71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स- शाहरुख पहली बार बेस्ट एक्टर: 12th फेल के लिए विक्रांत मैसी को भी अवॉर्ड, रानी मुखर्जी बेस्ट एक्ट्रेस; कटहल बेस्ट हिंदी फिल्म h3>
नई दिल्ली/मुंबई2 मिनट पहले
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दिल्ली में शुक्रवार को 71वें नेशनल अवॉर्ड्स का ऐलान हुआ। शाहरुख खान और विक्रांत मैसी संयुक्त रूप से बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला है। शाहरुख को फिल्म जवान और विक्रांत मैसी को ’12th फेल’ के लिए पुरस्कार मिला।
फिल्म मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे के लिए रानी मुखर्जी को बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड दिया गया है।
शाहरुख खान, विक्रांत मैसी और रानी मुखर्जी तीनों को पहली बार नेशनल अवॉर्ड मिला है।
कटहल को बेस्ट हिंदी फिल्म का अवॉर्ड दिया गया है।
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हिंदी फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ को बेस्ट डायलॉग के लिए पुरस्कार मिला। इस फिल्म के डायलॉग दीपक किंगरानी ने लिखे हैं।
नेशनल अवॉर्ड्स से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
अपडेट्स
32 मिनट पहले
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द केरल स्टोरी को बेस्ट सिनेमेटोग्राफी का अवॉर्ड मिला
- बेस्ट सिनेमेटोग्राफी- द केरल स्टोरी
- बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट- सुकृति वेनी (गांधी कथा चेतु), कबीर खंडारे (जिप्सी), त्रिशा तोसार, श्रीनिवास पोकले और भार्गव जगपात (नाल 2)
- बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर- पीवीएनएस रोहित, तेलुगू (बेबी)
- बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर- चलेया (जवान), शिल्पा राव
- बेस्ट डायलॉग राइटर- दीपक किंगरानी (सिर्फ एक बंदा काफी है)
- बेस्ट स्क्रीनप्ले- बेबी (तेलुगू), पार्किंग (तमिल)
40 मिनट पहले
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नॉन फीचर फिल्म के विनर्स
- बेस्ट स्पेशल मेंशन नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड – नेकल (मलयालम)
- बेस्ट म्यूजिक नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- द फर्स्ट फिल्म (हिंदी)
- बेस्ट एडिटंग नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- मूविंग फोकस (इंग्लिश)
- बेस्ट साउंड डिजाइन नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- धुंधगिरी के फूल (हिंदी)
- बेस्ट सिनेमेटोग्राफी नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- लिटिल विंग्स (तमिल)
- बेस्ट डायरेक्टर नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- पीयूष ठाकुर, द फर्स्ट फिल्म (हिंदी)
- बेस्ट शॉर्ट फिल्म नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- गिद्ध द स्कैवेंगर (हिंदी)
- बेस्ट नॉन फीचर फिल्म प्रमोटिंग सोशल कंसर्न अवॉर्ड- द साइलेंट एपिडेमिक (हिंदी)
- बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म अवॉर्ड- गॉड वल्चर एंड ह्यूमन (इंग्लिश)
- बेस्ट आर्ट्स/कल्चर नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- टाइमलेस तमिलनाडु (इंग्लिश)
- बेस्ट नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- द फ्लॉवरिंग मैन (हिंदी)
41 मिनट पहले
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क्षेत्रीय भाषाओं की इन फिल्मों को अवॉर्ड
- बेस्ट गुजराती फिल्म- वश
- बेस्ट बंगाली फिल्म- डीप फ्रीज
- बेस्ट असमी फिल्म- रोंगातपु
- बेस्ट हिंदी फिल्म- कटहल
- बेस्ट कन्नड़ फिल्म- कंडीलू
