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RRTS News: दिल्‍ली से मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल का किराया कितना रखेंगे? अधिकारियों ने बताया फॉर्म्‍युला

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RRTS News: दिल्‍ली से मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल का किराया कितना रखेंगे? अधिकारियों ने बताया फॉर्म्‍युला

RRTS News: दिल्‍ली से मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल का किराया कितना रखेंगे? अधिकारियों ने बताया फॉर्म्‍युला

नई दिल्‍ली: भारत के सबसे पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) का पहला ट्रेन सेट गुजरात के सावली में बनकर तैयार हो गया। एल्सटॉम के प्रबंध निदेशक द्वारा पहली आरआरटीएस ट्रेन सेट की चाबियां एनसीआरटीसी के अध्यक्ष मनोज जोशी और एमडी विनय कुमार सिंह को सौंपी गई। एक बटन के क्लिक के साथ ट्रेन सेट रोलआउट की प्रक्रिया शुरू की। इसके साथ ही इन ट्रेनों का डिलिवरी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहला ट्रेन सेट जल्द ही दुहाई डिपो गाजियाबाद पहुंचेगा। एनसीआरटीसी के चेयरमैन ने कहा कि आरआरटीएस पूरी तरह से मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट पर आधारित है। ट्रेन के लगभग 18 पर्सेंट पार्ट्स जो विदेश से मंगाए जा रहे हैं, उन्हें भी यहीं असमेंबल किया जाता है। इन 30 आरआरटीएस अल्ट्रा मॉडर्न ट्रेनों को हैदराबाद में डिज़ाइन किया गया और सभी ट्रेन सेट गुजरात के सावली में बनाए जा रहे हैं।

NCRTC को सौंपी गईं चाबियां

कितना होगा ट्रेन का किराया
ट्रेन का किराया कितना होगा, इस सवाल के जवाब में एनसीआरटीसी के अध्यक्ष मनोज जोशी ने कहा कि पूरा प्रोजेक्ट 30 हजार करोड़ रुपये का है। इसलिए रिकवरी भी जरूरी है, जिससे लोन की धनराशि लौटाई जा सकेगी। किराया इस तरह का तय किया जाएगा कि अधिक से अधिक यात्री इसमें सफर कर सके। यह इतना कम भी नहीं होगा कि ट्रेन में ज्यादा भीड़ बढ़ जाए। ट्रेन के ऑपरेशन और मैंटेनेंस के लिए पार्टनर चुन लिया गया है। जर्मनी बेस कंपनी डोसेभान को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।


आरआरटीएस ट्रेन सेट की कुछ विशेषताएं

  • प्लग इन दरवाजे के साथ एयरोडायनेमिक प्रोफ़ाइल, हाई स्पीड पर हवा के खिंचाव को कम करने के लिए।
  • एंट्री और एग्जिट के लिए यात्रियों के लिए अधिकतम स्थान के लिए चौड़े गलियारे के साथ बड़ी खिड़कियां।
  • एर्गोनॉमिक रूप से डिज़ाइन की गई 2-2 ट्रांसवर्स सीटिंग, ओवरहेड लगेज रैक वाली कुशन वाली सीटें।
  • हर ट्रेन में एक प्रीमियम क्लास के लिए अलग से डब्बा होगा, महिलाओं के लिए एक आरक्षित कोच होगा।
  • सीसीटीवी, आधुनिक पैसेंजर अनाउंसमेंट और डिजिटल पैसेंजर इनफार्मेशन सिस्टम, वाई फाई और ऑनबोर्ड इन्फोटेनमेंट भी।
  • दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की जगह और आपातकालीन चिकित्सा परिवहन के लिए स्ट्रेचर की जगह का प्रावधान।

केंद्रीय मंत्री ने भेजा विडियो मैसेज
इस अवसर पर आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक विडियो संदेश के माध्यम से कहा कि हम सभी के लिए यह गर्व का दिन है। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण की सच्ची अभिव्यक्ति है। इस आधुनिक तकनीकी रूप से उन्नत रीजनल रेल में सवार होकर हम एक नए युग में प्रवेश करेंगे, क्योंकि आरआरटीएस क्षेत्रीय परिवहन के परिदृश्य को बदल देने वाला है।

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