BPSC शिक्षक पेपर लीक का खुलासा, उज्जैन से गिरफ्तार हुआ मास्टरमाइंड; कई राज्यों में फैला नेटवर्क h3>
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बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा के तीसरे चरण के पेपर लीक गिरोह का मास्टरमाइंड डॉ शिव कुमार उर्फ शिव उर्फ बिट्टू था। शुक्रवार को बिहार के आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने विज्ञप्ति जारी कर इस मामले के खुलासे का दावा किया। ईओयू के अनुसार डॉ शिव पूर्व में भी 2017 में नीट-यूजी के परीक्षा पत्र लीक कांड का अभियुक्त रहा है। इस संबंध में पत्रकार नगर थाना कांड संख्या – 224/17 सात मई 2017 को दर्ज की गयी थी। हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक कांड में डॉ. शिव और इसके सह अपराधी शुभम मंडल उर्फ शिवम मंडल की संलिप्तता सामने आयी है। इस अंतरराज्यीय गिरोह के तार उत्तरप्रदेश, झारखंड, उड़ीसा,पश्चिम बंगाल, बिहार एवं अन्य कई राज्यों से जुड़े हैं।
इस मामले में ईओयू द्वारा गठित विशेष टीम द्वारा जांच के क्रम में 14 मार्च को पटना में तथा 15 मार्च को हजारीबाग (झारखंड) में छापेमारी की गयी थी। इसमें पेपर लीक से संबंधित अभियुक्तों एवं अभ्यर्थियों सहित 266 की गिरफ्तारी की गयी थी। इस संबंध में ईओयू, बिहार पटना थाना कांड संख्या 06/2024 16 मार्च को विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया था। इस पेपर लीक मामले की जांच को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक, ईओयू नैयर हसनैन खान द्वारा पुलिस उप महानिरीक्षक, ईओयू के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसका नेतृत्व ईओयू के पुलिस अधीक्षक, साईबर एवं अभियान द्वारा किया गया।
BPSC शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में खुलासा, ब्लैकलिस्टेड प्रिंटिंग प्रेस को मिला था प्रश्न पत्र छापने का ठेका
डॉ. शिव और उसके चार सहयोगी उज्जैन से गिरफ्तार
ईओयू के अनुसार लगातार कई राज्यों व जिलों में छापामारी एवं खुफिया सूचना मिलने पर अंतत: गठित टीम को डॉ. शिव कुमार एवं उसके चार अन्य सहयोगियों को उज्जैन से गिरफ्तार करने में सफलता मिली। उसके सहयोगियों में बल्ली उर्फ संदीप पासवान, प्रदीप कुमार, तेजप्रकाश और सौम्या कुमारी शामिल है। गिरफ्तार अभियुक्तों से कई चरणों में सघन पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए। जिसके आधार पर इस कांड का उदभेदन किया गया। इस कांड में अबतक कुल 279 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है। इस कांड से जुड़े वित्तीय अनुसंधान, छापेमारी, अन्य गिरफ्तारियां, परीक्षा संचालन की कड़ी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका के संबंध में आगे का अनुसंधान जारी है।
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बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा के तीसरे चरण के पेपर लीक गिरोह का मास्टरमाइंड डॉ शिव कुमार उर्फ शिव उर्फ बिट्टू था। शुक्रवार को बिहार के आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने विज्ञप्ति जारी कर इस मामले के खुलासे का दावा किया। ईओयू के अनुसार डॉ शिव पूर्व में भी 2017 में नीट-यूजी के परीक्षा पत्र लीक कांड का अभियुक्त रहा है। इस संबंध में पत्रकार नगर थाना कांड संख्या – 224/17 सात मई 2017 को दर्ज की गयी थी। हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक कांड में डॉ. शिव और इसके सह अपराधी शुभम मंडल उर्फ शिवम मंडल की संलिप्तता सामने आयी है। इस अंतरराज्यीय गिरोह के तार उत्तरप्रदेश, झारखंड, उड़ीसा,पश्चिम बंगाल, बिहार एवं अन्य कई राज्यों से जुड़े हैं।
इस मामले में ईओयू द्वारा गठित विशेष टीम द्वारा जांच के क्रम में 14 मार्च को पटना में तथा 15 मार्च को हजारीबाग (झारखंड) में छापेमारी की गयी थी। इसमें पेपर लीक से संबंधित अभियुक्तों एवं अभ्यर्थियों सहित 266 की गिरफ्तारी की गयी थी। इस संबंध में ईओयू, बिहार पटना थाना कांड संख्या 06/2024 16 मार्च को विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया था। इस पेपर लीक मामले की जांच को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक, ईओयू नैयर हसनैन खान द्वारा पुलिस उप महानिरीक्षक, ईओयू के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसका नेतृत्व ईओयू के पुलिस अधीक्षक, साईबर एवं अभियान द्वारा किया गया।
BPSC शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में खुलासा, ब्लैकलिस्टेड प्रिंटिंग प्रेस को मिला था प्रश्न पत्र छापने का ठेका
डॉ. शिव और उसके चार सहयोगी उज्जैन से गिरफ्तार
ईओयू के अनुसार लगातार कई राज्यों व जिलों में छापामारी एवं खुफिया सूचना मिलने पर अंतत: गठित टीम को डॉ. शिव कुमार एवं उसके चार अन्य सहयोगियों को उज्जैन से गिरफ्तार करने में सफलता मिली। उसके सहयोगियों में बल्ली उर्फ संदीप पासवान, प्रदीप कुमार, तेजप्रकाश और सौम्या कुमारी शामिल है। गिरफ्तार अभियुक्तों से कई चरणों में सघन पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए। जिसके आधार पर इस कांड का उदभेदन किया गया। इस कांड में अबतक कुल 279 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है। इस कांड से जुड़े वित्तीय अनुसंधान, छापेमारी, अन्य गिरफ्तारियां, परीक्षा संचालन की कड़ी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका के संबंध में आगे का अनुसंधान जारी है।




