बिहार विधानमंडल: 20 जुलाई से मानसून सत्र, 21 साल में पहली बार नीतीश कुमार के बिना चलेगी कार्यवाही
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र इस महीने 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जिसको लेकर औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह पांच दिवसीय सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राजनीतिक रूप
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र इस महीने 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जिसको लेकर औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह पांच दिवसीय सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राजनीतिक रूप से यह सत्र काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि पिछले 21 वर्षों में यह पहला मौका होगा जब नीतीश कुमार विधानसभा की कार्यवाही का हिस्सा नहीं होंगे।
इस सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और हाल के प्रशासनिक विवादों पर तीखे सवाल उठाए जा सकते हैं। बिलौटी में कथित पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी के एनकाउंटर का मामला भी विपक्ष के एजेंडे में शामिल रहने की संभावना है। वहीं, सत्ता पक्ष भी सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को सदन में रखकर विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति बना रहा है।
सत्र का पूरा कार्यक्रम
अष्टादश बिहार विधानसभा के इस तीसरे सत्र के लिए तय कार्यक्रम के मुताबिक, 20 जुलाई को पहले दिन नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण (यदि आवश्यक हुआ) होगा। इसी दिन राज्यपाल द्वारा जारी अध्यादेशों की प्रतियां सदन के पटल पर रखी जाएंगी और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पहली अनुपूरक व्यय विवरणी भी पेश की जाएगी।
इसके बाद 21 और 22 जुलाई को राजकीय विधेयकों और अन्य सरकारी कार्यों पर चर्चा होगी। 23 जुलाई का दिन अनुपूरक व्यय विवरणी पर वाद-विवाद, मतदान और संबंधित विनियोग विधेयक को पारित करने के लिए निर्धारित किया गया है। सत्र के अंतिम दिन, 24 जुलाई को, गैर-सरकारी सदस्यों के कार्यों, विशेषकर गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा की जाएगी।
इनपुट: IANS



