Advertising
Home Top stories आज सुहागिन महिलाएं करेंगी तीज व्रत: पूरे दिन पूजा का मुहूर्त,...
Advertising
<

आज सुहागिन महिलाएं करेंगी तीज व्रत: पूरे दिन पूजा का मुहूर्त, अखंड सौभाग्य की कामना से करेंगी शिव-पार्वती की पूजा – Patna News

0
आज सुहागिन महिलाएं करेंगी तीज व्रत:  पूरे दिन पूजा का मुहूर्त, अखंड सौभाग्य की कामना से करेंगी शिव-पार्वती की पूजा – Patna News

आज सुहागिन महिलाएं करेंगी तीज व्रत: पूरे दिन पूजा का मुहूर्त, अखंड सौभाग्य की कामना से करेंगी शिव-पार्वती की पूजा – Patna News

अखंड सौभाग्य की कामना से सुहागिन महिलाएं आज हरितालिका तीज का व्रत करेंगी। आज हस्त नक्षत्र, साध्य योग, रवियोग, सिद्ध योग, शुभ योग, गर करण के साथ लक्ष्मी योग का संयोग बन रहा है। आज महिलाएं तीज में शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर पौराणिक कथ

.

एक हजार अवश्मेध यज्ञ के समान हरितालिका तीज व्रत

आचार्य राकेश झा ने बताया कि आज पूरे दिन तीज पूजा का शुभ मुहूर्त है। इसलिए सुहागिन महिलाएं आज किसी भी समय पूजा कर सकती हैं। कहा कि हरितालिका तीज व्रत की परंपरा त्रेता युग से चली आ रही है। माता पार्वती ने पहली बार भगवान शिव की बालू की प्रतिमा बनाकर पूजा की थी।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव स्वयं माता पार्वती से कहते हैं कि इस व्रत को करने से व्रती महिला को सब प्रकार के सांसारिक भोग से मुक्ति मिल जाती है। इस व्रत के पौराणिक कथा सुनने से एक हजार अश्वमेध यज्ञ करने जितना पुण्य फल प्राप्त होता है। हरितालिका व्रत करने से स्त्रियों के सभी पाप क्षय हो जाते है और उन्हें सात जन्म तक सुख व सौभाग्य मिलता है।

माता-पुत्र योग में हरितालिका तीज आज

Advertising

सुहागिनों का महापर्व हरितालिका तीज पर आज तृतीया तिथि 12:48 बजे तक है। इसके बाद चतुर्थी शुरू हो जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तीज के दिन चौथ की तिथि होने से माता-पुत्रयोग का संयोग बनता है। इस योग को गौरी-गणेश योग भी कहते हैं। तृतीया तिथि माता गौरी की तिथि है, वही चतुर्थी तिथि विध्नहर्ता गणेश को समर्पित है। सभी पूजा में दोनों प्रथमतया और प्रमुखता से पूजित होते हैं।

तपस्या और निष्ठा का व्रत है हरितालिका

पंडित झा ने लिंग पुराण के हवाले से बताया कि माता पार्वती ने वन में जाकर भोलेनाथ को अपने पति के रूप में पाने के लिए अन्न तथा जल ग्रहण किए बिना सालों तक तप करती रही। तब शिव ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किए थे। महिलाएं इस व्रत को तपस्या और निष्ठा के साथ करेंगी तो सात जन्मों तक शिव स्वरूप में उनके वही पति मिलेंगे।

पूजा में दान की महत्ता

  1. सौभाग्य पेटिका: तीज के दिन बांस के डाला में या अन्य पात्र (पेटिका) में सुहाग की विभिन्न सामग्रियों का दान करने से अखंड सुहाग व वंश में वृद्धि होती है ल। कई ग्रहों की शांति, पारिवारिक उत्थान, प्रेम-सौहार्द में वृद्धि होती है।
  2. वस्त्र दान: तीज के दिन वस्त्र दान को महादान बताया गया है। सुहागिन महिला, ब्राह्मण महिला को अपने सामर्थ्य अनुसार नाना प्रकार के वस्त्रों का दान करने से कुंडली के अनिष्ट ग्रहों की स्थिति में सुधार होता है।
  3. ऋतूफल व पकवान दान: हरतालिका तीज के दिन फलों व पकवानों का दान करना शुभकारी होता है। दही का दान करने से जीवन में शीतलता बनी रहती है।
  4. अन्न दान: हरतालिका तीज पर पारण से पहले ब्राह्मणों को अन्न का दान देने की प्राचीन प्रथा है। इस दान में मुख्य रूप से चावल, दाल, हल्दी, सब्जियां, द्रव्य आदि रखी जाती है। अक्षत के दान से दानी को अक्षय पुण्य, सुख-समृद्धि व बरकत आती है। वहीं गेहूं व जौ का दान करने से स्वर्ण दान का फल मिलता है।

इन मंत्रों से करें शिव-पार्वती की पूजा

भोलेनाथ की पूजा के दौरान पढ़े: ऊँ हराय नम:, ऊँ महेश्वराय नम:, ऊँ शम्भवे नम:, ऊँ शूलपाणये नम:, ऊँ पिनाकवृषे नम:, ऊँ शिवाय नम:, ऊँ पशुपतये नम:, ऊँ महादेवाय नम:।

माता पार्वती के पूजन के समय कहे: ऊँ उमायै नम:, ऊँ पार्वत्यै नम:, ऊँ जगद्धात्र्यै नम:, ऊँ जगत्प्रतिष्ठयै नम:, ऊँ शांतिरूपिण्यै नम:, ऊँ शिवायै नम:।

बिहार की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Bihar News

Advertising