Advertising
<

लापता आदिवासियों पर सवाल, मंत्री ने छोड़ी प्रेस वार्ता: कटनी भूमि घोटाले से जुड़े प्रश्नों पर हुए असहज राव उदय प्रताप सिंह – Katni News

0
लापता आदिवासियों पर सवाल, मंत्री ने छोड़ी प्रेस वार्ता:  कटनी भूमि घोटाले से जुड़े प्रश्नों पर हुए असहज राव उदय प्रताप सिंह – Katni News

लापता आदिवासियों पर सवाल, मंत्री ने छोड़ी प्रेस वार्ता: कटनी भूमि घोटाले से जुड़े प्रश्नों पर हुए असहज राव उदय प्रताप सिंह – Katni News

सवाल सुनकर प्रेसवार्ता छोड़कर जाते प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह।

कटनी में प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता बीच में छोड़ दी। यह घटना कटनी कलेक्ट्रेट कार्यालय में हुई, जब उनसे बहुचर्चित भूमि घोटाले से जुड़े लापता आदिवासियों के बारे में सवाल पूछे गए। मंत्री ने पत्रकारों के सवालों का जवा

.

पत्रकारों ने मंत्री से जिले के कथित आदिवासी भूमि घोटाले से जुड़े चार लापता आदिवासियों के संबंध में प्रश्न किए। राव उदय प्रताप सिंह ने इन सवालों का कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। उन्होंने तुरंत पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए प्रेस वार्ता समाप्त कर दी।

सवाल सुनकर असहज होते मंत्री।

प्रेसवार्ता में ये थे मौजूद

Advertising

इस प्रेस वार्ता में प्रभारी मंत्री के साथ खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा, विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक, मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल, बहोरीबंद विधायक प्रणय पांडे और कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी सहित जिले के कई प्रमुख नेता और अधिकारी मौजूद थे।

यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCSC) ने कटनी जिले के चार आदिवासियों के पास कथित तौर पर करोड़ों रुपए की संपत्ति के स्रोत की जांच का आदेश दिया। आयोग ने इस संबंध में पांच जिलों के कलेक्टरों से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी थी।

पत्रकार के सवाल पर गंभीर मुद्रा में जिले के प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह।

इनकी संपत्ति की जांच के आदेश

आयोग ने जिन आदिवासियों की संपत्ति की जांच का आदेश दिया है, उनमें नत्थू कोल (पिता: स्व. पद्दू कोल, निवासी पाठक वार्ड, कटनी), राकेश सिंह गोंड (पिता: मोलई, निवासी ग्राम-बरमानी, तहसील-बरही, कटनी) और रघुराज सिंह गोंड (पिता: श्यामलाल सिंह गोंड, निवासी ग्राम-सुतरी, तहसील-बरही, कटनी) शामिल हैं।

सबसे गंभीर पहलू यह है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा इन आदिवासियों की संपत्ति और कथित भूमि घोटाले की जांच के आदेश दिए जाने के बाद से ही ये चारों आदिवासी अपने घरों से लापता हैं।

मध्यप्रदेश की और खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे – Madhya Pradesh News