बारिश में बैठ जाता है दिल-उड़ जाती है नींद: आगरा के व्यापारियों का दर्द-बारिश वाले दिन ठप हो जाता है व्यापार, बाजार में ढाई फीट तक भर जाता है पानी – Agra News h3>
पिछले दिनों हुई बारिश के दौरान राजामंडी बाजार में हुआ जलभराव।
लोगों को सालभर मानसून का इंतजार रहता है। झमाझम बारिश में भीगने की चाहत। अपनी तरफ खींचती हर ओर छाई हरियाली। मगर, बारिश की दूसरी तस्वीर हैरान और परेशान करने वाली है। आगरा के कई बाजारों के व्यापारियों को बारिश की बूंदें सुकून नहीं, बेचैनी देती हैं। उनकी
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तो आइये डालते हैं ऐसे बाजारों पर नजर, जो झेल रहे जलभराव की समस्या…
शिवाजी बाजार बिजलीघर चौराहा के पास स्थिति शिवाजी बाजार में बारिश से जलभराव की समस्या दशकों पुरानी है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां व्यापार कर रहे व्यापरी कहते हैं कि जलभराव की समस्या झेलते-झेलते दो पीढ़ियां हो गईं। शिवाजी बाजार रेडीमेट कपड़े और चप्पलों का होलसेल का बाजार है। यहां लगभग 135 दुकानें हैं। बारिश के दौरान यहां 2-2 फीट तक पानी भर जाता है।
शिवाजी बाजार में जलभराव।
यहां सालों से व्यापार कर रहे श्याम भोजवानी कहते हैं-जिस दिन बारिश हो जाती है, उस दिन पूरे दिन का व्यापार ठप हो जाता है। क्योंकि जलभराव के बाद 3 से 4 घंटे पानी निकालने में लगते हैं। इसके बाद बाजार में गंदगी फैल जाती है, जिसकी वजह से ग्राहक नहीं आते।
नाला चोक हो जाता है पास में दो नाले हैं, महावीर नाला और काजीपाड़ा लेकिन दोनों ही चोक हो जाते हैं। दरअसल, आसपास के घरों में जूते का काम होता है। वे लोग जूते में प्रयोग होने वाले चमड़े और सिंथेटिक सोल की कतरन बोरे में भरकर नाली में बहा देते हैं, जिसकी वजह से बारिश में नाले चोक हो जाते हैं। पिछले दिनों हुई बारिश के दौरान इस बाजार में काफी पानी भर गया। सुनिये यहां के व्यापारियों का दर्द…
मनोज भाटिया, व्यापारी
बारिश के बाद बाजार में 3-4 घंटे तक जलभराव रहता है। नाले का गंदा पानी भी बाजार में आ जाता है। इसकी वजह से यहां कीचड़ हो जाती है। हम दो पीढ़ियों से ये समस्या झेल रहे हैं। जलभराव की वजह से हमने दुकानें ऊंची भी करवा ली हैं, इसके बावजूद दुकान में पानी घुस आता है। समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। मनोज भाटिया, व्यापारी
हितेश, व्यापारी
जिस रात को बादल छा जाते हैं, उस रात को तो हमारी नींद उड़ जाती है। डर लगा रहता है कि ज्यादा बारिश होने पर पानी दुकान में न घुस जाए। कभी-कभी तो पूरी रात हम सो नहीं पाते हैं। बारिश का सीजन हमारे लिए बहुत परेशान करने वाला होता है। व्यापार चौपट हो जाता है। हितेश, व्यापारी
राजामंडी बाजार में जलभराव।
राजामंडी बाजार यह शहर के प्रमुख बाजारों में से एक है। यह रिटेल बाजार है। यहां कपड़े, स्टेशनरी, कॉस्मैटिक, घर की साज-सज्जा सहित दैनिक उपयोग की लगभग सभी चीजों ही यहां दुकान हैं। इस बाजार में लगभग 250 दुकानों हैं। यह बाजार भी जलभराव की समस्या ग्रसित है। 20 मिनट की बारिश में ही पूरा बाजार जलमग्न हो जाता है। सड़क नाले में तब्दील हो जाती है। पिछले दिनों जब यहां बारिश हुई तो पूरा बाजार लबालब हो गया। यहां पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। सीवर लाइन में सिर्फ घर या दुकानों के कनेक्शन वाला ही गंदा पानी जा सकता है। पास में बड़ा नाला या नाली नहीं है, जिसकी वजह से यहां पानी आसानी नहीं निकल पाता। दुकानों में पानी भर जाता है।
ये है व्यापारी का कहना…
लिलि गोयल, व्यापारी
बाजार में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। दुकानदार काफी परेशान हैं। जिस दिन सुबह या दोपहर में बारिश हो जाए, तो पूरे दिन का व्यापार चौपट हो जाता है। दुकानदारों का पूरा समय दुकान से पानी निकालने और इसकी साफ-सफाई में ही निकल जाता है। लिलि गोयल, व्यापारी
इन बाजारों में भी है जलभराव की समस्या
- अलबतिया रोड बाजार
- शाहगंज
- राजपुर चुंगी बाजार
- ट्रांसयमुना कॉलोनी बाजार
- रोशन मोहल्ला
- खेरिया मोड बाजार
- सेमरी का ताल बाजार
सेमरी का ताल बाजार में जलभराव।
किस वजह से है समस्या
- अधिकांश जगहों पर क्षमता के अनुरूप नाले नहीं है
- कुछ क्षेत्रों में नाले नहीं हैं, सीवर लाइन भी कनेक्ट नहीं है
- शहर के अधिकांश नालों की सफाई नियमित नहीं होती
- मानसून से पहले खानापूर्ति के लिए अभियान चलाया जाता है