- बेस्ट स्पेशल मेंशन फीचर फिल्म – एनिमल (री रिकॉर्डिंग मिक्सर, एमआर राजाकृष्णन)
- बेस्ट ताई फाके फीचर फिल्म- पाई तांग… स्टेप ऑफ होप
- बेस्ट गारो फीचर फिल्म- रिमदोगितांगा
- बेस्ट तेलुगू फीचर फिल्म- भगवंत केसरी
- बेस्ट तमिल फीचर फिल्म- पार्किंग
- बेस्ट पंजाबी फीचर फिल्म- गोड्डे गोड्डे चा
- बेस्ट ओडिया फीचर फिल्म- पुष्कर
- बेस्ट मराठी फीचर फिल्म- श्यामचि आई
- बेस्ट मलयालम फीचर फिल्म- उल्लुझुकु
47 मिनट पहले
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नॉन फीचर फिल्म कैटेगरी में अवॉर्ड
- बेस्ट स्पेशल मेंशन नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड – नेकल (मलयालम)
- बेस्ट म्यूजिक नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- द फर्स्ट फिल्म (हिंदी)
- बेस्ट एडिटंग नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- मूविंग फोकस (इंग्लिश)
- बेस्ट साउंड डिजाइन नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- धुंधगिरी के फूल (हिंदी)
- बेस्ट सिनेमेटोग्राफी नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- लिटिल विंग्स (तमिल)
- बेस्ट डायरेक्टर नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- पीयूष ठाकुर, द फर्स्ट फिल्म (हिंदी)
- बेस्ट शॉर्ट फिल्म नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- गिद्ध द स्कैवेंगर (हिंदी)
- बेस्ट नॉन फीचर फिल्म प्रमोटिंग सोशल कंसर्न अवॉर्ड- द साइलेंट एपिडेमिक (हिंदी)
- बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म अवॉर्ड- गॉड वल्चर एंड ह्यूमन (इंग्लिश)
- बेस्ट आर्ट्स/कल्चर नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- टाइमलेस तमिलनाडु (इंग्लिश)
- बेस्ट नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- द फ्लॉवरिंग मैन (हिंदी)
56 मिनट पहले
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शाहरुख खान को ‘जवान’ के लिए मिला पहला नेशनल अवॉर्ड
35 साल से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले शाहरुख खान को ‘जवान’ के लिए मिला पहला नेशनल अवॉर्ड
57 मिनट पहले
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1969 में हुई दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड की शुरुआत
साल 1969 में नेशनल अवॉर्ड में हिंदी सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के के सम्मान में नई कैटेगरी दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड को शामिल किया गया था। साल 1969 में देविका रानी, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड जीतने वाली पहली फिल्मी हस्ती रहीं। तब से लेकर आज तक करीब 54 लोग दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड हासिल कर चुके हैं। इसे फिल्म जगत का सबसे गौरवपूर्ण सम्मान कहा जाता है। 2024 में ये अवॉर्ड मिथुन चक्रवर्ती को मिलेगा।
57 मिनट पहले
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नेशनल अवॉर्ड का इतिहास
नेशनल अवॉर्ड की शुरुआत साल 1954 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म जगत से जुड़ा सम्मान देने के लिए किया था। इसकी नींव भारतीय कल्चर और आर्ट को बढ़ावा देने के लिए रखी गई थी। 10 अक्टूबर 1954 को नेशनल अवॉर्ड की पहली सेरेमनी रखी गई थी, जिसमें मराठी फिल्म श्यामची आई को बेस्ट फीचर फिल्म कैटेगरी में अवॉर्ड दिया गया था।
57 मिनट पहले
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65वीं नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी में 68 विजेताओं ने सेरेमनी में आने से इनकार किया था
