गुनिया नदी पर 30-30 मीटर हटेगा अतिक्रमण: एक हजार से ज्यादा दुकानों, मकानों के हिस्से चपेट में आएंगे; दस टीमें बनेंगी – Guna News h3>
कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की बैठक आयोजित की गई।
शहर के बीच से गुजरी नाले का रूप ले चुकी गुनिया नदी पर अतिक्रमण हटाया जाएगा। विवेक कॉलोनी से लेकर पूरी गुनिया नदी के दोनों तरफ 30- 30 मीटर हटेगा। यह निर्णय बुधवार शाम कलेक्टर कार्यालय में राजस्व और नगरीय प्रशासन की संयुक्त बैठक में लिया गया। जल्द ही क
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बता दें कि 29 अप्रैल को शहर में हुई मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न कर दी थी। गुनिया नदी में उफान आने से पानी कई कॉलोनियों में घुस गया था। इसके अलावा गोपालपुरा तालाब की पार तोड़ने के बाद न्यू सिटी कॉलोनी सहित नानाखेड़ी और अन्य कॉलोनियों में पानी भर गया था। पानी निकासी न होने की सबसे बड़ी वजह इन नदी, नालों पर हुआ अतिक्रमण था।
शहर में चक्काजाम तक कर दिया था बाढ़ जैसे हालतों के बाद नागरिकों में भी काफी रोष था। उन्होंने कई बार शहर में चक्काजाम तक कर दिया था। पिछले दिनों गुना आए मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे के समय भी तीन जगह नागरिकों ने चक्काजाम कर दिया था।
घरों में कई फीट पानी भर गया था।
अतिक्रमण को हटाने की मांग कर रहे थे इसी के बाद से ही शहर के नागरिक इन नदी, नालों पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग कर रहे थे। बुधवार शाम कलेक्टर किशोर कुमार की अध्यक्षता में राजस्व और नगरीय प्रशासन की संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई। इसमें गुनिया नदी और गोपालपुर तालाब से संबंधित अतिक्रमण, सफाई एवं विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्रसिंह सिकरवार, नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविन्द्र गुप्ता, अपर कलेक्टर अखिलेश जैन, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक दुबे सहित जनप्रतिनिधि और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गुनिया नदी के उफान पर आने से कई घर डूब गए थे।
गुनिया नदी पर चर्चा बैठक में एसडीएम शिवानी पांडे द्वारा गुनिया नदी की भौगोलिक स्थिति और अतिक्रमण की वर्तमान स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने वर्ष 2012, 2017, 2019 और 2025 के गूगल मैप के माध्यम से नदी के प्राकृतिक बहाव में आए परिवर्तनों एवं अतिक्रमण की स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाया। वर्तमान में नदी पर 77 अतिक्रमण बिंदु चिह्नित किए गए हैं।
जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों द्वारा प्रमुख सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिनमें नदी किनारे साइन बोर्ड लगाने, जेसीबी मशीन से नदी का गहरीकरण और सफाई कराने, चिह्नित अतिक्रमणों को शीघ्र हटाने की मांग की गई। इसमें यह तय किया गया कि गुनिया नदी के दोनों तरफ 30- 30 मीटर का अतिक्रमण हटाया जाएगा। लगभग 1000 घर, दुकान इससे प्रभावित होंगे। इसके लिए 10 अलग अलग टीमों का गठन किया जाएगा।




