मंदसौर के केशव ने शुरू की ‘ग्रीन फ्लेम रिवॉल्यूशन’: एक हजार परिवारों और सौ व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को मिल रहा लाभ – Mandsaur News h3>
मंदसौर के युवा केशव बैरागी ने ‘मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना’ के तहत ‘वैष्णव ग्रीन फ्लेम रिवॉल्यूशन’ शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य हर घर तक सस्ती, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल रसोई ऊर्जा पहुंचाना है।
.
बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई के दौरान केशव ने “सेव एनर्जी-ग्रो नेशन” मिशन शुरू किया था। उन्होंने 140 वॉट पर चलने वाली ऊर्जा-संरक्षण कपड़ा प्रेस का भी आविष्कार किया था। वर्ष 2022 में, उन्हें मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 9.5 लाख रुपए का ऋण मिला, जिससे उन्होंने अपने मिशन को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाया।
वर्तमान में, उनके मॉडल का उपयोग एक हजार से अधिक परिवार और सौ से अधिक व्यवसायिक प्रतिष्ठान कर रहे हैं। यह तकनीक एलपीजी की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत कम लागत पर खाना पकाने में मदद करती है।
‘ग्रीन फ्लेम रिवॉल्यूशन’ कृषि अवशेषों से बने बायो-कोल पैलेट्स पर आधारित है, जो पूरी तरह कार्बन-न्यूट्रल हैं। यह मॉडल न केवल ऊर्जा बचत का साधन है, बल्कि किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है।
ईंधन पर निर्भरता कम करना लक्ष्य केशव के अनुसार, इस पहल के तीन मुख्य उद्देश्य हैं: शून्य कार्बन उत्सर्जन, ग्रामीण सशक्तिकरण और एलपीजी जैसे आयातित ईंधनों पर निर्भरता कम करना। इस मॉडल के माध्यम से किसान अपने खेतों के अवशेष बेचकर आय अर्जित कर रहे हैं।
महिलाएं आपूर्ति और फ्रेंचाइजी संचालन में शामिल हो रही हैं, जबकि युवाओं को पैलेट निर्माण और विपणन में रोजगार मिल रहा है। इस योजना के तहत मंदसौर को ‘ग्रीन फ्लेम मॉडल जिला’ बनाने का लक्ष्य है। इससे जिले के एक लाख घर हर साल लगभग एक लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करेंगे, जिससे 60 से 90 करोड़ रुपए तक की कार्बन क्रेडिट आय संभव हो सकेगी।
यह मॉडल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) जैसे स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई और महिला सशक्तिकरण में सीधा योगदान देगा। मंदसौर का यह ‘ग्रीन फ्लेम मॉडल’ अब देशभर के लिए प्रेरणा बन रहा है, जो यह दर्शाता है कि छोटे गांवों से भी एक बड़ी ऊर्जा क्रांति की शुरुआत हो सकती है।
