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भाजपा से मोहभंग, सपा नेताओं से बढ़ीं नजदीकियां: रत्नेश गंगवार बोले- अब पार्टी के साथ नहीं रहूंगा, धर्मेंद्र यादव और आदित्य यादव से मुलाकात की तस्वीरें आईं – Pilibhit News

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भाजपा से मोहभंग, सपा नेताओं से बढ़ीं नजदीकियां:  रत्नेश गंगवार बोले- अब पार्टी के साथ नहीं रहूंगा, धर्मेंद्र यादव और आदित्य यादव से मुलाकात की तस्वीरें आईं – Pilibhit News

भाजपा से मोहभंग, सपा नेताओं से बढ़ीं नजदीकियां: रत्नेश गंगवार बोले- अब पार्टी के साथ नहीं रहूंगा, धर्मेंद्र यादव और आदित्य यादव से मुलाकात की तस्वीरें आईं – Pilibhit News


पीलीभीत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और बीसलपुर विधानसभा सीट से लंबे समय से सक्रिय रत्नेश गंगवार के बयानों ने जिले की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ उनकी हालिया मुलाकातों के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके पाला बदलने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में रत्नेश गंगवार की समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और शिवपाल सिंह यादव के पुत्र आदित्य यादव से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। तस्वीरों के सामने आने के बाद उनके सपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। बोले- अब भाजपा के साथ नहीं रहूंगा शुक्रवार शाम मीडिया से बातचीत में रत्नेश गंगवार ने भाजपा नेतृत्व के प्रति नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब वह भाजपा के साथ नहीं रहेंगे। गंगवार ने कहा कि उन्होंने उस दौर में भाजपा का दामन थामा था, जब प्रदेश में पार्टी की स्थिति बेहद कमजोर थी। वर्षों तक उन्होंने संगठन और प्रत्याशियों के लिए पूरी निष्ठा से काम किया, लेकिन बदले में उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। निष्ठावानों की अनदेखी का लगाया आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने हमेशा निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी की और बगावत करने वाले नेताओं को तरजीह दी। उनका कहना था कि वर्षों तक पार्टी के लिए समर्पित रहने के बावजूद उन्हें कभी उचित अवसर नहीं दिया गया। परिवारवाद के मुद्दे पर भी घेरा भाजपा के परिवारवाद विरोधी रुख पर सवाल उठाते हुए रत्नेश गंगवार ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक नारा बनकर रह गया है। उन्होंने बीसलपुर विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले विधायक रहे नेता के बेटे को टिकट देकर विधायक बनाया गया, जो परिवारवाद का ही उदाहरण है। सपा में जाने पर नहीं खोले पत्ते हालांकि, समाजवादी पार्टी में शामिल होने के सवाल पर रत्नेश गंगवार ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आगे की राजनीतिक रणनीति और किस दल में जाना है, इसका फैसला वह उचित समय पर करेंगे। जिले की राजनीति में बढ़ी हलचल रत्नेश गंगवार के इस बागी तेवर और सपा नेताओं से बढ़ती नजदीकियों ने बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र समेत पूरे पीलीभीत जिले की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। अब राजनीतिक हलकों की नजर उनके अगले कदम पर टिकी हुई है।

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