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सिद्धार्थनगर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधारोपण की शुरुआत: पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप ने सड़क किनारे मांस-मछली की बिक्री रोकने के लिए DM को लिखा पत्र – Siddharthnagar News

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सिद्धार्थनगर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधारोपण की शुरुआत:  पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप ने सड़क किनारे मांस-मछली की बिक्री रोकने के लिए DM को लिखा पत्र – Siddharthnagar News

सिद्धार्थनगर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधारोपण की शुरुआत: पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप ने सड़क किनारे मांस-मछली की बिक्री रोकने के लिए DM को लिखा पत्र – Siddharthnagar News

इंतेजार हैदर | सिद्धार्थनगर9 मिनट पहले

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सिद्धार्थनगर में स्कूल परिसर में पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने पौधारोपण किया।

सिद्धार्थनगर के देवरिया वृंदावन स्थित गुरु गोरक्षनाथ ज्ञान स्थली में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हियुवा प्रभारी और डुमरियागंज के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

विद्यालय प्रांगण में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। मीडिया से बातचीत में पूर्व विधायक ने सावन माह को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सावन के पवित्र महीने में सड़क किनारे मांस-मछली की बिक्री न हो, इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।

राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मोहर्रम के बाद प्रशासन को सड़क किनारे से ये दुकानें हटानी होंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है, तो वे स्वयं सड़कों पर उतरकर दुकानें बंद करवाएंगे।

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सशस्त्र सीमा बल की 43वीं वाहिनी में पर्यावरण पहल, 9000 पौधे लगाने का लक्ष्य

सिद्धार्थनगर स्थित सशस्त्र सीमा बल की 43वीं वाहिनी में शनिवार को विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कमांडेंट उज्जल दत्ता के निर्देश पर उप कमांडेंट सारंग चौहान के नेतृत्व में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। वाहिनी ने इस वर्ष 9000 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।

कार्यक्रम की शुरुआत वाहिनी के अधिकारियों और कर्मियों द्वारा परिसर में वृक्षारोपण के साथ की गई। यह पहल बल मुख्यालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है।पौधों का पर्यावरण में महत्वपूर्ण योगदान है। ये जल चक्र को संतुलित करते हैं और वर्षा तथा जल संचयन में सुधार करते हैं। वृक्ष मिट्टी को स्थिर रखने में मदद करते हैं।

इससे मिट्टी का क्षरण रुकता है। वृक्ष जैव विविधता को बनाए रखने में सहायक हैं। इससे पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बना रहता है। साथ ही जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी मदद मिलती है।वाहिनी के अधिकारियों ने कहा कि वृक्षारोपण, वृक्षों की देखभाल, प्रदूषण रोकना और स्वच्छता बनाए रखना सभी का कर्तव्य है। इन कार्यों को दैनिक जीवन में शामिल कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।

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