कैराना सांसद से अभद्रता पर अखिलेश का पलटवार: ‘X’ पर लिखा-जो अधिकारी एक सांसद का सम्मान नहीं करता, वो आम जनता का क्या सम्मान करेगा – Saharanpur News h3>
कैराना सांसद इकरा हसन की फाइल फोटो।
कैराना से सपा सांसद इकरा हसन से एडीएम द्वारा अभद्रता करने का मामला दिल्ली से लेकर लखनऊ तक तूल पकड़ता जा रहा है। अब विपक्ष की पार्टियों ने भी अपना गुस्सा दिखाना शुरू कर दिया है। पूर्व सीएम एवं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ‘X’ पर सांसद इकरा हसन की फोटा शेय
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सपा कार्यकर्ताओं में गुस्सा, लिखा सीएम को पत्र
समाजवादी पार्टी खुलकर इकरा हसन के समर्थन में आ गई है। सपा जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर एडीएम के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ये घटना अत्यंत निंदनीय है और महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर सीधा हमला है। वहीं, सपा के महानगर प्रभारी व पार्षद अभिषेक टिंकू अरोड़ा ने भी तीखा पत्र भेजकर एडीएम के व्यवहार को “अस्वीकार्य और शर्मनाक” बताया।
अखिलेश यादव का तीखा हमला
सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया (फेसबुक और X) पर सरकार पर तीखा हमला करते हुए लिखा- “जो अधिकारी एक सांसद का सम्मान नहीं करता, वो आम जनता का क्या सम्मान करेगा?” उन्होंने सरकार से सवाल किया कि “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” का नारा क्या अब केवल दिखावा बनकर रह गया है?
पूर्व सांसद बोले-इकरा हमारी बेटी
पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने फेसबुक पर लिखा-हम अपनी बेटी इकरा हसन के साथ हैं। ये घटना न सिर्फ अपमानजनक है, बल्कि लोकतंत्र के मूल्यों पर भी वार है। उनकी इस पोस्ट पर हजारों प्रतिक्रियाएं आईं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने सांसद के समर्थन में आवाज उठाई है।
सांसद बोली-जनप्रतिनिधि के प्रोटोकॉल की अनदेखी की
सांसद इकरा हसन ने एडीएम पर महिला विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा-मैं छुटमलपुर नगर पंचायत अध्यक्षा शमा परवीन के साथ एडीएम से मिलने गई थी। वे दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक कार्यालय से गायब थे। जब आए, तो उन्होंने न सिर्फ जनप्रतिनिधि के प्रोटोकॉल की अनदेखी की, बल्कि महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया।
उन्होंने कहा-महिला विरोधी मानसिकता वाले अधिकारी को तुरंत पद से हटाया जाए और उस पर कठोर कार्रवाई हो। इकरा का आरोप है कि एडीएम ने उन्हें कार्यालय से बाहर निकलने के लिए कहा, जो जनप्रतिनिधि के सम्मान के साथ खिलवाड़ है।
एडीएम बोले-ये आरोप निराधार
एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा-मुझे जैसे ही सूचना मिली, कार्यालय पहुंच गया। सांसद जी ने फोन रिसीव न करने की नाराजगी जताई। लेकिन किसी तरह की अभद्रता नहीं की गई, न ही उन्हें बाहर जाने को कहा गया। एडीएम ने इस विवाद को “राजनीति से प्रेरित” बताया और कहा कि वो जनप्रतिनिधियों का पूरा सम्मान करते हैं।
पूर्व विधायक माविया अली ने कहा-भाजपा शासन में अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं। महिला सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार साफ दर्शाता है कि अफसरशाही किस तरह हावी हो चुकी है। वहीं,मामला बढ़ता देख मंडलायुक्त अटल कुमार राय ने डीएम मनीष बंसल को जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने एडीएम से जवाब-तलब किया है।
अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए
सांसद इकरा हसन 1 जुलाई को छुटमलपुर नगर पंचायत अध्यक्ष शमा परवीन के साथ एडीएम से मिलने पहुंची थीं। दोपहर करीब एक बजे इकरा को कार्यालय से बताया गया कि एडीएम लंच पर हैं। अपनी समस्याएं पत्र के माध्यम से दे दें। मगर सांसद और चेयरपर्सन ने व्यक्तिगत रूप से मिलकर समस्याएं रखने की बात कही।
दोपहर करीब 3 बजे एडीएम संतोष बहादुर सिंह से दोनों की मुलाकात हुई। इकरा का आरोप है कि बातचीत के दौरान एडीएम ने गलत व्यवहार किया। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष को डांटा। मुझसे भी अभद्र भाषा में बात की। यहां तक कि हमसे कार्यालय से बाहर निकल जाने को कहा। महिला नगर पंचायत अध्यक्ष ने भी सांसद के आरोपों की पुष्टि की है। सपा सांसद ने इस बारे में सीएम, प्रमुख सचिव (नियुक्ति), और मंडलायुक्त से लिखित शिकायत की है।



