नलखेड़ा हादसा: 8 श्रद्धालुओं की मौत के बाद 12 कर्मचारी बर्खास्त, प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के लोग
मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में हुए दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। पिछले हफ्ते बगलामुखी मंदिर के पास एक बरसाती नाले में कार बह जाने से आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई…
मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में हुए दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। पिछले हफ्ते बगलामुखी मंदिर के पास एक बरसाती नाले में कार बह जाने से आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जिसके बाद अब मंदिर प्रशासन ने 12 अस्थायी कर्मचारियों को हटा दिया है। हालांकि, स्थानीय निवासी इसे बड़ी प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार से अनिश्चितकालीन नगर बंद का आह्वान किया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना 19 सितंबर को हुई जब ओडिशा से दर्शन के लिए आए सात श्रद्धालुओं और उनके ड्राइवर की कार मंदिर के पास एक नाले के तेज बहाव में बह गई। बताया जा रहा है कि ड्राइवर पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सका और गाड़ी नाले में समा गई। हादसे के कई दिनों बाद, शनिवार सुबह पानी का स्तर कम होने पर राहगीरों ने कार देखी और पुलिस को सूचित किया। बचाव अभियान के दौरान कार से 3 बच्चों, 2 महिलाओं और 3 पुरुषों समेत कुल आठ शव बरामद किए गए।
कर्मचारियों पर कार्रवाई, अधिकारियों पर सवाल
हादसे के बाद मां बगलामुखी मंदिर प्रशासन ने पार्किंग व्यवस्था में लगे 12 अस्थायी कर्मचारियों को लापरवाही का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। हटाए गए कर्मचारियों में तंवर सिंह, युवराज सिंह, जितेन्द्र सिंह, हितेश गवली, हेमंत लोहार, कृष्णपाल सिंह, अजय, संजय धाकड़, विकास गहलोत, रवि पुष्पद, संजू सूर्यवंशी और अंकित बैरागी शामिल हैं।
लेकिन इस कार्रवाई से स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि असली लापरवाही अधिकारियों की है। लोगों का कहना है कि जिस नाले पर यह हादसा हुआ, वहां प्रशासन की ओर से न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, न ही बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई सुरक्षाकर्मी तैनात था। वे इस कार्रवाई को बड़े अधिकारियों को बचाने की कोशिश मान रहे हैं।
विरोध में अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान
प्रशासनिक लापरवाही के विरोध में नलखेड़ा के निवासियों ने रविवार से शहर को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मंदिर में हर साल लाखों लोग आते हैं, लेकिन बुनियादी सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं किए गए हैं। उनका मानना है कि अगर मौके पर चेतावनी की व्यवस्था होती तो इन आठ लोगों की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल, प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में लगा है।
इनपुट: IANS



