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7 साल के बच्चों का आधार अपडेट जरूरी: 5 से 7 साल की उम्र में फ्री अपडेट, बाद में देने होंगे 100 रुपए – Lucknow News

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7 साल के बच्चों का आधार अपडेट जरूरी:  5 से 7 साल की उम्र में फ्री अपडेट, बाद में देने होंगे 100 रुपए – Lucknow News

7 साल के बच्चों का आधार अपडेट जरूरी: 5 से 7 साल की उम्र में फ्री अपडेट, बाद में देने होंगे 100 रुपए – Lucknow News

लखनऊ5 मिनट पहले

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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई)

लखनऊ ने उन बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) पूरा करने पर बल दिया है, जो सात वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं लेकिन अभी तक अपने आधार में बायोमेट्रिक विवरण अपडेट नहीं करवा पाए हैं। यह प्रक्रिया आधार के अंतर्गत अनिवार्य है। माता-पिता या अभिभावक किसी भी आधार सेवा केंद्र या नामित आधार केंद्र पर जाकर अपने बच्चे का विवरण अपडेट करवा सकते हैं।

पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों का आधार नामांकन फोटोग्राफ, नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और प्रमाण दस्तावेज़ों के आधार पर किया जा सकता है। इस आयु वर्ग के बच्चों के फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स नहीं लिए जाते, क्योंकि इस उम्र में ये पूरी तरह विकसित नहीं होते।

5 से 7 वर्ष के बच्चों का आधार नि:शुल्क अपडेट

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वर्तमान नियमों के अनुसार, जैसे ही बच्चा पांच वर्ष का हो जाता है, उसके आधार में फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटोग्राफ का अपडेट अनिवार्य होता है। इस प्रक्रिया को पहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) कहा जाता है। यदि यह अपडेट पांच से सात वर्ष की आयु के बीच किया जाता है, तो यह नि:शुल्क होता है। लेकिन सात वर्ष की आयु पार करने के बाद, इसके लिए ₹100 का निर्धारित शुल्क लिया जाता है।

बच्चों के बायोमेट्रिक डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए एमबीयू का समय पर पूरा होना आवश्यक है। यदि सात वर्ष की आयु के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती, तो वर्तमान नियमों के अनुसार आधार संख्या निष्क्रिय की जा सकती है।

नामांकन के अवसर तक – आधार हर कदम पर सशक्त

अपडेट किया गया बायोमेट्रिक आधार जीवन को सरल बनाता है और स्कूल में प्रवेश, प्रवेश परीक्षाओं में पंजीकरण, छात्रवृत्ति प्राप्त करने, और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी योजनाओं व सेवाओं के निर्बाध उपयोग को सुनिश्चित करता है। इसलिए माता-पिता/अभिभावकों से अनुरोध है कि वे अपने बच्चों/आश्रितों के बायोमेट्रिक्स को प्राथमिकता के आधार पर अपडेट कराएं।

यूआईडीएआई ने ऐसे बच्चों के आधार में पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर एमबीयू प्रक्रिया पूरी करने के लिए एसएमएस भेजना शुरू कर दिया है।

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