ड्राइंग के अनुसार ही बनाया जाए अस्पताल का नया भवन – Bhind News h3>
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जिला अस्पताल परिसर में बन रही क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल और मैटरनिटी चाइल्ड हॉस्पिटल बिल्डिंग का निरीक्षण करने के लिए एनएचएम भोपाल की टीम शुक्रवार को भिंड आई। टीम में शामिल एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एसके बंसल ने दोनों बिल्डिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी को बिल्डिंग की कलर कोडिंग, ओटी और वार्ड में जरूरी बदलाव के निर्देश दिए।
मालूम हो कि जिला अस्पताल में सीसीएच (क्रिटिकल केयर हॉस्पीटल) और 100 बिस्तर के एमसीएच (मेटरनिटी चाइल्ड हॉस्पीटल) की दो नई बिल्डिंग बनाई जा रही है। लगभग 13 करोड़ 75 लाख की लागत से सीसीएच और 16.88 लाख की लागत से एमसीएच का निर्माण किया जा रहा है। इसमें सीसीएच का निर्माण मप्र विकास निगम के द्वारा कराया जा रहा है। शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल से टेक्निकल टीम जांच करने आई। टीम में शामिल एई एके बंसल ने बनाई जा रही बिल्डिंग का जायजा लेते हुए जरूरी बदलाव करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग का निर्माण स्वीकृत ड्राइंग के अनुसार हो।
इसके साथ ही बिल्डिंग की कलर कोडिंग, ओटी रूम में एसी लाइन और ऑक्सीजन पाइप लाइन में लीकेज न हों इसके लिए फॉल्स सीलिंग से पहले टेस्टिंग करें। इससे काम लीकेज सामने आने पर सुधार किया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीसीएच बिल्डिंग के रूप में लगे एसी सप्लाई लाइन को गलत तरीके से लगाने पर आपत्ति दर्ज कराई। निरीक्षण के दौरान एनएचएम ग्वालियर एसडीओ संजय विश्वकर्मा, इंजीनियर अमित कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
एसटीपी प्लांट के लिए जगह का चयन शुक्रवार को अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंची एनएचएम इंजीनियर की टीम ने अस्पताल परिसर में नई बिल्डिंग से निकलने वाले सीवरेज के लिए एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के लिए जगह निर्धारित की। टीम ने इस संबंध में सीएमएचओ डॉ जेएस यादव, सीएस डॉ आरएन राजौरिया के साथ मीटिंग कर जगह का चयन किया। इस बैठक में एसटीपी प्लांट सीएमएचओ ऑफिस के पीछे खाली जगह में बनाने का निर्णय लिया गया। टीम ने उस जगह को एसटीपी प्लांट के लिए ठीक बताया।
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जिला अस्पताल परिसर में बन रही क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल और मैटरनिटी चाइल्ड हॉस्पिटल बिल्डिंग का निरीक्षण करने के लिए एनएचएम भोपाल की टीम शुक्रवार को भिंड आई। टीम में शामिल एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एसके बंसल ने दोनों बिल्डिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी को बिल्डिंग की कलर कोडिंग, ओटी और वार्ड में जरूरी बदलाव के निर्देश दिए।
मालूम हो कि जिला अस्पताल में सीसीएच (क्रिटिकल केयर हॉस्पीटल) और 100 बिस्तर के एमसीएच (मेटरनिटी चाइल्ड हॉस्पीटल) की दो नई बिल्डिंग बनाई जा रही है। लगभग 13 करोड़ 75 लाख की लागत से सीसीएच और 16.88 लाख की लागत से एमसीएच का निर्माण किया जा रहा है। इसमें सीसीएच का निर्माण मप्र विकास निगम के द्वारा कराया जा रहा है। शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल से टेक्निकल टीम जांच करने आई। टीम में शामिल एई एके बंसल ने बनाई जा रही बिल्डिंग का जायजा लेते हुए जरूरी बदलाव करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग का निर्माण स्वीकृत ड्राइंग के अनुसार हो।
इसके साथ ही बिल्डिंग की कलर कोडिंग, ओटी रूम में एसी लाइन और ऑक्सीजन पाइप लाइन में लीकेज न हों इसके लिए फॉल्स सीलिंग से पहले टेस्टिंग करें। इससे काम लीकेज सामने आने पर सुधार किया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीसीएच बिल्डिंग के रूप में लगे एसी सप्लाई लाइन को गलत तरीके से लगाने पर आपत्ति दर्ज कराई। निरीक्षण के दौरान एनएचएम ग्वालियर एसडीओ संजय विश्वकर्मा, इंजीनियर अमित कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
एसटीपी प्लांट के लिए जगह का चयन शुक्रवार को अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंची एनएचएम इंजीनियर की टीम ने अस्पताल परिसर में नई बिल्डिंग से निकलने वाले सीवरेज के लिए एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के लिए जगह निर्धारित की। टीम ने इस संबंध में सीएमएचओ डॉ जेएस यादव, सीएस डॉ आरएन राजौरिया के साथ मीटिंग कर जगह का चयन किया। इस बैठक में एसटीपी प्लांट सीएमएचओ ऑफिस के पीछे खाली जगह में बनाने का निर्णय लिया गया। टीम ने उस जगह को एसटीपी प्लांट के लिए ठीक बताया।



