DNT समाज का जेल भरो आंदोलन, ऊंटों पर पहुंचे कलेक्ट्री: 11 सूत्री मांगें रखीं; जयपुर में 1 जुलाई को महापड़ाव की चेतावनी – Banswara News h3>
बांसवाड़ा में शुक्रवार को डीएनटी समाज, वंचित ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के हितों को लेकर बड़ा जन-आक्रोश देखने को मिला। राष्ट्रीय पशुपालक संघ, डीएनटी संघर्ष समिति एवं मूल ओबीसी महापंचायत के संयुक्त तत्वाधान में जिले में विशाल ‘जेल भरो आंदोलन’ का आयोजन किया गया। झुलसाने वाली भीषण गर्मी और तेज धूप की परवाह न करते हुए हजारों की संख्या में आंदोलनकारी सड़कों पर उतरे और रैली के रूप में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को अपनी 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यह आंदोलन अब प्रदेश के हर जिले में पहुंचेगा और आगामी 1 जुलाई को राजधानी जयपुर में एक बड़े महापड़ाव के रूप में तब्दील हो जाएगा। डीएनटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष लालजी राईका ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य डीएनटी समाज की 11 सूत्री मांगों को पूरा करवाना है। उन्होंने कहा हमारी प्रमुख मांग डीएनटी समाज को अलग से 10% आरक्षण देने की है, जिसकी सिफारिश पूर्व में रेनके और ईदाते आयोग कर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी आरक्षण के उपवर्गीकरण की वकालत करते हुए डीएनटी को ‘ए’ वर्ग में रखने की बात कही है। राजस्थान में हमारी आबादी करीब 15% (1.23 करोड़) है, लेकिन हमें हक नहीं मिल रहा।” इसके अलावा समाज ने 10% राजनीतिक भागीदारी, आवास के पट्टे, जमीन और शिक्षा की व्यवस्था करने की भी पुरजोर मांग की है। सरकार के सामने रखीं 3 प्रमुख शर्तें: सीएम स्तर पर हो वार्ता: दूसरे दौर की बातचीत सीधे मुख्यमंत्री के स्तर पर आयोजित की जाए। समाधान पर हो चर्चा: 5 दिसंबर को पहले दौर की वार्ता में प्रेजेंटेशन दिया जा चुका है, अब सरकार समाधान का रोडमैप बताए। समय तुरंत तय हो: वार्ता की तिथि और समय की घोषणा सरकार अविलंब करे। ”वादों से मुकरी सरकार, दमन के विरोध में खुद जेल जाने को तैयार” संघर्ष समिति के सह-अध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बालराई (पाली) में हुए महा-पड़ाव के बाद सरकार ने 3 महीने का समय मांगा था, लेकिन 5 महीने बीत जाने के बाद भी कोई सुध नहीं ली गई। उल्टा आंदोलनकारियों का दमन करते हुए 78 लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए और 6 लोगों को 18 दिन तक जेल में रखा गया। इसी दमनकारी नीति के विरोध में अब पूरा वंचित समाज खुद जेल जाने को तैयार है। राष्ट्रीय पशुपालक संघ के जिलाध्यक्ष प्रभु जी राईका ने युवाओं को हक मिलने तक संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। जैसलमेर से जयपुर तक गूंजेगी आवाज, ये प्रमुख लोग रहे मौजूद नेताओं ने कहा कि अब यह लड़ाई थमने वाली नहीं है, जैसलमेर से लेकर जयपुर तक पूरा वंचित वर्ग एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाएगा। इस महा-आंदोलन में ललिता गाड़िया लुहार, पूजा गाड़िया लुहार, धर्मा गाड़िया लुहार, सुभाष कालबेलिया (जिलाध्यक्ष), राजेश नाथ पंवार (प्रदेशाध्यक्ष डीएनटी, मप्र), सुरेश नाथ कालबेलिया (महासचिव), नरेंद्र नाथ, गोवर्धन कालबेलिया, ओमप्रकाश, प्रभुनाथ महाराज, मुकेश, जोरानाथ, पोपटनाथ, प्रभु राम (डीएनटी महासचिव), नरेश बनजारा, बालचंद लबाना, महिपाल नाथ रावल (डूंगरपुर), रघुनाथ रेबारी, कानाराम देवासी, दिनेश सपेरा, बाबूनाथ, विनोद कुमार नट (अध्यक्ष नट समाज), बंशी जी रेबारी, भंवर रेबारी (अध्यक्ष रैक्ट, मेवाड़), ललित रेबारी, रमन, मदन और रामू रेबारी सहित हजारों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
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