रेकी, मास्क और बिना नंबर प्लेट की मोपेड… सूरत लूटकांड में ऐसे रची गई थी पूरी प्लानिंग, 3 गिरफ्तार h3>
गुजरात के सूरत शहर में फिल्मी अंदाज में हुई 8 लाख रुपये की लूट की वारदात का क्राइम ब्रांच ने महज दो दिन में खुलासा कर दिया है. गोडादरा इलाके में स्थित रामदेव ट्रेडर्स के कर्मचारी से चाकू और डंडे के बल पर लूट की गई थी. मामले की जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड फर्म का ही एक पूर्व कर्मचारी था, जिसने नौकरी से निकाले जाने के बाद अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची थी.
सूरत क्राइम ब्रांच ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें मुख्य आरोपी जयदीप बाबूभाई कवाड भी शामिल है, जो पहले रामदेव ट्रेडर्स में काम करता था. पुलिस ने एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार है.
यह भी पढ़ें: सूरत: दो बसों की जोरदार टक्कर, एक के उड़े परखच्चे, दूसरे में लगी आग, 6 की मौत
पुलिस जांच में पता चला कि जयदीप को फर्म में आने-जाने वाली रकम, दुकान खुलने और बंद होने का समय और कर्मचारियों की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी. इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने वारदात की साजिश तैयार की.
तीन दिन तक की रेकी, फिर वारदात को दिया अंजाम
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क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपियों ने वारदात से पहले लगातार तीन दिनों तक इलाके की रेकी की थी. योजना के तहत जयदीप ने अपने दोस्त गोपी साटिया को भी शामिल किया, जिसने वारदात में इस्तेमाल होने वाला मोपेड उपलब्ध कराया.
4 जून को जब रामदेव ट्रेडर्स का कर्मचारी रुपये से भरा कलेक्शन बैग लेकर फर्म की ओर जा रहा था, तभी मोपेड सवार आरोपियों ने उसका पीछा शुरू कर दिया. कुछ ही देर बाद दो आरोपी उसके पास पहुंचे और उसे घेर लिया.
आरोपियों ने कर्मचारी पर लकड़ी के डंडों और चाकू से हमला कर दिया. मारपीट के बाद वे रुपये से भरा बैग छीनकर भागने लगे. इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन तीसरे आरोपी ने दोनों को मोपेड पर बैठाया और सभी वहां से फरार हो गए.
CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
लूट की पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी. फुटेज में साफ दिखाई दिया कि आरोपी पहले से कर्मचारी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे.
वीडियो में यह भी देखा गया कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था. पुलिस से बचने के लिए उन्होंने मोपेड की नंबर प्लेट भी हटा दी थी.
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान शुरू की. इसके बाद तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के जरिए आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली.
पूर्व कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड
जांच में सामने आया कि जयदीप कवाड को कुछ समय पहले रामदेव ट्रेडर्स से नौकरी से निकाल दिया गया था. इसी बात से नाराज होकर उसने बदला लेने और कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की योजना बनाई.
पुलिस के मुताबिक जयदीप ने अपने साथियों राजदीप झालाभाई चावड़ा, गोपी साटिया और एक नाबालिग के साथ मिलकर पूरी साजिश तैयार की थी. वारदात के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के बीच पहले से रकम बांटने की भी बात तय हो चुकी थी.
क्राइम ब्रांच ने जयदीप बाबूभाई कवाड (23), गोपी मुन्नाभाई साटिया (21) और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है. वहीं आरोपी राजदीप चावड़ा अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है.
2.86 लाख का माल बरामद
सूरत क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के कब्जे से कुल 2.86 लाख रुपये मूल्य का माल बरामद किया है. इसमें 1.86 लाख रुपये नकद शामिल हैं.
इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई करीब 50 हजार रुपये कीमत की सुजुकी एक्सेस मोपेड भी जब्त कर ली गई है. पुलिस ने 50 हजार रुपये कीमत के तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं.
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी और बाकी रकम की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
DCP भावेश रोजिया ने क्या बताया?
सूरत क्राइम ब्रांच के DCP भावेश रोजिया ने बताया कि 4 जून को गोडादरा क्षेत्र में रामदेव ट्रेडर्स के कर्मचारी से लगभग 8 लाख रुपये लूटे गए थे. घटना के बाद मामला गोडादरा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था.
उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर और एडिशनल पुलिस कमिश्नर (क्राइम) के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमों ने मामले की जांच शुरू की थी. जांच के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर जे.जी. पटेल और PSI विशाल को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली.
