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Jahangirpuri Voilance Case: छतों से फेंके पेट्रोल बम, सड़क पर फूंकी गाड़ियां, मासूमों की हत्याएं…जहांगीरपुरी हिंसा से ज्यादा खौफनाक थे 2020 के दिल्ली दंगे

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Jahangirpuri Voilance Case: छतों से फेंके पेट्रोल बम, सड़क पर फूंकी गाड़ियां, मासूमों की हत्याएं…जहांगीरपुरी हिंसा से ज्यादा खौफनाक थे 2020 के दिल्ली दंगे

Jahangirpuri Voilance Case: छतों से फेंके पेट्रोल बम, सड़क पर फूंकी गाड़ियां, मासूमों की हत्याएं…जहांगीरपुरी हिंसा से ज्यादा खौफनाक थे 2020 के दिल्ली दंगे

नई दिल्ली: हनुमान जयंती के अवसर पर दिल्ली के जहांगीरपुरी (Jahangirpuri Violence) इलाके में शोभायात्रा निकाली जा रही थी कि उसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने शोभायात्रा पर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते छोटे से फसाद ने दंगे की शक्ल ले ली। हालात यहां तक पहुंच गए कि एक उपद्रवी खुलेआम पुलिस और शोभायात्रा में शामिल लोगों पर फायरिंग करने लगा। हालात और खराब हो सकते थे, मगर दिल्ली पुलिस ने वक्त रहते विवादित क्षेत्र और आसपास के इलाकों में भारी फोर्स तैनात कर दी। मामले में धड़ाधड़ गिरफ्तारी भी हो रही है और आरोपियों को जेल भी भेज रहा है।

भले ही जहांगीरपुरी हिंसा को भड़कने से पहले रोक दिया हो, लेकिन इस हिंसा ने एक बार फिर से साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की याद ताजा कर दी है। उस दौरान उपद्रवियों ने लगातार कई दिनों तक दिल्ली को बंधक बनाया। खुलेआम छतों से पेट्रोल बम फेंके, सड़कों पर लोगों की गाड़ियों को फूंका गया और कई मासूम लोगोंं की सरेआम नृशंस हत्या भी की गई।

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जानें क्यों हुए साल 2020 में दिल्ली दंगे
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी, 2020 को संशोधिन नागरिकता कानून (सीएए) के समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़प के बाद सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी जिसमें कम से कम 53 लोगों की जान चली गई थी और 200 अन्य घायल हुए थे। इस हिंसा में बहुत से लोगो को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इस मामले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

छतों से फेंके गए पेट्रोल और एसिड बम
साल 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान उपद्रवियों ने सारी हदों को पार कर दिया था। उपद्रवी रिहाइशी इलाकों की छत में चढ़ गए थे। वहां से उन्होंने गुलेल का इस्तेमाल कर मासूम लोगों पर पेट्रोल और एसिड बम फेंके। इन हमलों में कई लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। उस दौरान एक वीडियो भी वायरल हुई थी। जिसमें AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन एक छत पर लोगों को पेट्रोल और एसिड बम बनाने का सामान मुहैया कराते नजर आ रहे थे। पुलिस ने इस मामले में ताहिर हुसैन को आरोपी भी बनाया है। मामला अब कोर्ट के अधीन है।

भारत की यात्रा पर थे डोनाल्ड ट्रंप
साल 2020 में जब दिल्ली में दंगे भड़के थे उस दौरान अमेरिका के तात्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे पर थे। जानकारों का कहना है कि ट्रंप के दौरे के कारण सारी सुरक्षा व्यवस्था एक क्षेत्र तक सीमित थी। जिसका फायदा उपद्रवियों ने उठाया और दिल्ली में जमकर उत्पात मचाया। अगर उस दौरान ट्रंप भारत के दौरे पर न होते तो जहांगीरपुरी हिंसा की तरह दिल्ली दंगों को भी तत्काल रोक दिया जाता।

आईबी अधिकारी को सरेआम मारा गया

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान आईबी के अधिकारी अंकित शर्मा को उपद्रवियों ने बेरहमी से मारकर नाले में फेंक दिया था। ऑफिस से घर लौट वक्त उपद्रवियों ने उन्हें निशाना बनाया। इस घटना के बाद दिल्ली दंगे और भड़क गए थे। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में उपद्रवियों ने दुकानों, मकानों और पेट्रोल पंप को आग के हवाले कर दिया था। साल 2020 के दंगों में सबसे ज्यादा जानमाल का नुकसान हुआ था। दंगों से पीड़ित परिवार आज भी दंगों के खौफे से बाहर नहीं आ पाए हैं।

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