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तिहाड़ में 5 बड़े बदलाव… ताकि फिर न हो टिल्लू जैसा हत्याकांड

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तिहाड़ में 5 बड़े बदलाव… ताकि फिर न हो टिल्लू जैसा हत्याकांड

तिहाड़ में 5 बड़े बदलाव… ताकि फिर न हो टिल्लू जैसा हत्याकांड

नई दिल्ली: तिहाड़ जेल में टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद जेल में 5 बड़े बदलाव किए गए हैं। जेल में बंद 20 हजार से अधिक कैदियों में टॉप गैंगस्टर, हाई प्रोफाइल कैदियों और सामान्य कैदियों के लिए जेल प्रशासन पूरी रूपरेखा तैयार कर रहा है, जिससे कि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही भविष्य में जेल के अंदर संभावित टिल्लू जैसी गैंगवॉर होने से रोका जा सके। इस बारे में तिहाड़ जेल के डीजी संजय बेनीवाल का कहना है कि तिहाड़ जेल में गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना नहीं हो सके। इसके लिए जेलों में क्यूआरटी की तैनाती कर दी गई है। गैंगस्टरों और अन्य खतरनाक कैदियों को भी दूसरे राज्यों की जेलों में शिफ्ट कराने की भी कोशिश की जा रही हैं।

​1. तिहाड़ की तमाम 16 जेलों में QRT तैनात

तिहाड़ की नौ, रोहिणी और मंडोली की छह जेलों में QRT तैनात कर दी गई हैं। अभी प्रत्येक जेल में एक-एक QRT की तैनाती की गई है। जरूरत के मुताबिक इनमें और इजाफा किया जा सकता है। प्रत्येक QRT को बॉडी प्रोटेक्टर, इलेक्ट्रिक बेटन, पेपर स्प्रे, डंडे और इसी तरह से अन्य साजो-सामान से लैस किया गया है, ताकि जेल में टिल्लू हत्याकांड जैसा कोई और बड़ी वारदात हो तो मौके पर पहुंचकर QRT तुरंत हालात संभाल सके। कोशिश की जा रही है कि QRT की यूनिफॉर्म भी अलग हो। यह QRT तमिलनाडु स्पेशल पुलिस यानी TSP, CRPF और ITBP की होंगी।

2. 30 गैंगस्टर और इनके गुर्गों को किया शिफ्ट

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तिहाड़ की अलग-अलग जेलों में रह रहे 25 से 30 गैंगस्टरों और इनके गुर्गों की पहचान कर उनके गैंगों के हिसाब से जेलों के एक ही वॉर्ड, बैरक और चक्कियों यानी सेल में शिफ्ट कर रहा है। ताकि फिर से एक ही वॉर्ड में बंद दुश्मन गैंग आपस में भिड़ न जाएं। चूंकि टिल्लू की हत्या के बाद तिहाड़ में गैंगवॉर होने की आशंका प्रबल है।

​3. प्रिजन एक्ट में संशोधन के लिए दिल्ली सरकार को लिखा

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यह एक लंबी और जटिल प्रक्रिया है, लेकिन तिहाड़ जेल में कानून-व्यवस्था बनाने की बात को देखते हुए प्रिजन एक्ट में कई स्तर पर संशोधन के लिए दिल्ली सरकार के होम डिपार्टमेंट को पत्र लिखा गया है। इसके तहत जेल में बंद ऐसे गैंगस्टर और खतरनाक कैदियों को देश के दूसरे राज्यों की जेलों में शिफ्ट किया जा सकेगा, जो बार-बार जेल के नियमों को तोड़ते हैं। अगर भविष्य में यह काम हो गया तो आने वाले दिनों में तिहाड़ जेल के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा।

4. जेल में दंगे जैसे हालात बनने पर कौन क्या करेगा

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तिहाड़ जेल में आगे कभी टिल्लू जैसी वारदात हुई तो मौके पर मौजूद टीएसपी और जेल स्टाफ तुरंत एक्शन में आए, इसके लिए स्टैंडिंग ऑर्डर निकाले गए हैं। जिससे हालात पर तुरंत काबू पाया जा सके। इसके अलावा जेलों में बंद कैदियों के हिसाब से स्टाफ को तैनात किया जा रहा है। दबंग स्टाफ और जवानों को खतरनाक कैदियों वाली जेलों में शिफ्ट किया जा रहा है। जेल के 99 स्टाफ की ट्रांसफर वाली एक लिस्ट अभी निकाली भी गई थी। कुछ और स्टाफ को ट्रांसफर किया जाना बाकी है।

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5. कैदियों का सिक्योरिटी ऑडिट

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तिहाड़ की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद तमाम कैदियों का सिक्योरिटी ऑडिट किया गया है। इनमें गैंगस्टर से लेकर हाई प्रोफाइल कैदी शामिल हैं। इनमें राजनीति से संबंध रखने वाले विचाराधीन कैदी भी शामिल हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि तिहाड़ की मंडोली जेल नंबर-15 पूरी तरह से हाई सिक्योरिटी जेल है। यहां बंद करीब 50 कैदियों का सिक्योरिटी ऑडिट किया गया है।

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