65वीं नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी 68 विजेताओं के सेरेमनी में न पहुंचने से विवादों में रही थी। दरअसल, विजेताओं को मिले इनविटेशन कार्ड में साफ लिखा था कि उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों अवॉर्ड दिया जाएगा, लेकिन जब सेरेमनी की रिहर्सल शुरू हुई तो बताया गया कि 107 में से सिर्फ 11 लोगों को ही राष्ट्रपति के हाथों अवॉर्ड मिलेगा। अन्य विजेताओं को तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी अवॉर्ड देंगी। इसी बात से नाराज होकर 68 विजेताओं ने सेरेमनी में आने से इनकार कर दिया था।
58 मिनट पहले
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किरण खेर का नेशनल अवॉर्ड विवादों में रहा
बंगाली फिल्म बरीवाली के लिए किरण खेर को बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड दिया गया था। इस फिल्म के नॉमिनेशन के दौरान भरे गए फॉर्म में कहा गया था कि किरण खेर ने अपनी आवाज खुद डब की है, हालांकि डबिंग आर्टिस्ट और एक्ट्रेस रीता कोइराला ने आरोप लगाए कि फिल्म में उन्होंने किरण खेर के लिए बंगाली डबिंग की थी, जिसको नॉमिनेशन फॉर्म में मेंशन नहीं किया गया था।
58 मिनट पहले
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फिल्म ब्लैक के नेशनल अवॉर्ड जीतने पर हुई थी कॉन्ट्रोवर्सी
53वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में संजय लीला भंसाली की फिल्म ब्लैक को बेस्ट फीचर फिल्म (हिंदी) का नेशनल अवॉर्ड दिया गया था। नेशनल अवॉर्ड के नियमों के अनुसार, किसी भी ऐसी फिल्म को अवॉर्ड नहीं दिया जा सकता जो किसी दूसरी फिल्म का एडैप्शन हो। ऐसे में ज्यूरी मेंबर में शामिल देब बनर्जी ने आरोप लगाए थे कि इस फिल्म का फेवर कर अवॉर्ड दिया गया है। फिल्म ब्लैक, हॉलीवुड फिल्म द मिरेकल वर्क का एडैप्शन है, जिससे ये अवॉर्ड क्राइटेरिया को पास नहीं करती। उन्होंने फिल्म को अवॉर्ड दिए जाने के विरोध में एक पिटीशन भी फाइल की थी। हालांकि, कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार फिल्म ब्लैक ने 3 नेशनल अवॉर्ड जीते, जिनमें बेस्ट फीचर फिल्म (हिंदी), बेस्ट एक्टर (अमिताभ बच्चन) और बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन (सब्यसाची मुखर्जी) शामिल हैं।इसी साल फिल्म परजानिया के लिए राहुल ढोलकिया को बेस्ट डायरेक्टर, सारिका को बेस्ट एक्ट्रेस और फिल्म परिणीता के लिए प्रदीप सरकार को बेस्ट डायरेक्टर डेब्यू का अवॉर्ड दिए जाने पर भी विवाद रहा। कोलकाता बेस्ड क्रिटिक और ज्यूरी में शामिल देब बनर्जी ने इनके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में पिटीशन फाइल की थी। उनका आरोप था कि पक्षपात के जरिए इन कैटेगरी में अवॉर्ड दिए गए हैं।
58 मिनट पहले
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सबसे कम उम्र में स्मिता पाटिल ने बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड जीतकर रचा इतिहास
स्मिता पाटिल को 1977 की फिल्म भूमिका के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला था। उस समय उनकी उम्र महज 25 साल थी। ऐसे में सबसे कम उम्र में बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीतने का रिकॉर्ड आज भी उन्हीं के पास है।
58 मिनट पहले
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शबाना आजमी के पास सबसे ज्यादा नेशनल अवॉर्ड जीतने का रिकॉर्ड
अब तक सबसे ज्यादा नेशनल अवॉर्ड हासिल करने का रिकॉर्ड एक्ट्रेस शबाना आजमी के पास है। उन्हें 5 बार फिल्म अंकुर, अर्थ, कांधार, पार, गॉडमदर के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला है।
59 मिनट पहले
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नेशनल अवॉर्ड विनर्स को क्या मिलता है?
