विवाहिता को गला घोंटकर मारा, फिर फांसी से सुसाइड बताया: पुलिस ने जांच के बाद किया खुलासा; पति, सास, ससुर और ननद गिरफ्तार – Ajmer News h3>
अजमेर जिले के नसीराबाद में विवाहिता ने आत्महत्या नहीं की बल्कि ससुराल वालों ने ही उसका गला घोंटकर मार दिया और बाद में उसे फांसी लगाकर सुसाइड बताया। ससुराल पक्ष ने खुद को बचाने का का प्रयास किया लेकिन पुलिस जांच में पूरी सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए पति, सास, ससुर व ननद को गिरफ्तार कर लिया। जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक व प्रोबेशनर आरपीएस सत्यप्रकाश ने बताया कि हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी काली माई मोहल्ला निवासी पति जयंत पुत्र सुभाषचंद, ससुर सुभाषचंद, सास मंजू देवी और ननद लीना पत्नी आशीष है। इनको न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चारों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज देने के आदेश दिए गए। ये था मामला
गत 28 मई को पुलिस को सूचना मिली थी कि स्थानीय काली माई मोहल्ला निवासी सोनिया पत्नी जयंत द्वारा अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाने के कारण संदिग्ध मृत्यु हो गई है। सूचना मिलने पर सिटी थाना पुलिस ने मृतका सोनिया के शव को कब्जे में लेकर मृतका के पीहर पक्ष के लोगों को सूचित किया था। जिस पर पीहर पक्ष के लोग नसीराबाद पहुंचे और मृतका के पिता जयपुर निवासी कमल कुमार पुत्र जगदीश प्रसाद ने सिटी थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उसकी पुत्री सोनिया का विवाह 22 नवंबर 2024 को काली माई मोहल्ला निवासी जयंत के साथ हुआ था। परिवादी पिता ने आरोप लगाया था कि विवाह के कुछ समय बाद उसकी पुत्री को आरोपी पति जयंत, ससुर सुभाष, सास मंजू, मासी सास सीमा और ननद लीना द्वारा उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोपी उसे विवाह के 9 माह पश्चात भी संतान नहीं होने पर ताना मारते और गाली गलौच करते तथा पीहर से 10 लाख रुपए लाने की मांग कर परेशान करते थे। परिवादी पिता का आरोप था 28 मई की दोपहर करीब 2 बजे पुत्री सोनिया से उनकी फोन पर बात हुई थी उस समय वह बिल्कुल सही और राजीखुशी थी। लेकिन शाम को सिटी थाना पुलिस ने उन्हें सूचना दी कि आपकी पुत्री सोनिया की मृत्यु हो चुकी है। परिवादी पिता कमल ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया। आरोपियों ने गला घोटकर की थी हत्या
पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर जांच करते हुए घटनास्थल का एएफएसएल टीम और एमओबी टीम को बुलाकर जुटाए साक्ष्यों और मेडिकल बोर्ड के पोस्टमार्टम के साक्ष्यों के आधार पर सामने आया कि विवाहिता की मृत्यु आत्महत्या नहीं बल्कि गला घोटकर की गई हत्या थी। लेकिन आरोपियों ने स्वंय को बचाने के लिए साक्ष्य छिपाते हुए घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। जिस पर चारों को गिरफ्तार कर लिया। ये थे पुलिस टीम में शामिल
प्रशिक्षु आरपीएस सत्यप्रकाश के नेतृत्व में गठित टीम में सिटी थानाधिकारी पंकज मांझू, सदर थाना प्रभारी अशोक बिशु, एएसआई अर्जुन कुमार, हैडकांस्टेबल रामेश्वरलाल, हैडकांस्टेबल धर्मेंद्र, हैडकांस्टेबल राजेश कुमार, कांस्टेबल राधा श्रीवास्तव, विजय सिराधना, प्रवीण मीणा, रिंकू मीणा, पूजा गैना, नवीन कुमार आदि शामिल थे। (इनपुट-सुधीर मित्तल व रियाज अहमद)
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