "भाजपा की नजर नेशन पर नहीं, डोनेशन पर है। इनके लिए 'नेशन फर्स्ट' नहीं, 'डोनेशन फर्स्ट' है।" उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े मुद्दों ने आस्था और श्रद्धा के साथ खिलवाड़ किया है, जिससे पूरे देश में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार चंदे और अन्य विवादों की आड़ में पेपर लीक जैसे गंभीर विषयों को दबा रही है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों का भविष्य संकट में है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों की कमजोर स्थिति के कारण छात्र कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हो गए हैं, लेकिन सरकार उन पर भी दबाव बना रही है। यादव ने कहा कि जो भी सरकार से सवाल करता है, उसके खिलाफ सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है।

धर्म और संविधान का अपमान

उन्होंने भाजपा पर हमलावर होते हुए कहा कि पार्टी के "शब्दकोष में न धर्म है और न शर्म।" यादव ने आरोप लगाया कि संतों का अपमान हो रहा है, प्राथमिक विद्यालय बंद किए जा रहे हैं और यहां तक कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में भी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बदहाल हैं।

राम मंदिर और संविधान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान राम भारतीय संस्कृति के आदर्श हैं, जबकि संविधान लोकतंत्र की मर्यादा का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने धर्म, संविधान, आस्था और श्रद्धा, सभी के साथ विश्वासघात किया है। अखिलेश यादव ने कहा कि भगवान राम सभी सनातनियों के आराध्य हैं, लेकिन भाजपा उनके नाम पर सिर्फ राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, जिसे जनता समझ रही है और समय आने पर जवाब देगी।

इनपुट: IANS

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