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माला मौसी की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी: रीठी स्वास्थ्य केंद्र में सुधार की मांग पर अड़ीं जिला पंचायत सदस्य – Katni News

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माला मौसी की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी:  रीठी स्वास्थ्य केंद्र में सुधार की मांग पर अड़ीं जिला पंचायत सदस्य – Katni News

माला मौसी की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी: रीठी स्वास्थ्य केंद्र में सुधार की मांग पर अड़ीं जिला पंचायत सदस्य – Katni News


कटनी जिले के रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्थाओं को सुधारने की मांग को लेकर किन्नर समुदाय से आने वाली जिला पंचायत सदस्य माला मौसी की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। वार्ड क्रमांक 9 से सदस्य माला मौसी अस्पताल परिसर के सामने धरने पर बैठी हैं। माला मौसी ने स्पष्ट किया है कि जब तक क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलतीं और उनकी जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से कोई महिला विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं है। इसके कारण पूरे क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को इलाज और प्रसव के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन स्थितियों में उन्हें दर-दर भटकना पड़ता है। माला मौसी ने आगे कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति न होने के कारण यह केंद्र महज एक रैफरल सेंटर बनकर रह गया है। मामूली बीमारियों या सामान्य प्रसव के मामलों में भी मरीजों को सीधे जिला अस्पताल रैफर कर दिया जाता है, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। कई वर्षों से जमे हैं कर्मचारी-अधिकारी आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ कुछ अधिकारी और कर्मचारी वर्षों से एक ही जगह पर जमे हुए हैं। इसके कारण उनकी कार्यप्रणाली में घोर लापरवाही और तानाशाही आ गई है। व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और सुधार लाने के लिए माला मौसी ने मांग की है कि इन लंबे समय से जमे अधिकारियों व कर्मचारियों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण किया जाए। उनकी प्रमुख मांगों में रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल महिला विशेषज्ञ डॉक्टर की स्थायी नियुक्ति, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की समय पर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना, वर्षों से एक ही पटल पर जमे कर्मचारियों व अधिकारियों का स्थानांतरण और मरीजों को बिना ठोस कारण के जिला अस्पताल रैफर करने पर रोक लगाना शामिल है। जिला पंचायत सदस्य की भूख हड़ताल का आज दूसरा दिन होने के कारण स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं दूसरी ओर, क्षेत्र की जनता और किन्नर समाज के लोग का भी इस आंदोलन को समर्थन मिल रहा है।

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