नेशनल अवॉर्ड विनर को एक मेडल की तरह रजत कमल या स्वर्ण कमल दिए जाते हैं। इसके साथ-साथ नकद पुरस्कार भी दिया जाता है। वहीं, कुछ कैटेगरी में सिर्फ स्वर्ण कमल या रजत कमल ही मिलता है।
नेशनल अवॉर्ड देने की शुरुआत 1954 में शुरू हुई थी नेशनल फिल्म अवॉर्ड देश का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कार है। इसकी शुरुआत 1954 में हुई थी। बेस्ट फिल्म की कैटेगरी में सबसे पहला नेशनल अवॉर्ड मराठी फिल्म ‘श्यामची आई’ को मिला था।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा यह समारोह आयोजित किया जाता है जिसका पूरा काम डायरेक्ट्रेट ऑफ फिल्म फेस्टिवल (DFF)की देखरेख में होता है। इसके बाद राष्ट्रपति इन पुरस्कारों का वितरण करते हैं।
59 मिनट पहले
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शुक्रवार को 71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की घोषणा के लिए प्रेस कांफ्रेंस शुरू हो गई है।
इस साल 2023 में रिलीज हुईं फिल्मों को अवॉर्ड दिया जा रहा है। रानी मुखर्जी को फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस के अवॉर्ड और एक्टर विक्रांत मैसी को फिल्म ‘12th’ फेल के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिल सकता है। बता दें कि ये रानी मुखर्जी के 25 साल के करियर में उनका पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है। ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ और ‘12th’ फेल ये दोनों ही फिल्में रियल स्टोरी पर आधारित थीं।
12:41 PM1 अगस्त 2025
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‘द फर्स्ट फिल्म’ को नॉन फीचर फिल्म में बेस्ट डायरेक्शन का अवॉर्ड
नॉन फीचर फिल्म में पीयूष ठाकुर की फिल्म ‘द फर्स्ट फिल्म’ को बेस्ट डायरेक्शन का अवॉर्ड मिला है।
12:39 PM1 अगस्त 2025
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असम की फिल्म उत्पल दत्ता को बेस्ट फिल्म क्रिटिक का अवॉर्ड मिला
12:36 PM1 अगस्त 2025
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अवॉर्ड के लिए 15 कैटेगरी
नई दिल्ली/मुंबई2 मिनट पहले
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दिल्ली में शुक्रवार को 71वें नेशनल अवॉर्ड्स का ऐलान हुआ। शाहरुख खान और विक्रांत मैसी संयुक्त रूप से बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला है। शाहरुख को फिल्म जवान और विक्रांत मैसी को ’12th फेल’ के लिए पुरस्कार मिला।
फिल्म मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे के लिए रानी मुखर्जी को बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड दिया गया है।
शाहरुख खान, विक्रांत मैसी और रानी मुखर्जी तीनों को पहली बार नेशनल अवॉर्ड मिला है।
कटहल को बेस्ट हिंदी फिल्म का अवॉर्ड दिया गया है।
हिंदी फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ को बेस्ट डायलॉग के लिए पुरस्कार मिला। इस फिल्म के डायलॉग दीपक किंगरानी ने लिखे हैं।
नेशनल अवॉर्ड्स से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
अपडेट्स
32 मिनट पहले
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द केरल स्टोरी को बेस्ट सिनेमेटोग्राफी का अवॉर्ड मिला
- बेस्ट सिनेमेटोग्राफी- द केरल स्टोरी
- बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट- सुकृति वेनी (गांधी कथा चेतु), कबीर खंडारे (जिप्सी), त्रिशा तोसार, श्रीनिवास पोकले और भार्गव जगपात (नाल 2)
- बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर- पीवीएनएस रोहित, तेलुगू (बेबी)
- बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर- चलेया (जवान), शिल्पा राव
- बेस्ट डायलॉग राइटर- दीपक किंगरानी (सिर्फ एक बंदा काफी है)
