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बरगी क्रूज हादसे का मामला पहुंचा हाईकोर्ट: एमपी में क्रूज-बोट सेवाएं रोकने की मांग, भोपाल निवासी याचिकाकर्ता ने लगाई याचिका – Jabalpur News

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बरगी क्रूज हादसे का मामला पहुंचा हाईकोर्ट:  एमपी में क्रूज-बोट सेवाएं रोकने की मांग, भोपाल निवासी याचिकाकर्ता ने लगाई याचिका – Jabalpur News

बरगी क्रूज हादसे का मामला पहुंचा हाईकोर्ट: एमपी में क्रूज-बोट सेवाएं रोकने की मांग, भोपाल निवासी याचिकाकर्ता ने लगाई याचिका – Jabalpur News

मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में हुए बहुचर्चित क्रूज हादसे का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। भोपाल निवासी कमल कुमार राठी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ में जनहित याचिका दायर कर हादसे को “गंभीर प्रशासनिक लापरवाही” बताया है।

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याचिका में दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई, प्रदेशभर के वाटर स्पोर्ट्स और क्रूज संचालन का सेफ्टी ऑडिट कराने तथा जांच पूरी होने तक सभी क्रूज बोट सेवाएं बंद करने की मांग की गई है।

याचिका में कहा गया है कि 30 अप्रैल 2026 को बरगी बांध में संचालित “नर्मदा क्रूज” तेज आंधी और ऊंची लहरों के बीच पलट गई थी। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि क्रूज में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। दावा किया गया है कि बोट में 43 से 47 लोग मौजूद थे, जबकि केवल 29 टिकट जारी किए गए थे।

अलर्ट के बावजूद संचालक नहीं रोका

पिटीशन में यह भी कहा गया है कि मौसम विभाग ने 29 अप्रैल को ही तेज हवाओं और खराब मौसम का अलर्ट जारी कर दिया था, इसके बावजूद क्रूज़ संचालन नहीं रोका गया। यात्रियों को यात्रा शुरू होने से पहले लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गईं। एक महिला यात्री के हवाले से याचिका में उल्लेख किया गया है कि नाव में पानी भरने के बाद आनन-फानन में लाइफ जैकेट बांटी गई थीं।

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जनहित याचिका में राज्य सरकार, एमपी टूरिज्म बोर्ड, आईडब्ल्यूएआई, जबलपुर कलेक्टर और एसपी सहित 8 पक्षकार बनाए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह हादसा Inland Vessels Act-2021 और NDMA की Boat Safety Guidelines-2017 के उल्लंघन का परिणाम है।

सुरक्षा ऑडिट की मांग

याचिका में हाईकोर्ट से मांग की गई है कि प्रदेश के सभी जल पर्यटन स्थलों पर संचालित क्रूज़, हाउस बोट और मोटर बोट सेवाओं का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, राज्य स्तरीय सुरक्षा नियम लागू किए जाएं और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

पिटीशन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बरगी बांध वेटलैंड क्षेत्र में आता है। एनजीटी ने वर्ष 2023 में ऐसे क्षेत्रों में मोटर चालित क्रूज़ संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। इसके बावजूद यहां संचालन जारी रखा गया। मामले में हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई होने की संभावना है।

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कोर्ट बोला- क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR हो

जबलपुर की कोर्ट ने बरगी डैम हादसे में क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR के निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर कहा- पायलट ने लापरवाही से क्रूज चलाया, जिससे हादसा हुआ और कई लोगों की मौत हो गई।पूरी खबर पढ़ें

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