‘अतीक-अहमद की तरह साम्राज्य बनाना चाहता था कमरुद्दीन मियां’: मोतिहारी में मोटरसाइकिल मिस्त्री से बना अपराध का सरगना, तीसरी पत्नी को बनाया मुखिया – Motihari (East Champaran) News h3>
मोतिहारी का कुख्यात अपराधी कमरुद्दीन मियां उर्फ ढोलकवा और उसकी मुखिया पत्नी फरजाना खातून को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। कमरुद्दीन पर बिहार और अन्य राज्यों में हत्या, लूट और रंगदारी के 21 से अधिक मामले दर्ज हैं।
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कमरुद्दीन की कहानी एक मोटरसाइकिल मिस्त्री से शुरू हुई। उसकी मुलाकात कुख्यात अपराधी जितेंद्र सिंह से हुई और वह उसका करीबी बन गया। जितेंद्र की देवेंद्र दुबे से दुश्मनी थी। कमरुद्दीन ने जितेंद्र के साथ मिलकर दुबे के कई शूटरों की हत्या की। 1996 में जब दुबे ने जितेंद्र की हत्या करवा दी, तब कमरुद्दीन ने गैंग की कमान संभाल ली।
देवेंद्र दुबे।
हत्या के बाद भाग गया मुंबई
कमरुद्दीन दो बार मोतिहारी सेंट्रल जेल से फरार हुआ। अपने शूटर हैदर की हत्या के बाद वह मुंबई भाग गया। वहां फरजाना खातून से मुलाकात हुई और उसने तीसरी शादी कर ली। राजनीति में प्रवेश के लिए उसने फरजाना को मुरारपुर पंचायत से मुखिया बनवाया।
घर के पार्किंग में लगी 7 लग्जरी गाड़ियां।
बाद में उसने खुद को जमीन कारोबारी के रूप में स्थापित किया। हालांकि, हथियार और लग्जरी गाड़ियों का शौक बरकरार रखा। उसके पास फॉर्च्यूनर, स्कॉर्पियो, थार, वेन्यू समेत 7 गाड़ियां थी। वह बाउंसरों के साथ घूमता और लोगों में दहशत फैलाता था। प्रशासन ने अब उसके ठिकानों पर छापेमारी कर उसे और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
हथियार का जखीरा बरामद हुआ है।
मुखिया चुनाव से राजनीति में प्रवेश
मुरारपुर पंचायत में उपचुनाव के दौरान ढोलकवा ने तीसरी पत्नी फरजाना खातून को प्रत्याशी बनाया और भारी खर्च कर चुनाव जिताया। पत्नी के मुखिया बनने के बाद उसका प्रशासनिक दखल बढ़ा और पुलिस-प्रशासनिक दफ्तरों में उसकी पैठ बनने लगी।
दरअसल, कमरुद्दीन मियां यूपी के अतिक अहमद के तर्क पर अपना समराज स्थापित करना चाहता था। अतीक के ही जैसे ही कमरुद्दीन ने अपराध में कदम रखा, पहले कुख्यात अपराधी का चहेता बना फिर उसके हत्या के बाद खुद सरगना बना। इस दौरान कई बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम दिया।
यहां तक कि अतीक की तरह तीन शादियां भी की, फिर पत्नी को राजनीत में लाकर अपना पैठ अधिकारियों के बीच बनाने लगा।
पुलिस के सफाई दे रहा कमरुद्दीन मियां।
हथियारों का जखीरा बरामद
एसपी स्वर्ण प्रभात को गुप्त सूचना मिली कि ढोलकवा के घर बड़ी संख्या में हथियार छिपाए गए हैं। एसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई। तलाशी में ट्रंक के तहखाने से पांच लाख से अधिक की कार्बाइन, एक-एक लाख से अधिक के चार पिस्टल, सिक्सर, लाइसेंसी राइफल कई मैगजीन और सैकड़ों गोलियां बरामद हुई।
पूछताछ में उसकी निशानदेही पर धान के खेत से एक राइफल भी मिली। इसके अलावा सात लग्जरी वाहन और कई दस्तावेज जब्त किए गए।
सूत्रों के अनुसार गुप्तचर ने खासतौर पर चेतावनी दी थी कि इस अभियान की भनक हरसिद्धि थाना पुलिस तक न पहुंचे। यही कारण था कि छापेमारी पूरी तरह गोपनीय रखी गई।
धान के खेत से राइफल बरामद।
सुरक्षा के नाम पर रखा था हथियार
पूछताछ में कमरुद्दीन उर्फ ढोलकवा ने पुलिस को बताया कि उसने इतने हथियार अपनी सुरक्षा के लिए रखे थे। उसका कहना था कि पुराने दुश्मनों और बढ़ते राजनीतिक कद की वजह से उसे खतरा था। फिलहाल पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है और भी खुलासे होने की संभावना है। गिरफ्तार ढोलकवा के निषादराज पर रात भर पुलिस ने तुरकौलिया थाना क्षेत्र में छापामारी की है।





