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Delhi Covid Cases: कभी कम कभी ज्यादा… दिल्ली में कोरोना के 1652 मामले, 8 की मौत, एडमिट होने वाले मरीजों की संख्या दोगुनी

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Delhi Covid Cases: कभी कम कभी ज्यादा… दिल्ली में कोरोना के 1652 मामले, 8 की मौत, एडमिट होने वाले मरीजों की संख्या दोगुनी

Delhi Covid Cases: कभी कम कभी ज्यादा… दिल्ली में कोरोना के 1652 मामले, 8 की मौत, एडमिट होने वाले मरीजों की संख्या दोगुनी

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के कम-ज्यादा मामलों के बीच कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना और अन्य बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या भी अस्पतालों में दोगुनी हो गई है। दिल्ली में बुधवार को कोविड-19 के 1652 नए मामले सामने आए जबकि 8 और मरीजों की मौत हो गई। वहीं संक्रमण दर करीब एक पखवाड़े बाद 10 प्रतिशत से नीचे आ गई। दिल्ली में बुधवार को संक्रमण दर कम होकर 9.92 फीसदी पर आ गई। हालांकि अस्पतालों में भर्ती किए जाने वाले मरीजों की संख्या में करीब दो गुना बढ़ी है और इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग भी भर्ती किये जा रहे हैं।

वैसे तो कोविड-19 संक्रमण में वृद्धि एवं अस्पतालों में रोगियों की भर्ती की संख्या डरावनी स्थिति में नहीं है लेकिन विशेषज्ञों ने मास्क लगाने तथा कोविड-उपयुक्त अन्य व्यवहार के पालन की आवश्यकता दोहरायी है। दिल्ली में कोरोना वायरस मरीजों के लिए उपलब्ध 9,405 बिस्तरों में एक अगस्त को 307 (यानी 3.26 प्रतिशत) भरे थे । दो अगस्त को यह बढ़कर 3.75 प्रतिशत और उसके अगले दिन चार प्रतिशती हो गयी। उसके बाद अधिकतर दिन यह आंकड़ा बढ़ता ही रहा और 16 अगस्त को 6.24 प्रतिशत पर पहुंच गया।

छह अगस्त को अस्पतालों में पांच प्रतिशत तथा 11 अगस्त को 5.97 प्रतिशत कोविड-19 बिस्तर भरे थे। बारह अगस्त को यह आंकड़ा 6.13 प्रतिशत था जो अगले दिन आंशिक रूप से घटकर 5.99 प्रतिशत हुआ। 14 अगस्त को यह 6.21 प्रतिशत पर पहुंच गया तथा 15 अगस्त को 6.31 प्रतिशत रहा। शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के निदेशक और श्वास विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. विकास मौर्य ने कहा कि पिछले एक सप्ताह और उसके बाद उन्हें इस वायरल संक्रमण के चलते अस्पतालों में भर्ती में इजाफा नजर आ रहा है।

तेजी से बढ़ रही है फेफड़ों से संबंधी बीमारी
उन्होंने कहा, ‘मरीजों में ज्यादातर ऐसे लोग हैं जिन्हें कई अन्य गंभीर बीमारियां हैं और उनमें कुछ ने तो टीके भी नहीं लिये हैं। कुछ मरीजों को फेफड़े की परेशानियां हैं जिसका मतलब है कि उन्हें विषाणुरोधी उपचार एवं अन्य कोविड दवाइयों की जरूरत है।’ सरकारी अस्पताल लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने मौर्य की बात से सहमति जताई। उन्होंने कहा, ‘पिछले सप्ताह और उसके बाद मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गयी है। पहले हमारे यहां रोज चार से पांच मरीज आते थे लेकिन अब प्रति दिन आठ से दस मरीज आ रहे हैं।’

दिल्ली सरकार ने अस्पतालों को सतर्क किया
मंगलवार को सरकार ने कहा कि अस्पतालों को सतर्क रखा गया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने लोगों से टीके की एहतियाती खुराक लेने की अपील की थी क्योंकि इससे सुनिश्चित होता है कि लोग इस वायरस के विरूद्ध अधिक सुरक्षित है। सिसोदिया ने कहा, ‘अस्पतालों में भर्ती किये गये कोरोना मरीजों में 90 प्रतिशत ऐसे मरीज हैं जिन्होंने टीके की बस दो खुराक ली हैं। साथ ही, कोविड की तीसरी खुराक लेने के बाद महज दस प्रतिशत लोग कोरोना की चपेट में आये। इससे यह तो स्पष्ट है कि जिन्होंने एहतियाती खुराक ली है, वे कोरोना संक्रमण से सुरक्षित हैं।’

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