माखुपुरा-कचरे पर अजमेर कलेक्टर समेत 9 अफसरों को नोटिस: NGT ने 4 सप्ताह में मांगा जवाब, याचिकाकर्ता बोला- 6 महीने में पूरा होना था काम – Ajmer News h3>
अजमेर के माखुपुरा ट्रेंचिंग ग्राउंड में पुराने कचरे के निस्तारण में देरी पर कलेक्टर समेत 9 अफसरों को नोटिस जारी किया है। NGT की सेंट्रल जोन बेंच (भोपाल) ने इस मामले में 4 हफ्ते में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 21 अप्रैल को रखी है। याचिकाकर्ता अशोक मलिक का कहा- NGT ने 7 जुलाई 2023 को कचरा निस्तारण का काम 6 महीने में पूरा करने का आदेश दिया था, लेकिन अजमेर नगर निगम ने अब तक इस आदेश का पालन नहीं किया है। कचरा निस्तारण की समय-सीमा 7 जनवरी 2024 को खत्म हो गई थी, परंतु आज तक आदेश का पालन नहीं हुआ।
कार्य अभी अधूरा मलिक ने बताया कि अजमेर नगर निगम के रिकॉर्ड से ही पता चलता है कि कचरा निस्तारण का काम अभी अधूरा है। याचिका के अनुसार, निगम के रिकॉर्ड में पुराने कचरे की बची हुई मात्रा को लेकर अलग-अलग आंकड़े दिए गए हैं। एक तरफ लगभग 3.36 लाख घनमीटर कचरा बताया गया है। 3.30 लाख घनमीटर तक निस्तारण का दावा किया गया है, तो वहीं दूसरी तरफ 4,44,150 घनमीटर कचरा बचा होने या केवल 30,000 घनमीटर कचरा बचा होने जैसी अलग-अलग बातें दर्ज हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि 11 दिसंबर 2025 को बचे हुए कचरे के निस्तारण और माखुपुरा जमीन को वापस पाने के लिए नया टेंडर जारी करना भी दिखाता है कि काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। प्रदूषण का खतरा बना हुआ याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि माखुपुरा में पुराने कचरे को साफ करते समय, उसी जगह पर लगातार नया कचरा डाला जा रहा है, जिससे कचरा निस्तारण का पूरा काम प्रभावित हो रहा है। नए कचरे को पुराने कचरे के ऊपर डालने से यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि वास्तव में कितना पुराना कचरा हटाया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार, यह बात खुद अधिकारियों ने मानी है कि लगातार नया कचरा डाला जा रहा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि उस जगह पर अभी भी कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं, गंदा पानी बह रहा है और प्रदूषण का खतरा बना हुआ है। इनको जारी किया गया नोटिस याचिका में जिन प्रतिवादियों को पक्षकार बनाया गया है। इनमें अजमेर नगर निगम के आयुक्त, राजस्थान सरकार, स्थानीय स्वशासन विभाग के सचिव, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला कलेक्टर अजमेर, अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के जिला अधीक्षण अभियंता एवं प्रभारी अधिकारी, पर्यावरण एवं अपशिष्ट जल विशेषज्ञ अरविंद कुमार अजमेरा, अजमेर नगर निगम के सहायक अभियंता एवं पर्यावरण विशेषज्ञ, और ओ.पी. धिन्डवाल, कार्यपालक अभियंता (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉनिटरिंग) शामिल हैं। इन सभी को नोटिस जारी किए हैं। अफसरों की जिम्मेदारी तय कर हो कार्रवाई याचिकाकर्ता ने NGT से मांग की है कि 7 जुलाई 2023 के अंतिम आदेश को सख्ती से लागू कराया जाए, माखुपुरा में लीगेसी वेस्ट क्षेत्र पर ताजा कचरा डालना तुरंत रोका जाए, स्वतंत्र वैज्ञानिक सत्यापन कराया जाए और आदेश की अवहेलना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाए। पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति, बहाली, तथा आवश्यक होने पर दंडात्मक कार्रवाई की भी प्रार्थना की गई है। — अजमेर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…
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