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सहरसा के कोपड़िया गांव में नशे के खिलाफ जनआंदोलन: ग्रामीणों ने बनाया 20 युवाओं का ‘नशा मुक्त दस्ता’, व्यापारी-सप्लायर को करेंगे पुलिस के हवाले – Saharsa News

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सहरसा के कोपड़िया गांव में नशे के खिलाफ जनआंदोलन:  ग्रामीणों ने बनाया 20 युवाओं का ‘नशा मुक्त दस्ता’, व्यापारी-सप्लायर को करेंगे पुलिस के हवाले – Saharsa News

सहरसा के कोपड़िया गांव में नशे के खिलाफ जनआंदोलन: ग्रामीणों ने बनाया 20 युवाओं का ‘नशा मुक्त दस्ता’, व्यापारी-सप्लायर को करेंगे पुलिस के हवाले – Saharsa News

सहरसा के सलखुआ प्रखंड स्थित कोपड़िया गांव के ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ एकजुट होकर अभियान शुरू किया है। मंगलवार को उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोपड़िया के प्रांगण में हुई एक बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों ने गांव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया।

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बैठक में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। तय किया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति गांव में शराब, गांजा, चरस, कोरेक्स या किसी भी अन्य नशीले पदार्थ का व्यापार या सेवन करता पाया जाता है, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी पंचायत प्रतिनिधि या जनप्रतिनिधि नशे से जुड़े व्यक्तियों का पक्ष नहीं लेगा।

20 युवाओं की निगरानी टीम गठित

इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 20 युवाओं की एक विशेष निगरानी टीम का गठन किया गया है, जिसे “नशा मुक्त दस्ता” नाम दिया गया है। इस टीम का मुख्य उद्देश्य गांव में नशे से संबंधित हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखना और संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को देना होगा।

“नशा मुक्त दस्ता” के सदस्यों में शशि भूषण कुमार, रविन कुमार, आशुतोष कुमार, संजय कुमार, राजेश कुमार, श्रीलाल यादव, अजय कुमार, पांडव कुमार, बबलू कुमार, सारजन कुमार, अर्जुन कुमार, अमर कुमार, राजाराम, कपलेश कुमार, अशोक राम, रौशन कुमार, सत्यम कुमार, विकास कुमार, हरि मोहन राम और नीतीश कुमार शामिल हैं।

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इन सभी युवाओं ने ग्रामीणों के सामने शपथ ली कि वे बिना किसी जातीय, धार्मिक या सामाजिक भेदभाव के, निष्पक्षता और ईमानदारी से गांव को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराने की दिशा में कार्य करेंगे।

ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ एकजुट होकर अभियान शुरू किया है।

गांव में नहीं होगा नशे का कारोबार

ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि अब गांव में किसी भी प्रकार का नशे का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नशे के व्यापारी या सप्लायर के रूप में किसी व्यक्ति की पहचान होते ही उसे तुरंत प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि नशे ने कई घरों और परिवारों को बर्बाद कर दिया है, जिसके कारण यह कदम उठाया गया है।

बैठक में वासुदेव यादव, राजधर यादव, अरुण यादव, शत्रुघ्न यादव, राजाराम राय, हरि नारायण यादव, नारायण यादव, अमर आनंद, राजेश कुमार, आशुतोष कुमार, पिंटू यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि नशा मुक्त अभियान केवल एक मुहिम नहीं, बल्कि समाज सुधार की दिशा में जन आंदोलन बनेगा।

बच्चों को नशे की बर्बादी से बचाने की अपील

ग्रामीण राजधर यादव ने कहा“अब वक्त आ गया है कि हम अपने बच्चों को नशे की बर्बादी से बचाएं। सरकार से पहले हमें खुद जिम्मेदारी निभानी होगी।”वहीं युवा शशि भूषण कुमार ने कहा“हमारी टीम हर समय गांव में सक्रिय रहेगी। किसी को भी नशा करने या बेचने की इजाजत नहीं दी जाएगी।ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से भी इस मुहिम में सहयोग की अपेक्षा जताई है।

उन्होंने मांग की कि नशा मुक्त दस्ता को कानूनी सहयोग और मार्गदर्शन मिले, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की बाधा न आए। कोपड़िया गांव का यह कदम पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। अगर समाज खुद जागरूक हो जाए, तो नशे जैसी बुराई को खत्म करना कठिन नहीं।

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