दरभंगा में माले MLC से दुर्व्यवहार पर बवाल: आइसा, आरवाईए और ऐपवा ने पुतला किया दहन, कार्रवाई की मांग – Darbhanga News h3>
कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में सीनेट की बैठक के दौरान भाकपा (माले) की विधान परिषद सदस्य शशि यादव के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में शुक्रवार को आइसा, आरवाईए और ऐपवा ने संयुक्त रूप से कुलपति लक्ष्मी निवास पांडे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
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आरवाईए राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि सीनेट की बैठक की सूचना समय पर नहीं दी जाती है। फिर भी शशि यादव बैठक में शामिल होती हैं और छात्रों की पढ़ाई, शोध, शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन-पेंशन से जुड़े सवाल उठाती हैं। उन्होंने पूछा कि जब 20 वर्षों से भाजपा-जदयू की सरकार है तो संस्कृत विश्वविद्यालय को बजट के अनुसार सहायता क्यों नहीं मिल रही है। इस पर सत्ता समर्थक सीनेट सदस्य हंगामा करने लगे और ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारे लगाने लगे। यह शर्मनाक है। यह बैठक विश्वविद्यालय के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज होगी।
उन्होंने कहा कि वर्षों से सीनेट में बैठे भाजपा-जदयू के नेता सिर्फ टीए-डीए, गिफ्ट और भोजन के लिए आते हैं। अब सीनेट में भाकपा (माले) की उपस्थिति है। अब सीनेट विश्वविद्यालय के विकास के लिए काम करेगा। जो भी बाधा बनेगा, उसका विरोध सदन में और सड़क पर होगा। उन्होंने कुलपति से मांग की कि महिला सीनेटर से दुर्व्यवहार करने वाले सदस्य को बर्खास्त करने की अनुशंसा महामहिम से करें। अन्यथा आंदोलन उग्र होगा और कुलपति को कार्यालय में घुसने नहीं दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा का ह्रास हुआ है
आइसा राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रिंस राज ने कहा कि भाजपा-जदयू शासन में उच्च शिक्षा का ह्रास हुआ है। पूरे बिहार में एकमात्र संस्कृत विश्वविद्यालय है, लेकिन उसका नाम भी मिटता जा रहा है। संस्कृत भाषा में शोध को उन्नत बनाने की जरूरत है, लेकिन अब इसे धर्म के आधार पर ढाला जा रहा है। सीनेट में इस पर बहस नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि सीनेट बैठक के नाम पर लूट मची है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले सीनेट सदस्यों के नेतृत्व में ही लूट गिरोह सक्रिय है, जिसमें कुलपति भी फंसे हैं। अगर कुलपति ऐसे सदस्यों के खिलाफ राजभवन को नहीं लिखते हैं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
उन्होंने सरकार से मांग की कि संस्कृत शिक्षा में शोध को बढ़ावा देने के लिए विशेष फंड दिया जाए। साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर वेतन और पेंशन की गारंटी दी जाए। अनुकंपा पर नियुक्ति की भी मांग की।
भाजपा-जदयू समर्थकों ने अपमान किया है
ऐपवा जिला सचिव शनिचरी देवी ने कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अनर्गल बयान देते हैं, उसी तरह सीनेट बैठक में भाजपा-जदयू समर्थकों ने महिला सीनेटर का अपमान किया है। अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा।
ऐपवा नेत्री रानी सिंह ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय में लूट के खिलाफ लड़ाई अब तेज होगी। जब तक भ्रष्ट सीनेट सदस्य और कुलपति पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
कार्यक्रम में अशोक पासवान, अमित पासवान, इंद्रजीत कुमार विक्की, सिद्धार्थ राज, केशव चौधरी, रंजीत यादव, करण कुमार, विशाल यादव, रसीदा खातून, धनराज साह, मानी कुमार, शकीला खातून सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।



