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ग्वालियर में आरक्षक की मौत हादसा या हत्या?: पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया, बोला- इंसानियत के नाते बाइक पर बैठाया – Gwalior News

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ग्वालियर में आरक्षक की मौत हादसा या हत्या?:  पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया, बोला- इंसानियत के नाते बाइक पर बैठाया – Gwalior News

ग्वालियर में आरक्षक की मौत हादसा या हत्या?: पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया, बोला- इंसानियत के नाते बाइक पर बैठाया – Gwalior News


ग्वालियर में शिवपुरी लिंक रोड स्थित प्रस्तावित नवीन लोहा मंडी के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिले डीआरपी लाइन के आरक्षक अंकित तोमर के शव मामले में पुलिस को अहम सुराग मिला है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उस युवक को हिरासत में लिया है, जो आरक्षक को आखिरी बार अपनी बाइक पर बैठाकर घटनास्थल की ओर ले जाता दिखाई दिया था। हालांकि पूछताछ में युवक ने जो कहानी बताई है, उस पर पुलिस को भरोसा नहीं है। सीसीटीवी से मिला अहम सुराग आरक्षक अंकित तोमर के लापता होने और बाद में शव मिलने के बाद पुलिस की दो टीमें जांच में जुटी थीं। शहरभर के सीसीटीवी कैमरों की जांच में पता चला कि अंकित दो दिन पहले रात करीब साढ़े 10 बजे बस स्टैंड पर उतरे थे। इसके बाद वे डीबी मॉल क्षेत्र में दिखाई दिए। जांच आगे बढ़ी तो कंपू स्थित जैन पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में अंकित एक युवक के साथ नजर आए। फुटेज में युवक उन्हें अपनी बाइक पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया। फुटेज और बाइक नंबर के आधार पर पुलिस ने युवक की पहचान सालूपुरा निवासी होतम सिंह के रूप में की। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में होतम सिंह ने बताया कि अंकित तोमर उसे जैन पेट्रोल पंप के पास घायल और बदहवास हालत में मिले थे। इंसानियत के नाते उसने उन्हें बाइक पर बैठाया था। सुनसान जगह छोड़कर चला गया होतम के मुताबिक, रास्ते में अंकित ने फ्रेश होने की बात कही। इसके बाद वह उन्हें शिवपुरी लिंक रोड स्थित नवीन लोहा मंडी के पास ले गया। वहां अंकित झाड़ियों की ओर चले गए और वह पास में बैठकर खाना खाने लगा। बाद में वह अंकित को वहीं छोड़कर अपने घर चला गया। पुलिस को कहानी पर शक पुलिस को होतम की कहानी पर कई कारणों से संदेह है। यदि अंकित घायल थे तो उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय सुनसान इलाके में क्यों ले जाया गया। घटनास्थल पर भारी मात्रा में खून मिला था और आरक्षक का टखना भी बुरी तरह टूटा हुआ था। पुलिस का मानना है कि ऐसी स्थिति में किसी व्यक्ति का सामान्य रूप से चल पाना मुश्किल है। साथ ही घायल पुलिसकर्मी को रात में अकेला छोड़कर चले जाना भी संदेह पैदा करता है। कई एंगल से जांच पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मामला सड़क दुर्घटना का है, किसी विवाद में मारपीट का है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की पूछताछ के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, होतम सिंह आखिरी व्यक्ति है जो आरक्षक अंकित तोमर के साथ देखा गया था। उसके बयानों में कई विरोधाभास हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

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