- बेस्ट स्क्रीनप्ले- बेबी (तेलुगू), पार्किंग (तमिल)
40 मिनट पहले
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नॉन फीचर फिल्म के विनर्स
- बेस्ट स्पेशल मेंशन नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड – नेकल (मलयालम)
- बेस्ट म्यूजिक नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- द फर्स्ट फिल्म (हिंदी)
- बेस्ट एडिटंग नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- मूविंग फोकस (इंग्लिश)
- बेस्ट साउंड डिजाइन नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- धुंधगिरी के फूल (हिंदी)
- बेस्ट सिनेमेटोग्राफी नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- लिटिल विंग्स (तमिल)
- बेस्ट डायरेक्टर नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- पीयूष ठाकुर, द फर्स्ट फिल्म (हिंदी)
- बेस्ट शॉर्ट फिल्म नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- गिद्ध द स्कैवेंगर (हिंदी)
- बेस्ट नॉन फीचर फिल्म प्रमोटिंग सोशल कंसर्न अवॉर्ड- द साइलेंट एपिडेमिक (हिंदी)
- बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म अवॉर्ड- गॉड वल्चर एंड ह्यूमन (इंग्लिश)
- बेस्ट आर्ट्स/कल्चर नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- टाइमलेस तमिलनाडु (इंग्लिश)
- बेस्ट नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- द फ्लॉवरिंग मैन (हिंदी)
41 मिनट पहले
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क्षेत्रीय भाषाओं की इन फिल्मों को अवॉर्ड
- बेस्ट गुजराती फिल्म- वश
- बेस्ट बंगाली फिल्म- डीप फ्रीज
- बेस्ट असमी फिल्म- रोंगातपु
- बेस्ट हिंदी फिल्म- कटहल
- बेस्ट कन्नड़ फिल्म- कंडीलू
- बेस्ट स्पेशल मेंशन फीचर फिल्म – एनिमल (री रिकॉर्डिंग मिक्सर, एमआर राजाकृष्णन)
- बेस्ट ताई फाके फीचर फिल्म- पाई तांग… स्टेप ऑफ होप
- बेस्ट गारो फीचर फिल्म- रिमदोगितांगा
- बेस्ट तेलुगू फीचर फिल्म- भगवंत केसरी
- बेस्ट तमिल फीचर फिल्म- पार्किंग
- बेस्ट पंजाबी फीचर फिल्म- गोड्डे गोड्डे चा
- बेस्ट ओडिया फीचर फिल्म- पुष्कर
- बेस्ट मराठी फीचर फिल्म- श्यामचि आई
- बेस्ट मलयालम फीचर फिल्म- उल्लुझुकु
47 मिनट पहले
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नॉन फीचर फिल्म कैटेगरी में अवॉर्ड
- बेस्ट स्पेशल मेंशन नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड – नेकल (मलयालम)
- बेस्ट म्यूजिक नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- द फर्स्ट फिल्म (हिंदी)
- बेस्ट एडिटंग नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- मूविंग फोकस (इंग्लिश)
- बेस्ट साउंड डिजाइन नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- धुंधगिरी के फूल (हिंदी)
- बेस्ट सिनेमेटोग्राफी नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- लिटिल विंग्स (तमिल)
- बेस्ट डायरेक्टर नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- पीयूष ठाकुर, द फर्स्ट फिल्म (हिंदी)
- बेस्ट शॉर्ट फिल्म नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- गिद्ध द स्कैवेंगर (हिंदी)
- बेस्ट नॉन फीचर फिल्म प्रमोटिंग सोशल कंसर्न अवॉर्ड- द साइलेंट एपिडेमिक (हिंदी)
- बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म अवॉर्ड- गॉड वल्चर एंड ह्यूमन (इंग्लिश)
- बेस्ट आर्ट्स/कल्चर नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- टाइमलेस तमिलनाडु (इंग्लिश)
- बेस्ट नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- द फ्लॉवरिंग मैन (हिंदी)
56 मिनट पहले
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शाहरुख खान को ‘जवान’ के लिए मिला पहला नेशनल अवॉर्ड
