जींद: ₹75 लाख के GST नोटिस को दबाने के लिए मांगी 5 लाख की रिश्वत, चार्टर्ड अकाउंटेंट और ETO गिरफ्तार
हरियाणा के जींद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है, जहाँ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और जीएसटी विभाग के एक ETO (आबकारी एवं कराधान अधिकारी) को रिश्वतखोरी के…
हरियाणा के जींद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है, जहाँ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और जीएसटी विभाग के एक ETO (आबकारी एवं कराधान अधिकारी) को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, आरोपियों ने एक फर्म को जारी किए गए ₹75 लाख के जीएसटी नोटिस पर कार्रवाई रोकने के बदले ₹5 लाख की रिश्वत मांगी थी।
एसीबी ने यह कार्रवाई एक व्यापारी अमन की शिकायत पर की। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें करीब डेढ़ महीने से ब्लैकमेल किया जा रहा था। अमन ने बताया, "यह मामला जीएसटी चोरी का था। सीए के जरिए मेरे पास कॉल आती थी कि आपको पांच लाख रुपये देने पड़ेंगे और 75 लाख रुपये का इन्होंने मेरा नोटिस निकाला था। मेरा ट्रेडिंग का काम है।"
कैसे बिछाया गया जाल?
लगातार दबाव से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय अधिकारियों को पकड़वाने का फैसला किया। उन्होंने एसीबी से संपर्क किया, जिसके बाद एक योजना तैयार की गई। सौदे के तहत ₹3 लाख एडवांस के तौर पर और बाकी ₹2 लाख कुछ दिनों बाद देने की बात तय हुई थी।
एसीबी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने IANS को बताया, "हमें अमन नाम के व्यक्ति से शिकायत प्राप्त हुई थी कि सीए अजय शर्मा और देवांश साहू, ईटीओ जीएसटी अधिकारी ने साथ मिलकर 75 लाख रुपये का नोटिस भेजा और कार्रवाई रोकने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई।" उन्होंने कहा कि जांच में शिकायत सही पाए जाने पर एक टीम का गठन किया गया।
रंगे हाथों गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
तय योजना के अनुसार, जैसे ही शिकायतकर्ता ने सीए अजय शर्मा को ₹3 लाख की रकम दी, एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में जीएसटी अधिकारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इनपुट: IANS



