अमृतसर सब्जी मंडी की बदतर हालत: सांसद- विधायक हुए आमने-सामने; जीवनजोत बोली- मुद्दा केंद्र सरकार का, बताएं आपने कितनी बार संसद में उठाया – Amritsar News h3>
विधायक जीवन जोत कौर और सांसद गुरजीत सिंह औजला।
पंजाब के अमृतसर स्थित वल्ला स्थित सब्जी मंडी की खस्ताहाल स्थिति को लेकर पंजाब की राजनीति में नया टकराव देखने को मिला है। अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला और नवजोत सिद्धू व बिक्रम मजीठिया को हरा कर विधायक बनी आम आदमी पार्टी की जीवनजोत कौर सोश
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सांसद गुरजीत सिंह औजला की तरफ से की गई पोस्ट।
दरअसल, ये विवाद सांसद गुरजीत सिंह औजला की एक पोस्ट से शुरू हुआ। जिसमें सांसद गुरजीत औजला ने आरोप लगाते हुए लिखा- “वल्ला सब्जी मंडी, अमृतसर” जिसे पंजाब सरकार द्वारा आधुनिक बनाने का वादा किया गया था — लेकिन आज इसकी हालत बेहद खराब है। बारिश के दिनों में यह विक्रेताओं और खरीदारों दोनों के लिए एक दु:स्वप्न बन जाती है। ना तो जल निकासी की व्यवस्था है, ना छतें हैं, ना ही काम करने की कोई गरिमा। क्या यही वादा किया गया था? व्यापारियों को इससे बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। अब कार्रवाई की सख्त जरूरत है।
विधायक जीवनजोत कौर की तरफ से की गई पोस्ट।
विधायक जीवनजोत कौर का सांसद को जवाब
विधायक जीवनजोत कौर ने सांसद गुरजीत औजला का जवाब देते हुए, उन्हीं से सवाल कर दिया है। सांसद औजला ने लिखा- “यह आपसे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी गुरजीत सिंह औजला। यह मामला केंद्र सरकार से जुड़ा है क्योंकि यह गोला-बारूद डंप का मामला है। आपने इस मुद्दे को संसद में कितनी बार उठाया है?” मैंने इस विषय पर सभी को मेल लिखी है। पंजाब सरकार जो भी कर सकती है, वह अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन यह प्रयास तब तक अस्थायी ही रहेंगे जब तक सेना से जुड़ा मुद्दा हल नहीं होता। निरंतर पानी की निकासी का काम जारी है। कृपया समाधान का हिस्सा बनें, न कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करें।
सेना से NOC ना मिलने को बताया कारण
विधायक जीवनजोत कौर ने इस मुद्दे पर अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर साक्षी सॉहनी द्वारा लिखा गया आधिकारिक पत्र भी सार्वजनिक किया। इसमें मंडी की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा गया है कि:
- मंडी वल्ला वल्ला आयुध डंप से 1000 गज के भीतर है, इसलिए वहां किसी भी निर्माण या मरम्मत के लिए सेना से अनुमति (NOC) जरूरी है।
- मंडी की स्थिति बेहद खराब है – शेड टूटे हुए हैं, बाउंड्री वॉल नहीं है, 2-3 फीट गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियाँ फैलती हैं।
- दो व्यक्तियों की मौत डेंगू से हो चुकी है। सीवरेज लाइन की अनुपस्थिति से जलभराव की स्थिति बनी रहती है।
डीसी ने यह भी लिखा कि मंडी प्रतिदिन कई क्विंटल कचरा पैदा करती है और इसकी सफाई के लिए NGT और केंद्र की योजना के तहत ठोस कचरा प्रबंधन सिस्टम लगाया जाना था, लेकिन NOC नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है।
NOC के लिए भेजे गए सभी पत्र खारिज
डीसी साक्षी सॉहनी ने अपने पत्र में सेना को भेजे गए छह पत्रों का उल्लेख किया है जिनमें सड़क, बाउंड्री वॉल, कचरा प्रबंधन, बोरवेल और सीवरेज कार्यों की अनुमति मांगी गई थी – लेकिन या तो सभी को अस्वीकृत कर दिया गया या उत्तर नहीं दिया गया।ं




