सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पुल का क्षतिग्रस्त अंश का पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह उच्च न्यायालय के आदेश के बाद किया जा रहा है। न्यायालय के आदेश के अनुसार बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा पुल के क्षतिग्रस्त अंश (पियर-9 से पियर-13) का निर्माण कार्य किया जाना है।
इस संबंध में पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण में पहुंच पथ का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, ताकि यातायात संचालन को शीघ्र सुगम बनाया जा सके। पुनर्निर्माण से संबंधित कम्पोजिट बीम (गर्डर्स) का निर्माण अनुमोदित कार्यशाला में आरेखन के अनुसार प्रारंभ करने के लिए कारवाई की जा रही है। वहीं, परिवर्तित सुपर-स्ट्रक्चर के अनुरूप आईआईटी रुड़की द्वारा प्राप्त तकनीकी परामर्श के अनुसार नींव में आवश्यक सुधार भी कराया जा रहा है।
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विभागीय अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पुल के क्षतिग्रस्त अंश सहित पहुँच पथ एवं शेष बचे कार्यों को आगामी 18 माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस संबंध में उन्होंने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अभियंता को निर्देश देते हुए कहा कि कार्य की गुणवत्ता को देखते हुए इसे समय पर पूरा करें। निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पुल निर्माण निगम के अंतर्गत एक सुदृढ़ परियोजना क्रियान्वयन इकाई का गठन किया गया है, जिसमें अनुभवी इंजीनियर की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अतिरिक्त आईआईटी या अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों के समूह की एक स्वतंत्र तकनीकी टीम भी समय-समय पर स्थल निरीक्षण कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान कर रही है।
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काम समय पर और गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच के लिए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष को इसकी जिम्मेदारी दी है। निगम के प्रबंध निदेशक स्थल निरीक्षण करेंगे। इसके अतिरिक्त पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख (कार्य प्रबंधन) भी मासिक निरीक्षण एवं विभागीय स्तर पर मासिक समीक्षा की जाएगी, ताकि योजना का सतत अनुश्रवण सुनिश्चित हो सके।