पीएम मोदी ने सुनाई बालाघाट की सूमा की सक्सेस स्टोरी: मन की बात में कहा- दीदी कैंटीन और थर्मल थैरेपी से बनीं आत्मनिर्भर – Bhopal News h3>
बालाघाट जिले के कटंगी ब्लॉक की सूमा उईके ने सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़कर मशरूम की खेती और पशुपालन की ट्रेनिंग ली। सूमा का जिक्र पीएम मोदी ने किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 123वें एपिसोड का आज (29 जून) प्रसारण हुआ। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने बालाघाट जिले के कटंगी की रहने वाली सूमा उईके की सफलता की कहानी सुनाई।
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पीएम ने कहा, ऐसा ही एक चेहरा हैं मध्य प्रदेश की सूमा उईके। सूमा जी का प्रयास बहुत सराहनीय है। उन्होंने बालाघाट जिले के कटंगी ब्लॉक में सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़कर मशरूम की खेती और पशुपालन की ट्रेनिंग ली। इससे उन्हें आत्मनिर्भरता की राह मिल गई। सूमा उईके की आय बढ़ी तो उन्होंने अपने काम का विस्तार भी किया।
एमपी के महुआ कुकीज का जिक्र भी कर चुके हैं पीएम मोदी ने इससे पहले मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी क्षेत्र में महुआ के फूल से बनने वाले कुकीज का जिक्र किया था। पीएम ने कहा- आपने महुआ के फूलों के बारे में तो जरूर सुना होगा। हमारे गांवों में, विशेष रूप से आदिवासी समुदायों में, इसके महत्व को अच्छी तरह समझा जाता है।
अब देश के कई हिस्सों में महुआ के फूलों की यात्रा एक नए रास्ते पर निकल पड़ी है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के राजाखोह गांव में चार बहनों ने महुआ के फूलों से कुकीज बनाने की पहल की है। उनके बनाए हुए कुकीज बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं।
पीएम मोदी ने राजाखोह गांव की महिलाओं के स्टार्टअप की सराहना की थी।
महिलाओं के बनाए महुआ कुकीज की मांग बढ़ रही पीएम मोदी ने बताया कि इन महिलाओं की मेहनत देखकर एक बड़ी कंपनी ने उन्हें अपनी फैक्ट्री में काम करने की ट्रेनिंग दी। इससे प्रेरित होकर गांव की कई अन्य महिलाएं भी इस पहल से जुड़ गईं। अब इन महिलाओं द्वारा बनाए गए महुआ कुकीज की मांग तेजी से बढ़ रही है।
मोदी ने जिन महिलाओं की तारीफ की, उनकी सक्सेस स्टोरी
राजाखोह गांव की महिलाओं ने महुआ उत्पादक समूह का गठन किया।
महिलाओं द्वारा महुआ का प्रयोग कुछ ऐसा किया गया, कि अब वह राजाखोह गांव की पहचान बन गया है। राजाखोह गांव की देवकी चोरे, लता मस्कोले, नीतू अहिरवार और मंजू चौरे सहित कुछ महिलाओं ने महुआ उत्पादक समूह का गठन किया और आदिवासी जीवन शैली से जुड़े व्यंजनों के व्यापार के लिए 5-5 हजार एकत्रित किए।
इसी के तहत उन्होंने महुआ के फूल से कुकीज बनाने का फैसला लिया और इस आइडिया से उनका जीवन बदल गया। पढ़ें पूरी खबर…
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