बेगूसराय में डॉक्टरों के लिए तनाव प्रबंधन कार्यक्रम: वक्ताओं ने कहा- तनाव और जीवनशैली के कारण हो रही असमय मृत्यु – Begusarai News h3>
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) बेगूसराय में डॉक्टरों के लिए तनाव प्रबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एके राय और सचिव डॉ. पंकज कुमार सिंह ने श्री भक्ति भागवत प्रमोद स्वामी का माला पहनाकर स्वागत।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री भक्ति भागवत प्रमोद स्वामी ने बताया कि किस प्रकार ध्यान-योग के नियमित अभ्यास से मन और चित्त को नियंत्रित कर तनाव से मुक्ति पाई जा सकती है। मंत्र जाप ‘हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे’ का रोज कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए।
इसमें करीब 8-9 मिनट का समय लगता है। नियमित रूप से इसका अभ्यास करने पर 10 दिनों के भीतर सकारात्मक परिवर्तन अनुभव होने लगता है। डॉ. केके सिंह द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि ध्यान एवं योग के अंतर को स्पष्ट करते हुए बताया कि दोनों एक ही हैं। उन्होंने अष्टांग योग के आठ चरणों यम, नियम, आसन, प्राणायाम प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि की जानकारी दी।
कार्यक्रम में मौजूद डॉक्टर।
औसत आयु 60 वर्ष कम होना चिंता का विषय है
आईएमए सचिव डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि चिकित्सकों का जीवन अत्यधिक तनावपूर्ण होता है। भोजन, नींद और विश्राम का कोई निश्चित समय नहीं होता। गंभीर रोगियों की चिंता, उनके परिजनों का दबाव तथा प्रतिकूल परिस्थितियों में होने वाले दुर्व्यवहार का मानसिक तनाव चिकित्सकों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है।
उन्होंने बताया कि सामान्य जनसंख्या औसत आयु 70 वर्ष की तुलना में भारतीय चिकित्सकों की औसत आयु 60 वर्ष कम होना चिंता का विषय है। अत्यधिक तनाव, लंबा कार्य समय और जीवनशैली संबंधी कारणों से कई चिकित्सक समय से पूर्व असमय मृत्यु या आत्मघाती प्रवृत्तियों के शिकार हो रहे हैं।
ऐसे में योग, ध्यान एवं मेडिटेशन आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हो गए हैं। जिन चिकित्सकों के कारण देश में आम नागरिकों की औसत आयु बढ़ी है, उन्हीं चिकित्सकों की औसत आयु कम होना अत्यंत दुखद एवं चिंताजनक है। आज का यह सत्र चिकित्सकों के लिए अत्यंत लाभकारी एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ है। भविष्य में आईएमए बेगूसराय अपने सदस्यों एवं समाज के हित में इस प्रकार के कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर आयोजित करेगा।
इस अवसर पर डॉ. शशिभूषण प्रसाद सिंह, डॉ. एसबीपी शर्मा, डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, डॉ. रंजना सिन्हा, डॉ. भाव्या, डॉ. हीरा कुमार, डॉ. अमोद कुमार, डॉ. रामरतन सिंह, डॉ. रामरेखा, डॉ. प्रभाकर ठाकुर, डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. ब्रजेश कुमार, डॉ. रमन, डॉ. अमरेंद्र एवं डॉ. मनमोहन चौधरी सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित थे।