35 साल से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले शाहरुख खान को ‘जवान’ के लिए मिला पहला नेशनल अवॉर्ड
57 मिनट पहले
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1969 में हुई दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड की शुरुआत
साल 1969 में नेशनल अवॉर्ड में हिंदी सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के के सम्मान में नई कैटेगरी दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड को शामिल किया गया था। साल 1969 में देविका रानी, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड जीतने वाली पहली फिल्मी हस्ती रहीं। तब से लेकर आज तक करीब 54 लोग दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड हासिल कर चुके हैं। इसे फिल्म जगत का सबसे गौरवपूर्ण सम्मान कहा जाता है। 2024 में ये अवॉर्ड मिथुन चक्रवर्ती को मिलेगा।
57 मिनट पहले
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नेशनल अवॉर्ड का इतिहास
नेशनल अवॉर्ड की शुरुआत साल 1954 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म जगत से जुड़ा सम्मान देने के लिए किया था। इसकी नींव भारतीय कल्चर और आर्ट को बढ़ावा देने के लिए रखी गई थी। 10 अक्टूबर 1954 को नेशनल अवॉर्ड की पहली सेरेमनी रखी गई थी, जिसमें मराठी फिल्म श्यामची आई को बेस्ट फीचर फिल्म कैटेगरी में अवॉर्ड दिया गया था।
57 मिनट पहले
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65वीं नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी में 68 विजेताओं ने सेरेमनी में आने से इनकार किया था
65वीं नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी 68 विजेताओं के सेरेमनी में न पहुंचने से विवादों में रही थी। दरअसल, विजेताओं को मिले इनविटेशन कार्ड में साफ लिखा था कि उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों अवॉर्ड दिया जाएगा, लेकिन जब सेरेमनी की रिहर्सल शुरू हुई तो बताया गया कि 107 में से सिर्फ 11 लोगों को ही राष्ट्रपति के हाथों अवॉर्ड मिलेगा। अन्य विजेताओं को तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी अवॉर्ड देंगी। इसी बात से नाराज होकर 68 विजेताओं ने सेरेमनी में आने से इनकार कर दिया था।
58 मिनट पहले
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किरण खेर का नेशनल अवॉर्ड विवादों में रहा
बंगाली फिल्म बरीवाली के लिए किरण खेर को बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड दिया गया था। इस फिल्म के नॉमिनेशन के दौरान भरे गए फॉर्म में कहा गया था कि किरण खेर ने अपनी आवाज खुद डब की है, हालांकि डबिंग आर्टिस्ट और एक्ट्रेस रीता कोइराला ने आरोप लगाए कि फिल्म में उन्होंने किरण खेर के लिए बंगाली डबिंग की थी, जिसको नॉमिनेशन फॉर्म में मेंशन नहीं किया गया था।
58 मिनट पहले
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फिल्म ब्लैक के नेशनल अवॉर्ड जीतने पर हुई थी कॉन्ट्रोवर्सी
53वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में संजय लीला भंसाली की फिल्म ब्लैक को बेस्ट फीचर फिल्म (हिंदी) का नेशनल अवॉर्ड दिया गया था। नेशनल अवॉर्ड के नियमों के अनुसार, किसी भी ऐसी फिल्म को अवॉर्ड नहीं दिया जा सकता जो किसी दूसरी फिल्म का एडैप्शन हो। ऐसे में ज्यूरी मेंबर में शामिल देब बनर्जी ने आरोप लगाए थे कि इस फिल्म का फेवर कर अवॉर्ड दिया गया है। फिल्म ब्लैक, हॉलीवुड फिल्म द मिरेकल वर्क का एडैप्शन है, जिससे ये अवॉर्ड क्राइटेरिया को पास नहीं करती। उन्होंने फिल्म को अवॉर्ड दिए जाने के विरोध में एक पिटीशन भी फाइल की थी। हालांकि, कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार फिल्म ब्लैक ने 3 नेशनल अवॉर्ड जीते, जिनमें बेस्ट फीचर फिल्म (हिंदी), बेस्ट एक्टर (अमिताभ बच्चन) और बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन (सब्यसाची मुखर्जी) शामिल हैं।