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बकस्वाहा नगर परिषद कर्मचारियों को चार महीने से वेतन नहीं: 53 लाख से ज्यादा बकाया, 20 महीने में आठ सीएमओ बदले जाने से बढ़ी अव्यवस्था – Chhatarpur (MP) News
बकस्वाहा नगर परिषद कर्मचारियों को चार महीने से वेतन नहीं: 53 लाख से ज्यादा बकाया, 20 महीने में आठ सीएमओ बदले जाने से बढ़ी अव्यवस्था – Chhatarpur (MP) News h3>
छतरपुर जिले की नगर परिषद बकस्वाहा में पिछले चार माह से वेतन भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। फरवरी माह से नियमित, संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के खातों में वेतन नहीं पहुंचा है। इससे नगर की सफाई व्यवस्था और कार्यालय संचालन संभालने वाले कर्मचारी वेतन के लिए इंतजार करने को मजबूर हैं। नगर परिषद के वेतन अभिलेखों के अनुसार, यहां कार्यरत 53 कर्मचारियों पर प्रतिमाह लगभग 13 लाख 24 हजार 412 रुपए का वेतन व्यय आता है। इनमें 21 नियमित एवं संविदा कर्मचारियों का मासिक सकल वेतन करीब 9.30 लाख रुपए और 32 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का वेतन लगभग 3.93 लाख रुपए है। फरवरी से भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों का कुल 53 लाख रुपए से अधिक का वेतन बकाया हो चुका है। पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही वेतन न मिलने से कर्मचारियों की पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं। कई कर्मचारियों को बच्चों की फीस, घरेलू खर्च और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए उधार लेना पड़ रहा है। नगर परिषद में सबसे अधिक संख्या सफाई कर्मचारियों की है, जिनकी आजीविका पूरी तरह मासिक वेतन पर निर्भर है। लगातार चार माह से भुगतान न होने से उन्हें सबसे ज्यादा कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। यह वेतन संकट ऐसे समय में सामने आया है जब नगर परिषद पिछले करीब 20 माह से प्रशासनिक अस्थिरता से जूझ रही है। इस अवधि में एक के बाद एक आठ मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। अधिकारियों के लगातार स्थानांतरण का असर परिषद की कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जिससे कई विकास कार्य अधूरे पड़े हैं और कुछ योजनाएं गति नहीं पकड़ पाई हैं। नए CMO बोले- पूरी कोशिश रहेगा, भुगतान हो जाए
हाल ही में अक्षय गर्ग ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी के रूप में बकस्वाहा नगर परिषद का प्रभार संभाला है। कर्मचारियों और नगरवासियों को उम्मीद है कि वे सबसे पहले लंबित वेतन भुगतान की समस्या का समाधान करेंगे। परिषद के सामने वित्तीय व्यवस्था को पटरी पर लाने और विकास कार्यों को गति देने की भी बड़ी चुनौती है। अक्षय गर्ग का कहना है अभी मैंने वकस्वाहा का चार्ज लिया है। मेरा पूरा प्रयास रहेगा की सभी कर्मचारियों को वेतन समय पर मिले।