10 पुजारी 5 बार कर रहे रामदरबार की आरती: प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में पूजन-आरती और भोग आरंभ, अभी दर्शन की व्यवस्था होनी है – Ayodhya News h3>
राम मंदिर के पहले तल पर विराजमान राम दरबार।
5 जून को राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में पूजन आरती और भोग आरंभ हो गया है जबकि अभी दर्शन की व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। सुबह 4:00 से लेकर रात्रि 10:00 बजे तक प्रतिदिन राम दरबार की सेवा हो रही है।
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प्रातः 4:00 बजे मंगला आरती, 6:00 बजे श्रृंगार आरती, 12:00 बजे दोपहर भोग और आरती, शाम को 7:00 बजे संध्या आरती व रात 10:00 बजे शयन आरती व भोग हो रहा है।
खीर, आम के जूस और दही और रबड़ी आदि का भोग रामलाल की सेवा में तैनात 20 पुजारी में ही दो शिफ्ट में 5-5 पुजारी राम दरबार में सेवा पूजा कर रहे हैं।राम दरबार में भगवान को प्रतिदिन रोटी, सब्जी, पापड़,खीर, चावल, आम के जूस और दही का भोग लगाया जा रहा है। पोहा, रबड़ी और पराठा आदि का अल्पाहार कराया जा रहा है।
दिल्ली से नूतन वस्त्र और फूल रोज सेवा के लिए आ रहे राम दरबार में भगवान की सेवा के लिए प्रतिदिन रामलला की ही तरह दिल्ली से देसी विदेशी फुल पहुंच रहे हैं और दिल्ली से ही प्रतिदिन नूतन वस्त्र आ रहे हैं।भगवान राम सीता जानकी लक्ष्मण और हनुमान जी और भारत जी को प्रतिदिन चयन से पूर्ण गिरी गाय के दूध का भोग लगाया जा रहा है।
इस माह कभी भी दर्शन शुरू किया जा सकता है श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को यह निर्णय करना है कि राम दरबार का दर्शन कब हो सके। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार राम दरबार 40 सीढ़ियों पर चढ़ने के बाद राम दरबार का दर्शन होता है जो 20 फीट ऊंचा है। ऊपर जाने के लिए अभी रेलिंग नहीं लग पाई है। रेलिंग सहित कुछ अन्य सुविधाओं को जताने के बाद इस माह कभी भी दर्शन शुरू किया जा सकता है।
भक्तों की सुविधा के लिए लिफ्ट की भी व्यवस्था की जा रही है चंपत राय के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए राम दरबार तक पहुंचाने के लिए भक्तों की सुविधा के लिए लिफ्ट की भी व्यवस्था की जा रही है। हालांकि इस कार्य में अभी कुछ मन का समय लग सकता है।
प्रति घंटे केवल 50 और प्रतिदिन अधिकतम 750 लोग ही राम दरबार का दर्शन कर सकेंगे : ट्रस्ट के अनुसार राम दरबार में दर्शन के लिए प्रतिदिन निशुल्क विशेष पास जारी किए जाएंगे। प्रति घंटे केवल 50 और प्रतिदिन अधिकतम 750 लोग ही राम दरबार का दर्शन कर सकेंगे। ऐसा श्रद्धालु व राम दरबार की सुरक्षा को देखते हुए इंजीनियरों की राय के बाद निर्णय लिया गया है।



