हिमाचल के 6 जिलों में बारिश का अलर्ट: कोलडैम से छोड़ा पानी, सतलुज का वाटर-लेवल 5 मीटर बढ़ा, पंजाब को सतर्क रहने की एडवाइजरी – Shimla News h3>
हिमाचल के 6 जिलों में शाम 6 बजे तक बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के 6 जिलों में अगले 3 घंटे तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने शिमला, सोलन, सिरमौर, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिला में शाम 6 बजे तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
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चंबा और किन्नौर जिला में भी बारिश का यलो अलर्ट दिया गया है। वहीं आज सुबह के वक्त पूरे प्रदेश में धूप खिली थी और दिनभर मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान था। मगर वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने से अचानक मौसम बदला है। अगले कल मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
27 जुलाई को किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी 10 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट दिया गया है। 28 जुलाई को भी 6 जिले ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में बारिश की संभावना है।
हिमाचल के ज्यादातर भागों में आज सुबह के वक्त खिली धूप
कोलडैम से छोड़ा गया पानी
उधर, बिलासपुर में सतलुज नदी पर बने कोलडैम से आज सुबह 10 बजे पानी छोड़ा गया। इससे सतलुज का वाटर लेवल चार से पांच मीटर तक बढ़ा है। इसे देखते हुए बिलासपुर से पंजाब तक के लोगों को सतलुज नदी किनारे नहीं जाने की एडवाइजरी दी गई है।
कोल-डैम से निकलने के बाद सतलुज का पानी पंजाब के रोपड़ (रूपनगर) में प्रवेश करता है। रोपड़ से आगे, सतलुज नदी पंजाब में पश्चिम दिशा की ओर बहती हुई, लुधियाना जिले से होकर गुजरती है। इसके बाद, यह हरिके-पत्तन के पास ब्यास नदी से मिलती है और फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुड़कर भारत-पाकिस्तान सीमा के साथ बहती है। अंत में, यह नदी पाकिस्तान में प्रवेश करती है और बहावलपुर के पास चिनाब नदी में मिल जाती।
शिमला के रिज पर सुहावने मौसम में घूमते हुए लोग और घुड़सवारी करता बच्चा
मानसून सीजन में 12% ज्यादा बारिश
हिमाचल में पूरे मानसून सीजन की बात करें तो अब तक सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। 20 जून से 24 जुलाई के बीच 293.9 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है, लेकिन इस बार 328.2 मिलीमीटर बादल बरस चुके हैं। शिमला में सामान्य से 77 प्रतिशत ज्यादा और मंडी में 76 प्रतिशत अधिक बादल बरसे हैं।
हमीरपुर में 46 प्रतिशत, बिलासपुर में 34%, कांगड़ा में 3%, कुल्लू में 37%, सिरमौर 34%, सोलन 24% और ऊना में सामान्य से 28% अधिक बारिश हुई है। वहीं लाहौल स्पीति में सामान्य से 67% कम, किन्नौर में 13% और चंबा में नॉर्मल से 32% कम बारिश हुई।
मानसून सीजन में 147 की मौत
प्रदेश में मानसून की भारी बारिश से 1387 करोड़ रुपए की निजी व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। मानसून के दौरान 147 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 27 की जान लैंडस्लाइड, बादल फटने और बाढ़ में बहने से गई है, जबकि 68 लोगों की माैत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है।




