चित्रकूट में तीन परीक्षार्थियों पर केस: अनुचित साधनों के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई, जांच शुरू – Chitrakoot News h3>
चित्रकूट में टीजीटी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। परीक्षा में अनियमितता और अनुचित साधनों के उपयोग के आरोप में तीन परीक्षार्थियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन कार्रवाइयों के बाद सभी परीक्षा केंद्रों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। पहला मामला कोतवाली कर्वी में दर्ज किया गया है। डॉ. रणवीर सिंह चौहान, जो प्रधानाचार्य और केंद्र व्यवस्थापक हैं, ने एक परीक्षार्थी के खिलाफ तहरीर दी थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने विवेक कुमार पुत्र चंद्रपाल, निवासी जयराम नगर, खम्भापुर रोड, कोतवाली फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। विवेक पर परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने और नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है।
दूसरा मामला कृषक इंटर कॉलेज भौरी, रैपुरा से संबंधित है। यहां के केंद्राध्यक्ष रुद्रनारायण पाण्डेय की शिकायत पर थाना रैपुरा में दो अन्य परीक्षार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें दिलीप कुमार पुत्र भान सिंह और विकास सिंह पुत्र शंकर लाल शामिल हैं, जो महिचा मंदिर, खागा, जनपद फतेहपुर के निवासी हैं। इन दोनों पर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और अनुचित तरीके अपनाने के आरोप हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 की धारा 3 और 10 के तहत भी कार्रवाई की गई है। संबंधित मामलों की जांच शुरू कर दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नकल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि परीक्षा की पवित्रता भंग करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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