इसी साल फिल्म परजानिया के लिए राहुल ढोलकिया को बेस्ट डायरेक्टर, सारिका को बेस्ट एक्ट्रेस और फिल्म परिणीता के लिए प्रदीप सरकार को बेस्ट डायरेक्टर डेब्यू का अवॉर्ड दिए जाने पर भी विवाद रहा। कोलकाता बेस्ड क्रिटिक और ज्यूरी में शामिल देब बनर्जी ने इनके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में पिटीशन फाइल की थी। उनका आरोप था कि पक्षपात के जरिए इन कैटेगरी में अवॉर्ड दिए गए हैं।
58 मिनट पहले
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सबसे कम उम्र में स्मिता पाटिल ने बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड जीतकर रचा इतिहास
स्मिता पाटिल को 1977 की फिल्म भूमिका के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला था। उस समय उनकी उम्र महज 25 साल थी। ऐसे में सबसे कम उम्र में बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीतने का रिकॉर्ड आज भी उन्हीं के पास है।
58 मिनट पहले
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शबाना आजमी के पास सबसे ज्यादा नेशनल अवॉर्ड जीतने का रिकॉर्ड
अब तक सबसे ज्यादा नेशनल अवॉर्ड हासिल करने का रिकॉर्ड एक्ट्रेस शबाना आजमी के पास है। उन्हें 5 बार फिल्म अंकुर, अर्थ, कांधार, पार, गॉडमदर के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला है।
59 मिनट पहले
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नेशनल अवॉर्ड विनर्स को क्या मिलता है?
नेशनल अवॉर्ड विनर को एक मेडल की तरह रजत कमल या स्वर्ण कमल दिए जाते हैं। इसके साथ-साथ नकद पुरस्कार भी दिया जाता है। वहीं, कुछ कैटेगरी में सिर्फ स्वर्ण कमल या रजत कमल ही मिलता है।
नेशनल अवॉर्ड देने की शुरुआत 1954 में शुरू हुई थी नेशनल फिल्म अवॉर्ड देश का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कार है। इसकी शुरुआत 1954 में हुई थी। बेस्ट फिल्म की कैटेगरी में सबसे पहला नेशनल अवॉर्ड मराठी फिल्म ‘श्यामची आई’ को मिला था।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा यह समारोह आयोजित किया जाता है जिसका पूरा काम डायरेक्ट्रेट ऑफ फिल्म फेस्टिवल (DFF)की देखरेख में होता है। इसके बाद राष्ट्रपति इन पुरस्कारों का वितरण करते हैं।
59 मिनट पहले
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शुक्रवार को 71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की घोषणा के लिए प्रेस कांफ्रेंस शुरू हो गई है।
इस साल 2023 में रिलीज हुईं फिल्मों को अवॉर्ड दिया जा रहा है। रानी मुखर्जी को फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस के अवॉर्ड और एक्टर विक्रांत मैसी को फिल्म ‘12th’ फेल के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिल सकता है। बता दें कि ये रानी मुखर्जी के 25 साल के करियर में उनका पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है। ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ और ‘12th’ फेल ये दोनों ही फिल्में रियल स्टोरी पर आधारित थीं।
12:41 PM1 अगस्त 2025
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‘द फर्स्ट फिल्म’ को नॉन फीचर फिल्म में बेस्ट डायरेक्शन का अवॉर्ड
नॉन फीचर फिल्म में पीयूष ठाकुर की फिल्म ‘द फर्स्ट फिल्म’ को बेस्ट डायरेक्शन का अवॉर्ड मिला है।
12:39 PM1 अगस्त 2025
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असम की फिल्म उत्पल दत्ता को बेस्ट फिल्म क्रिटिक का अवॉर्ड मिला
12:36 PM1 अगस्त 2025
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अवॉर्ड के लिए 15 कैटेगरी




