मेरठ में 126वां अग्रवाल परिचय सम्मेलन हुआ सम्पन्न: वैश्य समाज के युवाओं को व्यापारिक जड़ों से जोड़े रखना एकमात्र उद्देश्य – Meerut News h3>
अग्रवाल परिचय सम्मेलन का 126वां आयोजन
अग्रवाल परिचय सम्मेलन का 126वां आयोजन शारदा रोड स्थित नारायण भवन में धूमधाम से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर 500 से अधिक युवक-युवतियों ने पंजीकरण कराया, और 200 से ज्यादा परिवार आपस में जुड़े। कार्यक्रम में अग्रवाल पत्रिका परिवार परिचय पत्रिका का विमोचन भी
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वैश्य समाज की पहचान व्यापार से है, और इसे संरक्षित करने की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी की है
मुख्य अतिथि व अग्रवाल परिचय सम्मेलन के अध्यक्ष श्री राजेश एरन ने कहा कि बड़े संस्थानों में नौकरी का दबाव और तनाव परिवारों में बिखराव का कारण बन रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि वैश्य परिवारों की लड़कियां नौकरीपेशा के बजाय व्यापारी वर को चुनें, ताकि सामाजिक और पारिवारिक ढांचा मजबूत रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्य समाज की पहचान व्यापार से है, और इसे संरक्षित करने की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी की है।
परिचय पत्रिका का विमोचन कार्यक्रम में अग्रवाल परिचय पत्रिका का विमोचन भी हुआ। इस पत्रिका का उद्देश्य वैश्य समाज के उन युवाओं को प्रेरित करना है, जो मल्टीनेशनल कंपनियों में काम कर रहे हैं। पत्रिका के माध्यम से उन्हें अपने समाज और पारिवारिक व्यापार से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
कार्यक्रम में अग्रवाल परिचय पत्रिका का विमोचन भी हुआ
पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रभारी श्री अनिल जिंदल ने कहा कि वैश्य समाज की पहचान व्यापार से है। यदि वैश्य युवा नौकरी को प्राथमिकता देंगे, तो समाज का सामाजिक ताना-बाना कमजोर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज वही है, जो दूसरों को रोजगार देता है और उनके परिवारों का भरण-पोषण करता है।
200 परिवारों का आपसी जुड़ाव
500 से अधिक युवक-युवतियों और 200 से ज्यादा परिवारों ने कार्यक्रम में भाग लिया
इस आयोजन में 500 से अधिक युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया, और 200 से ज्यादा परिवारों ने आपसी रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया। यह आयोजन ग्वालियर मूल की संस्था अग्रवाल परिचय सम्मेलन द्वारा आयोजित किया गया, जो हर महीने देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती है। इस अवसर पर देवेंद्र गोयल, जयकरण गुप्त, मुकेश बंसल, आयुष जिंदल, अमित गुप्ता, नवनीत गर्ग, राजीव गुप्ता, बी डी गुप्त, राकेश गर्ग, मुकेश गुप्त आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल वैवाहिक रिश्तों को जोड़ने का मंच बना, बल्कि वैश्य समाज को अपनी सांस्कृतिक और व्यापारिक विरासत से जोड़े रखने का भी एक प्रभावी प्रयास रहा



