मदद की गुहार पर अकेले नहीं दौड़ पड़ें… ASI शंभू दयाल की हत्या के बाद खौफ में दिल्ली पुलिस?
क्राइम वाली जगह पर अकेले ही चले जाते हैं पुलिसवाले
हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई पुलिस अधिकारी सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पर अकेले चले जाते हैं। इस दौरान उनके साथ पुलिस स्टेशन में भी पर्याप्त स्टॉफ नहीं रहता है। औसत रूप से पुलिसवालों को एक दिन में15 कॉल आते हैं और उन्हें इस स्थिति में अकेले ही जाना पड़ता है। पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि घटना की सूचना मिलते ही सबसे पहले पीसीआर वैन के साथ दो हथियारबंद पुलिसवाले पहुंचते थे। इसके बाद लोकल पुलिस स्टेशन से एक पुलिसवाला जाता था।
पुलिस जवानों पर क्यों हो रहे हैं हमले, मिला जवाब
पुलिस जवानों पर हो रहे हमलों पर भी पुलिस अधिकारी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आते हैं जिसमें पुलिसवाले जब अपराधियों को पकड़ने जाते हैं तो उनपर पत्थरों से हमला किया जाता है। वहीं कुछ मामलों में पुलिसवालों पर आरोपियों के परिवारवाले की ओर आंखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया जाता है। हालांकि हमारा फोकस अपराधियों को पुलिस कस्टडी से बाहर न जाने देने पर होता है।
अकेले आरोपी से भिड़ गए थे शंभू दयाल
एएसआई शंभू दयाल ने बीते हफ्ते आरोपी अनीश के चाकू के ताबडतोड़ वार के चलते घायल हो गए थे। जिसके बाद अस्पताल में उन्होंने अपना दम तोड़ दिया था। बीच रोड में आरोपी अनीश से लोहा लेने वाले शंभू दयाल को उस समय वहां मौजूद भीड़ में से कोई भी बटाने नहीं आया था। यह वाक्या तब हुआ था जब शंभू दयाल अनीश को लेकर मायापुरी पुलिस स्टेशन लेकर जा रहे थे। उसी दौरान अनीश ने जेब से चाकू निकाला और शंभू दयाल पर ताबड़तोड़ वार किए। हालांकि शंभू दयाल ने अकेले कापी देर तक उन वारों का सामना किया और आखिर में वह शहीद हो गए।

