यूपी में लीज औद्योगिक भूमि फ्री होल्ड करने की मांग: IIA समेत 20 संगठनों ने कहा- इससे बढ़ेगा निवेश और राजस्व – Lucknow News h3>
लखनऊ14 मिनट पहले
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राजधानी लखनऊ स्थित इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) भवन में सोमवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें IIA सहित A-20 औद्योगिक संगठनों ने उत्तर प्रदेश में लीज होल्ड औद्योगिक भूमि को फ्री होल्ड करने की माँग को दोहराया। संगठनों का कहना है कि इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और सरकार को भी भारी राजस्व प्राप्त होगा।
मौजूदा प्रणाली से उद्यमियों को परेशानी
IIA के अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान लीज होल्ड प्रणाली उद्यमियों के लिए जटिल और समय खपत वाली है। छोटी-छोटी गतिविधियों जैसे नया उत्पाद शुरू करना, बैंकिंग विवरण में बदलाव, पारिवारिक हस्तांतरण या प्लांट किराए पर देने के लिए भी यूपीसीडा और उद्योग निदेशालय से अनुमति लेनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि कई बार भ्रष्टाचार का सामना भी करना पड़ता है।
अन्य राज्यों में पहले से लागू है फ्री होल्ड नीति
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उन्होंने कहा कि हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लीज होल्ड भूमि को पहले ही फ्री होल्ड किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में भी ऐसी नीति की आवश्यकता है। वर्ष 2016 में राज्य सरकार द्वारा एक नीति बनाई गई थी, लेकिन वह केवल एक हेक्टेयर या उससे बड़े भूखंडों पर ही लागू होती है, जिससे अधिकांश छोटे व मध्यम उद्यम इससे वंचित रह जाते हैं।
उद्योगपतियों ने उठाए न्याय और विकास के तर्क
उद्योगपतियों का तर्क है कि जब उद्यमी पहले ही जमीन का मूल्य, विकास शुल्क और प्रीमियम चुका चुके हैं, और उद्योग सुचारु रूप से चल रहा है, तो उन्हें पूर्ण मालिकाना हक देना न्यायसंगत है। लीज होल्ड नीति को ब्रिटिश शासन की विरासत बताते हुए IIA ने कहा कि आज़ादी के अमृत काल में इससे मुक्त होना समय की माँग है।
सरकार इस माँग पर गंभीरता से विचार करें
औद्योगिक संगठनों को उम्मीद है कि राज्य सरकार इस माँग पर गंभीरता से विचार करेगी और लघु एवं मध्यम उद्योगों के हित में फ्री होल्ड नीति जल्द लागू करेगी। इससे न केवल औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का सपना भी साकार हो सकेगा।
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लखनऊ14 मिनट पहले
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राजधानी लखनऊ स्थित इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) भवन में सोमवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें IIA सहित A-20 औद्योगिक संगठनों ने उत्तर प्रदेश में लीज होल्ड औद्योगिक भूमि को फ्री होल्ड करने की माँग को दोहराया। संगठनों का कहना है कि इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और सरकार को भी भारी राजस्व प्राप्त होगा।
मौजूदा प्रणाली से उद्यमियों को परेशानी
IIA के अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान लीज होल्ड प्रणाली उद्यमियों के लिए जटिल और समय खपत वाली है। छोटी-छोटी गतिविधियों जैसे नया उत्पाद शुरू करना, बैंकिंग विवरण में बदलाव, पारिवारिक हस्तांतरण या प्लांट किराए पर देने के लिए भी यूपीसीडा और उद्योग निदेशालय से अनुमति लेनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि कई बार भ्रष्टाचार का सामना भी करना पड़ता है।
अन्य राज्यों में पहले से लागू है फ्री होल्ड नीति
उन्होंने कहा कि हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लीज होल्ड भूमि को पहले ही फ्री होल्ड किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में भी ऐसी नीति की आवश्यकता है। वर्ष 2016 में राज्य सरकार द्वारा एक नीति बनाई गई थी, लेकिन वह केवल एक हेक्टेयर या उससे बड़े भूखंडों पर ही लागू होती है, जिससे अधिकांश छोटे व मध्यम उद्यम इससे वंचित रह जाते हैं।
उद्योगपतियों ने उठाए न्याय और विकास के तर्क
उद्योगपतियों का तर्क है कि जब उद्यमी पहले ही जमीन का मूल्य, विकास शुल्क और प्रीमियम चुका चुके हैं, और उद्योग सुचारु रूप से चल रहा है, तो उन्हें पूर्ण मालिकाना हक देना न्यायसंगत है। लीज होल्ड नीति को ब्रिटिश शासन की विरासत बताते हुए IIA ने कहा कि आज़ादी के अमृत काल में इससे मुक्त होना समय की माँग है।
सरकार इस माँग पर गंभीरता से विचार करें
औद्योगिक संगठनों को उम्मीद है कि राज्य सरकार इस माँग पर गंभीरता से विचार करेगी और लघु एवं मध्यम उद्योगों के हित में फ्री होल्ड नीति जल्द लागू करेगी। इससे न केवल औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का सपना भी साकार हो सकेगा।



