पूर्वोत्तर में नशे पर बड़ी कार्रवाई: त्रिपुरा और मिजोरम से 11.30 करोड़ रुपये के ड्रग्स बरामद
पूर्वोत्तर के दो राज्यों त्रिपुरा और मिजोरम में सुरक्षा बलों ने नशा-विरोधी अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। असम राइफल्स ने अलग-अलग कार्रवाइयों में 11.30 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नशीले पदार्…
पूर्वोत्तर के दो राज्यों त्रिपुरा और मिजोरम में सुरक्षा बलों ने नशा-विरोधी अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। असम राइफल्स ने अलग-अलग कार्रवाइयों में 11.30 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ये अभियान ‘स्पीयर कॉर्प्स’ के तहत चलाए गए, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर को नशा मुक्त बनाना और युवाओं को इसके चंगुल से बचाना है।
मिजोरम के चंपाई जिले में हुई कार्रवाई के दौरान 8.80 करोड़ रुपये की 11 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद की गईं। वहीं, त्रिपुरा के खोवाई जिले में कस्टम विभाग के साथ एक संयुक्त अभियान में 2.50 करोड़ रुपये मूल्य का 501 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। यह इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों की लगातार बढ़ती सक्रियता का प्रमाण है, क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले 9 अक्टूबर को भी एक बड़ी कार्रवाई की गई थी।
त्रिपुरा में 18 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा गांजा
रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि त्रिपुरा में खुफिया जानकारी और लगातार निगरानी के बाद यह ऑपरेशन चलाया गया। संयुक्त टीम ने पश्चिम सोनातला इलाके से एक संदिग्ध वाहन का पीछा करना शुरू किया। लगभग 18 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद टीम ने पश्चिम त्रिपुरा और खोवाई जिले की सीमा पर स्थित हेजामारा ब्लॉक के पास बैकुंठपुर गांव में वाहन को रोका। हालांकि, वाहन चालक मौके से भागने में सफल रहा, लेकिन गाड़ी से 501 किलोग्राम गांजा बरामद कर लिया गया।
नशे की खेती और तस्करी का नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, त्रिपुरा में गांजे की अवैध खेती को नष्ट करने के लिए राज्य पुलिस, असम राइफल्स और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) मिलकर लगातार अभियान चलाते हैं, खासकर बांग्लादेश की सीमा से लगे सेपाहिजाला जिले में। एक अधिकारी ने बताया कि त्रिपुरा में उगाए जाने वाले सूखे गांजे की खपत स्थानीय स्तर पर कम होती है, बल्कि इसे बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तस्करी के जरिए भेजा जाता है, जहां इसकी कीमत बहुत अधिक मिलती है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे ड्रग्स सिंडिकेट को तोड़ने के लिए लगातार सक्रिय हैं।
इनपुट: IANS



