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फ्लैट-प्लॉट खरीदने वालों के लिए बड़ी चेतावनी: रेरा नियमों की अनदेखी करने वाले बिल्डरों पर होगा शिकंजा, सैटेलाइट निगरानी में 29 संदिग्ध रियल एस्टेट प्रोजेक्ट – Patna News
फ्लैट-प्लॉट खरीदने वालों के लिए बड़ी चेतावनी: रेरा नियमों की अनदेखी करने वाले बिल्डरों पर होगा शिकंजा, सैटेलाइट निगरानी में 29 संदिग्ध रियल एस्टेट प्रोजेक्ट – Patna News h3>
पटना समाहरणालय में आज डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेरा बिहार, जिला प्रशासन और नगर निकायों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान रेरा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और उपभोक्ताओं के सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की गई। रेरा नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रेरा के प्रावधान रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। बिल्डर, डेवलपर, प्रोमोटर, नगर निकायों के अधिकारी और आम नागरिक सभी को इन नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पटना तेजी से विकसित हो रहा है, इसलिए लोगों को रेरा नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। फ्लैट और प्लॉट खरीदने वालों को मिला अहम संदेश जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी आवासीय परियोजना जिसमें 8 से अधिक फ्लैट हों या जिसकी जमीन 500 वर्गमीटर से अधिक हो, उसका रेरा में पंजीकरण अनिवार्य है। इसी तरह 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में विकसित प्लॉटिंग परियोजनाओं का भी रेरा पंजीकरण आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि फ्लैट या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित परियोजना का रेरा पंजीकरण नंबर जरूर जांचें। बिना पंजीकरण वाले प्रोजेक्ट में निवेश करने पर खरीदारों का पैसा फंस सकता है और ऐसे प्लॉटों के दाखिल-खारिज तथा निबंधन पर भी रोक लग सकती है। धोखाधड़ी करने वाले बिल्डरों को जेल तक हो सकती है जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई बिल्डर या डेवलपर बिना रेरा पंजीकरण के प्लॉट या फ्लैट बेचता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ जेल की सजा भी हो सकती है। जनता दरबार में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां लोगों के साथ जमीन और फ्लैट खरीदने में धोखाधड़ी की गई होती है। सैटेलाइट तकनीक से हो रही निगरानी बैठक में बताया गया कि रेरा बिहार और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से सैटेलाइट इमेजरी आधारित निरीक्षण (Imagery Based Inspection-IBI) अभियान चला रहे हैं। इसके तहत सैटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से ऐसे निर्माण परियोजनाओं की पहचान की जाती है, जो रेरा नियमों का उल्लंघन कर रही होती हैं। पटना में दानापुर-शिवाला-कन्हौली रोड, मीठापुर एलिवेटेड बाईपास से पुनपुन होते हुए सम्पतचक और एम्स से नौबतपुर तक के क्षेत्रों में संयुक्त निरीक्षण किया गया है। जिलाधिकारी ने जांच दलों को समय पर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। लोगों को जागरूक करने के लिए चलेंगे अभियान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित कर लोगों को रेरा कानून की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि फ्लैट और प्लॉट खरीदने वालों को अपने अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के बारे में जानकारी होना जरूरी है। रेरा जांच आयुक्त ने मांगा जिला प्रशासन का सहयोग बैठक में रेरा जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह ने कहा कि रेरा कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने में जिला प्रशासन और नगर निकायों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके सहयोग के बिना नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करना संभव नहीं है। बिहार के कई जिलों में कार्रवाई, पटना में 29 संदिग्ध प्रोजेक्ट चिन्हित रेरा बिहार के अनुसार, सैटेलाइट आधारित जांच अभियान के तहत सारण में 18, भागलपुर में 9, पूर्णिया में 5, दरभंगा में 19 और मुजफ्फरपुर में 11 बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं पटना में अब तक 29 ऐसे बिल्डरों और परियोजनाओं की पहचान की गई है, जिन पर रेरा नियमों के उल्लंघन का संदेह है। अब रेरा और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें इन परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटा रही हैं, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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