इसके आधार पर पुलिस ने कोसामड़ा-वलथाण रोड स्थित गरनाला पुलिया के नीचे से जयदीप कवाड, गोपी साटिया और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
—- समाप्त —-
गुजरात के सूरत शहर में फिल्मी अंदाज में हुई 8 लाख रुपये की लूट की वारदात का क्राइम ब्रांच ने महज दो दिन में खुलासा कर दिया है. गोडादरा इलाके में स्थित रामदेव ट्रेडर्स के कर्मचारी से चाकू और डंडे के बल पर लूट की गई थी. मामले की जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड फर्म का ही एक पूर्व कर्मचारी था, जिसने नौकरी से निकाले जाने के बाद अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची थी.
सूरत क्राइम ब्रांच ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें मुख्य आरोपी जयदीप बाबूभाई कवाड भी शामिल है, जो पहले रामदेव ट्रेडर्स में काम करता था. पुलिस ने एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार है.
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पुलिस जांच में पता चला कि जयदीप को फर्म में आने-जाने वाली रकम, दुकान खुलने और बंद होने का समय और कर्मचारियों की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी. इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने वारदात की साजिश तैयार की.
तीन दिन तक की रेकी, फिर वारदात को दिया अंजाम
क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपियों ने वारदात से पहले लगातार तीन दिनों तक इलाके की रेकी की थी. योजना के तहत जयदीप ने अपने दोस्त गोपी साटिया को भी शामिल किया, जिसने वारदात में इस्तेमाल होने वाला मोपेड उपलब्ध कराया.
4 जून को जब रामदेव ट्रेडर्स का कर्मचारी रुपये से भरा कलेक्शन बैग लेकर फर्म की ओर जा रहा था, तभी मोपेड सवार आरोपियों ने उसका पीछा शुरू कर दिया. कुछ ही देर बाद दो आरोपी उसके पास पहुंचे और उसे घेर लिया.
आरोपियों ने कर्मचारी पर लकड़ी के डंडों और चाकू से हमला कर दिया. मारपीट के बाद वे रुपये से भरा बैग छीनकर भागने लगे. इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन तीसरे आरोपी ने दोनों को मोपेड पर बैठाया और सभी वहां से फरार हो गए.
CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
लूट की पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी. फुटेज में साफ दिखाई दिया कि आरोपी पहले से कर्मचारी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे.
वीडियो में यह भी देखा गया कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था. पुलिस से बचने के लिए उन्होंने मोपेड की नंबर प्लेट भी हटा दी थी.
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान शुरू की. इसके बाद तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के जरिए आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली.
पूर्व कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड
जांच में सामने आया कि जयदीप कवाड को कुछ समय पहले रामदेव ट्रेडर्स से नौकरी से निकाल दिया गया था. इसी बात से नाराज होकर उसने बदला लेने और कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की योजना बनाई.
पुलिस के मुताबिक जयदीप ने अपने साथियों राजदीप झालाभाई चावड़ा, गोपी साटिया और एक नाबालिग के साथ मिलकर पूरी साजिश तैयार की थी. वारदात के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के बीच पहले से रकम बांटने की भी बात तय हो चुकी थी.
क्राइम ब्रांच ने जयदीप बाबूभाई कवाड (23), गोपी मुन्नाभाई साटिया (21) और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है. वहीं आरोपी राजदीप चावड़ा अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है.
2.86 लाख का माल बरामद
सूरत क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के कब्जे से कुल 2.86 लाख रुपये मूल्य का माल बरामद किया है. इसमें 1.86 लाख रुपये नकद शामिल हैं.
इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई करीब 50 हजार रुपये कीमत की सुजुकी एक्सेस मोपेड भी जब्त कर ली गई है. पुलिस ने 50 हजार रुपये कीमत के तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं.
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी और बाकी रकम की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
DCP भावेश रोजिया ने क्या बताया?
सूरत क्राइम ब्रांच के DCP भावेश रोजिया ने बताया कि 4 जून को गोडादरा क्षेत्र में रामदेव ट्रेडर्स के कर्मचारी से लगभग 8 लाख रुपये लूटे गए थे. घटना के बाद मामला गोडादरा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था.
उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर और एडिशनल पुलिस कमिश्नर (क्राइम) के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमों ने मामले की जांच शुरू की थी. जांच के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर जे.जी. पटेल और PSI विशाल को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली.
इसके आधार पर पुलिस ने कोसामड़ा-वलथाण रोड स्थित गरनाला पुलिया के नीचे से जयदीप कवाड, गोपी साटिया और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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