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चंडीगढ़ IDFC First Bank घोटोले में रिभव पर नई FIR: एनआरआई दंपती से धोखाधड़ी, बैंक अधिकारियों की भूमिका की जांच,बड़े घोटाले के बाद खुला राज – Chandigarh News

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चंडीगढ़ IDFC First Bank घोटोले में रिभव पर नई FIR:  एनआरआई दंपती से धोखाधड़ी, बैंक अधिकारियों की भूमिका की जांच,बड़े घोटाले के बाद खुला राज – Chandigarh News

चंडीगढ़ IDFC First Bank घोटोले में रिभव पर नई FIR: एनआरआई दंपती से धोखाधड़ी, बैंक अधिकारियों की भूमिका की जांच,बड़े घोटाले के बाद खुला राज – Chandigarh News


चंडीगढ़ में चर्चित बैंक घोटाले से जुड़े मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने रिभव ऋषि के खिलाफ एनआरआई बुजुर्ग दंपती से 2 करोड़ 50 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया है। शिकायत लंदन (यूके) में रह रहे दंपती तरनजीत कौर बैंस और हरबंत सिंह की ओर से दी गई है। पुलिस के अनुसार, यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक सेक्टर-22 ब्रांच के अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। मामले में एक मैनेजर समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नामजद किया गया है। निवेश और आईपीओ के नाम पर ठगी शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2020 में चंडीगढ़ स्थित अपनी कोठी बेचने के दौरान दंपती की मुलाकात रिटायर्ड बैंक अधिकारी आरके ऋषि से हुई, जिन्होंने अपने बेटे रिभव ऋषि से मिलवाया। उस समय रिभव बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात था। आरोप है कि रिभव ने दंपती को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर उनका एनआरआई खाता खुलवाया और निवेश योजनाओं व आईपीओ के नाम पर धीरे-धीरे बड़ी रकम उनके खाते से ट्रांसफर करवा ली। बाद में यह पैसा बैंक की आधिकारिक योजनाओं में लगाने के बजाय निजी कंपनियों और थर्ड पार्टी खातों में भेज दिया गया। रकम निकालने पर टालमटोल, खाता फ्रीज दंपती के अनुसार, जब उन्होंने जनवरी-फरवरी 2025 में अपने खाते से 1 करोड़ रुपये यूके ट्रांसफर करने को कहा, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। उन्हें लगातार झूठे आश्वासन दिए जाते रहे। फरवरी 2026 में उन्हें बैंक से ईमेल मिला कि उनके खाते पर 2.50 करोड़ रुपये का लियन मार्क कर दिया गया है और खाता फ्रीज कर दिया गया है। इसके अलावा 10 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि भी लियन में डाल दी गई। जांच में सामने आया कि दंपती की रकम निजी कंपनियों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर की गई। कुछ पैसा आरोपी के करीबी लोगों और यहां तक कि उसकी पत्नी के खाते में भी भेजा गया, जिसकी जानकारी दंपती को नहीं थी। बड़े घोटाले के बाद खुला राज दंपती ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए उन्हें करोड़ों रुपये के बड़े बैंकिंग घोटाले की जानकारी मिली, जिसमें रिभव ऋषि का नाम सामने आया। इसके बाद उन्होंने अपने खातों की जांच करवाई, जिसमें फर्जी लेनदेन और संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ। गौरतलब है कि फरवरी 2026 में हरियाणा सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पहले ही रिभव ऋषि को बड़े बैंक घोटाले का मास्टरमाइंड मानते हुए गिरफ्तार कर चुका है। उस समय उसकी पत्नी स्वाति सिंगला और साले अभिषेक सिंगला समेत अन्य आरोपित भी पकड़े गए थे। पुलिस कर रही गहन जांच सेक्टर-17 थाना पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और साजिश की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही रिभव को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि अन्य आरोपियों की भूमिका भी स्पष्ट हो सके।

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